Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन अलर्ट हो गया है। महाराजगंज और कुशीनगर में नदियों के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने राहत और बचाव एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
नेपाल में आई बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी पड़ने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। इसे देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने राज्य के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगर उत्तर प्रदेश का कोई व्यक्ति नेपाल में फंसा हुआ है या उसे किसी तरह की मदद की आवश्यकता है, तो उसके परिजन हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ के कारण सड़कें और पुल प्रभावित हुए हैं। चितवन, रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में कई जगहों पर बाढ़ और तेज बहाव से आवागमन बाधित होने की खबर है।
राकेश टिकैत भी नेपाल में फंसे
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बीच फंस गए हैं। वह अपने साथियों के साथ सड़क मार्ग से नेपाल गए थे और फिलहाल पोखरा में हैं।
राकेश टिकैत ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में सड़क मार्ग से यात्रा करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि वह अगले दिन फ्लाइट से काठमांडू पहुंचेंगे और वहां से विमान के जरिए दिल्ली लौटेंगे। इसके लिए उनकी गाड़ियों को नेपाल में ही छोड़ना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों के कुछ सदस्य नेपाल में मौजूद हैं। उन्हें वहां फंसे भारतीय नागरिकों और स्थानीय लोगों की मदद करने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को किया सतर्क
नेपाल में अचानक आई बाढ़ और उससे हुए नुकसान को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार भी सतर्क है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताया है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सीमावर्ती क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
महाराजगंज में गंडक नदी की 24 घंटे निगरानी
नेपाल में बाढ़ के बाद महाराजगंज जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। गंडक नदी की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। प्रशासन को आशंका है कि नेपाल में बढ़े पानी का असर नदी के निचले इलाकों पर पड़ सकता है।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने राजस्व विभाग, पुलिस, SDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को भी जोखिम वाले इलाकों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
कुशीनगर में कई गांवों को खाली कराने के निर्देश
नेपाल में भारी बारिश के बाद कुशीनगर प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खड्डा तहसील के नदी किनारे स्थित संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने मर्चहवा, शिवपुर समेत कई गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए लगातार लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं की जा रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, नारायणी नदी का जलस्तर आने वाले समय में और बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है।
इन गांवों पर प्रशासन की खास नजर
खड्डा तहसील के दियारा क्षेत्र में नदी के किनारे बसे कई गांवों को संवेदनशील माना जा रहा है। इनमें शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर शामिल हैं।
प्रशासन इन इलाकों में जलस्तर और नदी के बहाव पर लगातार नजर रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में बारिश की स्थिति और उसके कारण नारायणी नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।
लोगों से आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील
प्रशासन ने सीमावर्ती जिलों के लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। लोगों को नदी और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा गया है।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाना और किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।


