Zepto IPO: भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Zepto अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर चुकी है। कंपनी करीब ₹8,010 करोड़ का IPO लेकर आ रही है। पिछले कुछ वर्षों में Zepto ने 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी के दम पर तेजी से अपनी पहचान बनाई है, लेकिन कंपनी की DRHP (Draft Red Herring Prospectus) में कई ऐसे जोखिम भी सामने आए हैं, जिन पर निवेशकों को जरूर ध्यान देना चाहिए।
एक तरफ कंपनी का कारोबार और रेवेन्यू तेज़ी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसका घाटा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा बढ़ती लागत, डिलीवरी समय में इजाफा और कैश की जरूरत जैसे कई फैक्टर निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। आइए जानते हैं Zepto IPO से जुड़े वे बड़े जोखिम, जो निवेश का फैसला लेने से पहले समझना बेहद जरूरी हैं।
Highlights
- FY26 में Zepto का घाटा बढ़कर ₹5,905 करोड़ पहुंचा।
- ₹8,010 करोड़ का IPO लाने जा रही है कंपनी।
- डिलीवरी समय 10.5 मिनट से बढ़कर 11-12 मिनट हुआ।
- पुराने डार्क स्टोर के किराए पर ₹1,735 करोड़ खर्च होंगे।
- Blinkit मुनाफे में, जबकि Zepto अभी भी प्रति ऑर्डर नुकसान उठा रही है।
तेजी से बढ़ी कमाई, लेकिन घाटा भी रिकॉर्ड स्तर पर
Zepto ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार ग्रोथ दर्ज की। कंपनी का रेवेन्यू 100% से अधिक बढ़कर ₹22,623 करोड़ हो गया। हालांकि इसके साथ-साथ उसका घाटा भी बढ़कर ₹5,905 करोड़ तक पहुंच गया।
यानी कंपनी का कारोबार तेजी से फैल रहा है, लेकिन अभी तक वह मुनाफा कमाने में सफल नहीं हो पाई है। निवेशकों के लिए यह सबसे बड़ा जोखिम माना जा रहा है क्योंकि भविष्य में भी कंपनी को बड़े निवेश और नकदी की जरूरत पड़ सकती है।
IPO के पैसों से नए स्टोर कम, पुराने स्टोर का किराया ज्यादा
आमतौर पर निवेशक उम्मीद करते हैं कि IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल विस्तार और नई परियोजनाओं में होगा। लेकिन Zepto के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग है।
कंपनी IPO से मिलने वाली राशि का लगभग ₹1,735 करोड़ पहले से चल रहे डार्क स्टोर के किराए के भुगतान में खर्च करेगी। वहीं करीब ₹1,629 करोड़ नए डार्क स्टोर विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे।
इससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा स्टोर नेटवर्क को बनाए रखने की लागत भी काफी अधिक है।
स्टोर बढ़े, लेकिन डिलीवरी पहले जितनी तेज नहीं रही
Zepto की पहचान 10 मिनट डिलीवरी मॉडल से बनी थी। कंपनी ने दो वर्षों में अपने डार्क स्टोर की संख्या 337 से बढ़ाकर 1,139 कर दी।
इसके बावजूद औसत डिलीवरी समय पहले के 10.5 मिनट से बढ़कर 11 से 12 मिनट हो गया है।
यानी विस्तार के बावजूद ग्राहक अनुभव में पहले जैसी तेजी नहीं रही। यदि भविष्य में यह ट्रेंड जारी रहता है तो कंपनी की प्रतिस्पर्धी बढ़त प्रभावित हो सकती है।
ग्राहकों की संख्या घटी, लेकिन ऑर्डर बढ़े
कंपनी के अनुसार FY26 में कुल ग्राहकों की संख्या बढ़ी, लेकिन अंतिम तिमाही में एक्टिव ग्राहकों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि अच्छी बात यह रही कि प्रति ग्राहक ऑर्डर की संख्या बढ़ गई। इसका मतलब है कि मौजूदा ग्राहक पहले की तुलना में अधिक बार खरीदारी कर रहे हैं।
यह ट्रेंड सकारात्मक जरूर है, लेकिन नए ग्राहकों की ग्रोथ धीमी पड़ना भविष्य में चिंता का विषय बन सकता है।
कैश फ्लो सुधरा, लेकिन पूरी कहानी अलग है
Zepto ने अपने कैश फ्लो में सुधार जरूर दर्ज किया है, लेकिन इसका पूरा श्रेय केवल बिजनेस ऑपरेशन को नहीं जाता।
कंपनी की नकदी स्थिति बेहतर होने में पहले से उपलब्ध फंड पर मिलने वाले ब्याज और निवेश से हुई कमाई का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसलिए केवल ऑपरेटिंग बिजनेस के आधार पर कंपनी की वित्तीय स्थिति का आकलन करना सही नहीं होगा।
गिग वर्कर्स के नए नियम बढ़ा सकते हैं खर्च
भारत सरकार गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए नए सामाजिक सुरक्षा नियम लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
यदि भविष्य में कंपनियों को डिलीवरी पार्टनर्स के लिए अतिरिक्त योगदान देना पड़ा, तो Zepto की लागत और बढ़ सकती है। इसका सीधा असर कंपनी की लाभप्रदता पर पड़ सकता है।
अतिरिक्त फीस विवाद भी बना जोखिम
Zepto पर ग्राहकों को बिना स्पष्ट जानकारी दिए अतिरिक्त शुल्क जोड़ने के आरोप भी लगे थे।
इस मामले में कंपनी पर ₹7 लाख का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि कंपनी ने इस फैसले को चुनौती दी है और मामला अभी विचाराधीन है।
ऐसे नियामकीय विवाद भविष्य में कंपनी के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
Blinkit और Instamart से कड़ी प्रतिस्पर्धा
भारत के क्विक कॉमर्स बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
Zepto ने लगभग समान संख्या के स्टोर के बावजूद Swiggy Instamart की तुलना में करीब दोगुने ऑर्डर पूरे किए हैं, लेकिन बाजार में Blinkit अब भी सबसे मजबूत खिलाड़ी बनी हुई है।
सबसे अहम बात यह है कि Blinkit प्रति ऑर्डर मुनाफा कमाने लगी है, जबकि Zepto अभी भी हर ऑर्डर पर नुकसान उठा रही है। ऐसे में कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने बढ़ते ऑर्डर को लाभदायक कारोबार में बदलने की होगी।
क्या Zepto IPO में निवेश करना चाहिए?
Zepto ने बेहद कम समय में क्विक कॉमर्स सेक्टर में मजबूत पहचान बनाई है और उसकी ग्रोथ प्रभावशाली रही है। लेकिन कंपनी अभी भी भारी घाटे, ऊंची लागत, लगातार कैश की जरूरत और बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।
ऐसे में निवेशकों को केवल तेज रेवेन्यू ग्रोथ देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि DRHP में बताए गए सभी जोखिमों और कंपनी की भविष्य की लाभप्रदता पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी IPO या शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के DRHP, वित्तीय स्थिति और जोखिमों का अध्ययन करें तथा आवश्यकता होने पर किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।


