नई दिल्ली: भारत की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ब्राजील की IBV Brasil Petroleo Ltda में बची हुई 39.14% हिस्सेदारी करीब 2,312 करोड़ रुपये में खरीद ली है। इस सौदे के बाद BPCL की सहायक कंपनी भारत पेट्रो-रिसोर्सेज लिमिटेड (BPRL) अब IBV की 100% मालिक बन गई है।
यह अधिग्रहण भारत की विदेशी तेल और गैस संपत्तियों को बढ़ाने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इससे BPCL को भविष्य में अतिरिक्त इक्विटी ऑयल और गैस उत्पादन का लाभ मिलेगा, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
Highlights
- BPCL ने ब्राजील की IBV Brasil Petroleo में 100% स्वामित्व हासिल किया।
- बची हुई 39.14% हिस्सेदारी 2,312 करोड़ रुपये में खरीदी।
- भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बड़ा सहारा।
- BM-SEAL-11 ब्लॉक से भविष्य में लगभग 1 Mtoe वार्षिक उत्पादन की संभावना।
- विदेशी अपस्ट्रीम कारोबार में BPCL की मौजूदगी और मजबूत होगी।
2,312 करोड़ रुपये में पूरी हुई डील
BPCL ने बताया कि यह अधिग्रहण उसकी अपस्ट्रीम इकाई भारत पेट्रो-रिसोर्सेज लिमिटेड (BPRL) और उसकी स्टेप-डाउन सहायक कंपनियों के माध्यम से किया गया। पहले BPRL के पास IBV में 60.86% हिस्सेदारी थी, जबकि अब शेष 39.14% हिस्सेदारी खरीदने के बाद कंपनी पूरी तरह BPCL समूह के नियंत्रण में आ गई है।
पूरा लेनदेन कैश ट्रांजैक्शन के जरिए किया गया है।
‘राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल’ का किया इस्तेमाल
BPCL ने अपने बयान में बताया कि BPRL ने शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट के तहत मौजूद Right of First Refusal (ROFR) का उपयोग किया। इसके तहत वीडियोकॉन समूह की हिस्सेदारी खरीदने का पहला अधिकार BPRL के पास था।
ब्राजील की नियामक संस्थाओं से आवश्यक मंजूरी और रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद यह अधिग्रहण 1 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा फायदा
यह सौदा केवल एक कॉर्पोरेट अधिग्रहण नहीं बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IBV ब्राजील में कई तेल और गैस कंसेशन में हिस्सेदारी रखती है। अब BPCL को इन परियोजनाओं से मिलने वाले Equity Oil & Gas पर पूरा अधिकार मिलेगा। इससे भविष्य में भारत के लिए विदेशी स्रोतों से ऊर्जा उपलब्धता और मजबूत होगी।
सरकार के DIPAM और नीति आयोग से इस अधिग्रहण के लिए आवश्यक मंजूरियां पहले ही प्राप्त कर ली गई थीं।
अधिग्रहण से पहले हिस्सेदारी क्यों घटी?
BPCL ने जानकारी दी कि इस सौदे से पहले Debt to Equity Conversion की प्रक्रिया हुई थी। इसके चलते BPRL की हिस्सेदारी 65.40% से घटकर 60.86% रह गई थी।
इसके बाद बची हुई हिस्सेदारी खरीदकर कंपनी ने IBV को पूरी तरह अपनी सहायक कंपनी बना लिया।
IBV के पास कौन-कौन से तेल और गैस ब्लॉक हैं?
IBV Brasil Petroleo Ltda के पास ब्राजील के दो महत्वपूर्ण अपस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी है।
- BM-SEAL-11 Oil & Gas Concession
- BM-C-30 Oil & Gas Concession
इन परियोजनाओं को भविष्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BM-SEAL-11 से बढ़ेगा उत्पादन
BPCL के अनुसार, BM-SEAL-11 ब्लॉक से उत्पादन शुरू होने के बाद कंपनी के वार्षिक Equity Production में लगभग 1 Million Tonnes of Oil Equivalent (1 Mtoe) की बढ़ोतरी हो सकती है।
इस ब्लॉक में:
- IBV की हिस्सेदारी 40% है।
- शेष 60% हिस्सेदारी Petrobras के पास है।
यह परियोजना अभी विकास (Development) चरण में है। इसके लिए Floating Production Storage and Offloading (FPSO) यूनिट का कॉन्ट्रैक्ट मई 2026 में साइन किया जा चुका है।
BPCL की विदेशी रणनीति को मिलेगी मजबूती
पिछले कुछ वर्षों में BPCL लगातार विदेशी तेल और गैस संपत्तियों में निवेश बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य केवल घरेलू रिफाइनिंग तक सीमित रहना नहीं बल्कि तेल और गैस के उत्पादन (Upstream Business) में भी मजबूत उपस्थिति बनाना है।
ब्राजील दुनिया के प्रमुख डीप-वॉटर ऑयल उत्पादक देशों में शामिल है। ऐसे में वहां पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई बनने से BPCL को भविष्य में उत्पादन, तकनीकी विकास और नए अवसरों का फायदा मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
इस अधिग्रहण से BPCL को भविष्य में स्थिर इक्विटी ऑयल उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, विदेशी परियोजनाओं में निवेश के साथ वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें, उत्पादन लागत, नियामकीय मंजूरियां और भू-राजनीतिक जोखिम भी जुड़े रहते हैं।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


