अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन ने दिल्ली (NCT) के लिए अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप शुरू करने का ऐलान किया है। इस साल दिल्ली में 20,000 तक छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। चयनित छात्राओं को हर साल ₹30,000 की स्कॉलरशिप मिलेगी।
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन ने दिल्ली में छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप का विस्तार किया है। फ़ाउंडेशन के मुताबिक, इस साल दिल्ली (NCT) में 20,000 तक छात्राओं को स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक चुनौतियों के कारण पढ़ाई छोड़ने वाली छात्राओं को आगे की शिक्षा जारी रखने में मदद करना है।
हर साल मिलेंगे ₹30,000
स्कॉलरशिप के तहत चयनित प्रत्येक छात्रा को हर साल ₹30,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि कॉलेज के पहले साल से लेकर स्नातक डिग्री या डिप्लोमा पूरा होने तक मिलती रहेगी।
कोर्स की अवधि के आधार पर छात्राओं को यह सहायता दो से पांच साल तक मिल सकती है। इस तरह पूरी पढ़ाई के दौरान किसी छात्रा को अधिकतम ₹1.50 लाख तक की आर्थिक मदद मिल सकती है।
स्कॉलरशिप की राशि का इस्तेमाल कॉलेज की फीस के साथ-साथ पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए किया जा सकता है।
21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की छात्राओं के लिए योजना
अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की शुरुआत साल 2024 में हुई थी। अब इसका दायरा बढ़ाकर 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक किया गया है।
इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली (NCT), झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
स्कॉलरशिप के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें रखी गई हैं। आवेदन करने वाली छात्रा के लिए संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी स्कूल से कक्षा 10 और 12 की पढ़ाई पूरी करना जरूरी है।
इसके अलावा छात्रा का भारत में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में स्नातक डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के पहले वर्ष में दाखिला होना चाहिए।
यानी स्कॉलरशिप मुख्य रूप से उन छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहायता देने के लिए है, जिन्होंने सरकारी स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है और अब कॉलेज या डिप्लोमा कोर्स के पहले वर्ष में प्रवेश लिया है।
हर साल 5 लाख छात्राओं की मदद का लक्ष्य
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन का लक्ष्य आने वाले समय में हर साल पूरे भारत में करीब 5 लाख छात्राओं को इस स्कॉलरशिप के जरिए मदद देना है।
ज्यादातर स्नातक पाठ्यक्रम लगभग तीन साल के होते हैं। ऐसे में अगर हर साल बड़ी संख्या में छात्राओं को स्कॉलरशिप मिलती है और वे पूरे कोर्स के दौरान इसका लाभ लेती हैं, तो किसी समय करीब 15 लाख छात्राएं इस योजना के तहत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
फ़ाउंडेशन के अनुसार, 2024 में स्कॉलरशिप शुरू होने के बाद से अब तक 1.9 लाख से ज्यादा छात्राओं को इसका लाभ मिल चुका है।
आवेदन कैसे करें?
अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और निशुल्क है। छात्राएं इसके लिए केवल अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन करने से पहले छात्राओं को अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लेनी चाहिए। किसी अनधिकृत वेबसाइट या एजेंट को आवेदन के नाम पर पैसे देने से बचना चाहिए।
लड़कियों की उच्च शिक्षा पर फाउंडेशन का जोर
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के CEO अनुराग बेहर ने कहा कि देश और समाज के भविष्य तथा उसकी खुशहाली में लड़कियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके मुताबिक, लड़कियों को जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर मिलना जरूरी है और उच्च शिक्षा ऐसा ही एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा लड़कियों को जीवनभर अपने पैरों पर खड़े होने और आगे बढ़ने की ताकत देती है। स्कॉलरशिप के जरिए फाउंडेशन उच्च शिक्षा हासिल करने में छात्राओं के सामने आने वाली कुछ आर्थिक चुनौतियों को दूर करने की कोशिश कर रहा है।
क्या है अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन?
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो न्यायपूर्ण, बराबरी पर आधारित, मानवीय और टिकाऊ समाज बनाने की दिशा में काम करती है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े क्षेत्रों में काम करती है।
फ़ाउंडेशन देशभर में सरकारों, संस्थानों, नागरिक समाज के संगठनों और समुदायों के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक पहलों पर काम करता है।
निष्कर्ष: दिल्ली में शुरू की गई अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप उन छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता साबित हो सकती है, जो सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करना चाहती हैं। दिल्ली में इस साल 20,000 तक छात्राओं को हर साल ₹30,000 की सहायता मिलने से कॉलेज की फीस और पढ़ाई से जुड़े खर्चों का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।


