Nestle Plans for India: नेस्ले के सीईओ फिलिप नवरातिल ने भारतीय बाजार को कंपनी के लिए बेहद आकर्षक बताया है। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले समय में रेवेन्यू के लिहाज से नेस्ले के टॉप-5 ग्लोबल मार्केट्स में शामिल हो सकता है। बढ़ती खपत, शहरीकरण, मिडिल क्लास का विस्तार और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की रणनीति के प्रमुख आधार हैं।
नई दिल्ली: स्विस फूड और बेवरेज दिग्गज नेस्ले (Nestle) भारत को लेकर अपनी रणनीति को और आक्रामक बनाने की तैयारी में है। कंपनी के सीईओ फिलिप नवरातिल ने भारतीय बाजार को लेकर बड़ा भरोसा जताते हुए कहा है कि निकट भविष्य में भारत रेवेन्यू के मामले में नेस्ले के टॉप-5 बाजारों में शामिल हो सकता है।
नेस्ले के लिए भारत पहले से ही दुनिया के 10 सबसे बड़े बाजारों में शामिल है। 2026 की पहली छमाही में ग्रोथ के लिहाज से भी भारत कंपनी के सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले बाजारों में रहा। ऐसे में कंपनी अब भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।
टॉप-5 में भारत की एंट्री क्यों अहम?
फिलिप नवरातिल के मुताबिक, भारत को टॉप-5 मार्केट बनाने का लक्ष्य कोई कई दशकों में पूरा होने वाली महत्वाकांक्षा नहीं है। कंपनी इसे अपेक्षाकृत जल्द हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य मान रही है।
उन्होंने भारत के बड़े बाजार, बढ़ते उपभोक्ता आधार और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को नेस्ले के लिए सबसे बड़े आकर्षण में शामिल किया। इसके अलावा तेजी से बढ़ता शहरीकरण और मध्यम वर्ग भी अलग-अलग कैटेगरी में मांग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कंपनी को उम्मीद है कि मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में निवेश के कारण भारत में ग्रोथ मुख्य रूप से वॉल्यूम बढ़ने से आएगी।
भारत को एक्सपोर्ट हब बनाने की भी तैयारी
नेस्ले भारत को सिर्फ घरेलू बाजार के तौर पर नहीं देख रही है। कंपनी अपने ग्लोबल ऑपरेशंस के लिए भारत की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट क्षमता को भी बढ़ाना चाहती है।
नेस्ले इंडिया फिलहाल 30 से अधिक देशों में अपने उत्पादों का निर्यात करती है। कंपनी को लगता है कि भारत के बड़े उत्पादन आधार का बेहतर इस्तेमाल करके वह निर्यात किए जाने वाले बाजारों की संख्या और कुल एक्सपोर्ट दोनों को बढ़ा सकती है।
इस रणनीति से भारत कंपनी के लिए घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन का भी अहम हिस्सा बन सकता है।
भारत में 9 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
नेस्ले इंडिया इस समय देश में 9 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट संचालित करती है। कंपनी ओडिशा में अपना 10वां प्लांट भी विकसित कर रही है।
नेस्ले ने 2022 में भारत के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश कार्यक्रम की घोषणा की थी। कंपनी के सीईओ ने संकेत दिया है कि अगर भारतीय बाजार ने ग्लोबल नेस्ले बिजनेस की तुलना में तेज रफ्तार से विकास जारी रखा, तो भविष्य में भारत में निवेश समूह के औसत से ज्यादा हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने नए निवेश की कोई निश्चित राशि नहीं बताई है। उनका कहना है कि कंपनी भारत में लंबे समय के विस्तार के लिए पूंजी लगाने को तैयार है।
हर प्राइस सेगमेंट में ग्रोथ पर नजर
नेस्ले की भारत रणनीति सिर्फ प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर आधारित नहीं है। कंपनी का फोकस नए उपभोक्ताओं को जोड़ने और अलग-अलग प्राइस पॉइंट पर उत्पाद उपलब्ध कराने पर है।
कंपनी को बाजार के वैल्यू और प्रीमियम दोनों सेगमेंट में अवसर दिखाई दे रहे हैं। इसके तहत ज्यादा घरों तक पहुंच बढ़ाना, प्रोडक्ट की पैठ मजबूत करना और उपभोक्ताओं को नए विकल्प उपलब्ध कराना शामिल है।
इस रणनीति का मकसद केवल कीमत बढ़ाकर बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि वास्तविक आंतरिक ग्रोथ हासिल करना है।
भारत की मजबूत डबल डिजिट ग्रोथ
नेस्ले के ग्लोबल कारोबार ने जून तिमाही के दौरान भारत में मजबूत डबल डिजिट ग्रोथ को रेखांकित किया था। एशिया, ओशिनिया और अफ्रीका क्षेत्र के प्रदर्शन में भी भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
कंपनी ने भारत के लिए कई व्यापक प्राथमिकताएं तय की हैं। इनमें प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करना, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना, बेहतर प्रदर्शन वाली कार्य संस्कृति विकसित करना और वॉल्यूम व वैल्यू के आधार पर वास्तविक आंतरिक ग्रोथ बनाए रखना शामिल है।
भारत में निवेश को लेकर पीएम मोदी से भी चर्चा
सितंबर 2025 में नेस्ले एसए के सीईओ का पद संभालने वाले फिलिप नवरातिल ने इस सप्ताह की शुरुआत में नेस्ले इंडिया के एमडी मनीष तिवारी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
इस दौरान भारत में कंपनी के लगातार निवेश और देश की आर्थिक ग्रोथ में नेस्ले की भूमिका पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब कंपनी भारत को अपने भविष्य के प्रमुख ग्रोथ इंजनों में शामिल कर रही है।
114 साल से भारत में मौजूद है नेस्ले
नेस्ले करीब 114 वर्षों से भारत में कारोबार कर रही है। कंपनी का कहना है कि भविष्य की विस्तार योजनाओं में भी कंज्यूमर-फर्स्ट अप्रोच सबसे ऊपर रहेगी।
फिलिप नवरातिल ने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी केवल ग्रोथ की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रोडक्ट क्वालिटी से समझौता नहीं करेगी और न ही विस्तार योजनाओं में जल्दबाजी करेगी। नए प्रोडक्ट और ऑफरिंग को ऐसी गति से बाजार में लाया जाएगा, जिससे उपभोक्ता उन्हें आसानी से अपना सकें।
भारत क्यों बन सकता है नेस्ले का बड़ा ग्लोबल मार्केट?
भारत में बढ़ती मांग, विशाल उपभोक्ता आधार, शहरीकरण, मिडिल क्लास का विस्तार और व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क नेस्ले के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं। इसके साथ ही देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से भारत की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।
यही वजह है कि नेस्ले अब भारत को सिर्फ एक तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में नहीं, बल्कि अपने ग्लोबल बिजनेस के प्रमुख ग्रोथ सेंटर के तौर पर देख रही है। अगर मौजूदा ग्रोथ रफ्तार बनी रहती है, तो भारत आने वाले समय में नेस्ले के रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया के टॉप-5 बाजारों में शामिल हो सकता है।


