Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवान अक्षय को गिरफ्तार कर लिया है। भरत तिवारी की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे थे। परिवार का आरोप है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन पर गोली चलाई गई। वहीं पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पहले फायरिंग की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
STF जवान अक्षय गिरफ्तार
भोजपुर पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह STF के आरोपी जवान अक्षय को आरा से गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद यह पहली बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है। इस मामले ने राज्यभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस छेड़ दी थी तथा निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही थी।
भरत तिवारी की मां ने क्या कहा?
गिरफ्तारी के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने इसे राहत भरा कदम बताया, लेकिन कहा कि केवल एक गिरफ्तारी से न्याय पूरा नहीं होगा।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान मिले आश्वासन का परिणाम है। आशा देवी ने मांग की कि मुठभेड़ में शामिल अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
17 जून को हुआ था एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक, 17 जून को टीम भरत तिवारी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि इस दौरान भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में आत्मरक्षा के तहत फायरिंग की गई। इस कार्रवाई में भरत तिवारी घायल हुए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हालांकि, परिवार ने पुलिस के इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है।
परिवार का आरोप: सरेंडर के बाद चली गोली
भरत तिवारी के परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले ही हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था। परिवार का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में भरत तिवारी निहत्थे दिखाई दे रहे हैं और उसी दौरान पुलिस ने उन पर गोली चलाई।
हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
न्यायिक जांच के आदेश
मामले को लेकर बढ़ते विवाद और लगातार उठ रहे सवालों के बीच बिहार सरकार ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा, भोजपुर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद राज्य पुलिस ने पिछले महीने समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया था। अब STF जवान की गिरफ्तारी के बाद जांच नए चरण में पहुंच गई है और आगे अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मुख्य बातें
- भोजपुर एनकाउंटर मामले में STF जवान अक्षय गिरफ्तार।
- परिवार का आरोप—सरेंडर के बाद भी भरत तिवारी को गोली मारी गई।
- पुलिस का दावा—भरत ने पहले फायरिंग की थी, जवाबी कार्रवाई में घायल हुए।
- भरत तिवारी की मां ने अन्य पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की।
- बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
- पहले ही चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।


