MSCI India Rebalance 2026: MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में अगस्त रिव्यू के दौरान बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अदाणी ग्रीन एनर्जी, Groww और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे शेयरों की इंडेक्स में एंट्री की संभावना जताई जा रही है, जबकि Astral समेत कुछ कंपनियां बाहर हो सकती हैं। इस बदलाव से अरबों डॉलर का पैसिव इनफ्लो और आउटफ्लो देखने को मिल सकता है।
MSCI India Standard Index में होने वाला है बड़ा बदलाव
ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर MSCI Inc. जल्द ही MSCI India Standard Index का रीबैलेंसिंग करने वाला है। इस बदलाव की घोषणा 12 अगस्त 2026 को बाजार बंद होने के बाद की जाएगी।
रीबैलेंसिंग के तहत MSCI India Standard Index में करीब 12 नए शेयरों को शामिल किए जाने और 3 कंपनियों को बाहर किए जाने की संभावना है। यदि ये बदलाव घोषित होते हैं तो ये 31 अगस्त 2026 से लागू होंगे।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस बदलाव से भारतीय शेयर बाजार में लगभग 2.3 अरब डॉलर (करीब 19,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) का पैसिव फ्लो देखने को मिल सकता है।
अदाणी ग्रीन, Groww और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की एंट्री के मजबूत संकेत
अगस्त रिव्यू में कुछ कंपनियों के MSCI India Standard Index में शामिल होने की संभावना सबसे ज्यादा बताई जा रही है।
संभावित नई एंट्री:
- Groww
- अदाणी ग्रीन एनर्जी
- अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस
इन तीनों कंपनियों के इंडेक्स में शामिल होने के चांस काफी मजबूत हैं।
इसके अलावा:
- एथर एनर्जी के शामिल होने की संभावना मध्यम है।
- लेंसकार्ट और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के चांस कम बताए जा रहे हैं।
किसी कंपनी को MSCI इंडेक्स में शामिल करने के लिए उसका फ्री-फ्लोट एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन, शेयरों की उपलब्धता और विदेशी निवेशकों की भागीदारी जैसे कई फैक्टर देखे जाते हैं।
कौन से शेयरों में कितना आ सकता है पैसिव इनफ्लो?
ब्रोकरेज फर्म JM Financial की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इन कंपनियों को MSCI India Standard Index में जगह मिलती है तो इनमें बड़े पैमाने पर विदेशी फंड्स का निवेश आ सकता है।
| कंपनी | अनुमानित पैसिव इनफ्लो |
|---|---|
| Groww | करीब 82.1 करोड़ डॉलर |
| अदाणी ग्रीन एनर्जी | करीब 77.3 करोड़ डॉलर |
| अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस | करीब 34.2 करोड़ डॉलर |
| एथर एनर्जी | करीब 24.4 करोड़ डॉलर |
| लेंसकार्ट | करीब 17.6 करोड़ डॉलर |
| SAIL | करीब 17 करोड़ डॉलर |
MSCI इंडेक्स में शामिल होने वाली कंपनियों को फायदा इसलिए मिलता है क्योंकि दुनिया भर के कई इंडेक्स फंड और ETF अपने पोर्टफोलियो को MSCI के इंडेक्स के हिसाब से एडजस्ट करते हैं।
Small Cap Index से Standard Index में जा सकते हैं ये शेयर
MSCI India Small Cap Index से Standard Index में अपग्रेड होने वाले कुछ शेयरों पर भी बाजार की नजर है।
इनमें:
मजबूत दावेदार:
- लॉरस लैब्स
- बायोकॉन
मध्यम संभावना:
- कोफोर्ज
कम संभावना:
- ग्लेनमार्क फार्मा
- ऊनो मिंडा
इन कंपनियों का अपग्रेड होना इनके फ्री-फ्लोट मार्केट कैप में लगातार सुधार और इंडेक्स की पात्रता शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगा।
अपग्रेड होने पर इन शेयरों में कितना आ सकता है पैसा?
JM Financial के अनुमान के मुताबिक, MSCI India Standard Index में शामिल होने पर इन कंपनियों में भी बड़ा पैसिव इनफ्लो आ सकता है।
| कंपनी | अनुमानित पैसिव इनफ्लो |
|---|---|
| कोफोर्ज | करीब 56.7 करोड़ डॉलर |
| लॉरस लैब्स | करीब 55.4 करोड़ डॉलर |
| ग्लेनमार्क फार्मा | करीब 33 करोड़ डॉलर |
| बायोकॉन | करीब 28.5 करोड़ डॉलर |
| ऊनो मिंडा | करीब 20.6 करोड़ डॉलर |
MSCI India Index से किन कंपनियों की हो सकती है छुट्टी?
जहां कुछ कंपनियों को इंडेक्स में जगह मिल सकती है, वहीं कुछ मौजूदा कंपनियों पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
संभावित एग्जिट:
- Astral
- SBI Cards
- बालकृष्ण इंडस्ट्रीज
इनमें:
- Astral के बाहर होने की संभावना सबसे ज्यादा बताई जा रही है।
- SBI Cards के बाहर होने के चांस मध्यम हैं।
- बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के बाहर होने की संभावना कम है।
एग्जिट होने पर कितना हो सकता है आउटफ्लो?
अगर ये कंपनियां MSCI India Standard Index से बाहर होती हैं तो इनमें विदेशी इंडेक्स फंड्स की बिकवाली देखने को मिल सकती है।
अनुमानित पैसिव आउटफ्लो:
| कंपनी | अनुमानित आउटफ्लो |
|---|---|
| बालकृष्ण इंडस्ट्रीज | करीब 16.7 करोड़ डॉलर |
| SBI Cards | करीब 14.6 करोड़ डॉलर |
| Astral | करीब 13.8 करोड़ डॉलर |
MSCI Rebalancing का शेयरों पर क्या असर पड़ेगा?
MSCI जैसे ग्लोबल इंडेक्स में किसी कंपनी की एंट्री को आमतौर पर सकारात्मक संकेत माना जाता है। इंडेक्स में शामिल होने से:
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की रुचि बढ़ सकती है।
- शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ सकता है।
- इंडेक्स फंड्स की खरीदारी आ सकती है।
वहीं, इंडेक्स से बाहर होने वाली कंपनियों में शॉर्ट टर्म में बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है क्योंकि पैसिव फंड्स को अपनी होल्डिंग घटानी पड़ती है।
हालांकि, निवेशकों को केवल MSCI में एंट्री या एग्जिट के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी के फंडामेंटल्स, वैल्यूएशन, कमाई की ग्रोथ और सेक्टर आउटलुक को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
निष्कर्ष:
MSCI India Rejig 2026 में अदाणी ग्रीन, Groww और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे शेयरों पर बाजार की नजर रहेगी। संभावित इंडेक्स एंट्री से इन कंपनियों में अरबों डॉलर का पैसिव फ्लो आ सकता है, जबकि Astral समेत कुछ शेयरों पर इंडेक्स से बाहर होने का दबाव बन सकता है। अंतिम फैसला MSCI की 12 अगस्त को होने वाली घोषणा के बाद ही साफ होगा।


