Wipro Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) के शेयरों में गुरुवार को पहली तिमाही (Q1 FY2026-27) के नतीजों से पहले अच्छी खरीदारी देखने को मिली। कंपनी के शेयर इंट्राडे कारोबार में करीब 2% तक उछलकर 178 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। अब निवेशकों की नजर बाजार बंद होने के बाद जारी होने वाले कंपनी के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजों पर टिकी है। सिर्फ मुनाफा और आय ही नहीं, बल्कि AI रणनीति, डिमांड आउटलुक और वित्त वर्ष 2027 के लिए मैनेजमेंट की गाइडेंस पर भी बाजार की खास नजर रहेगी।
Q1 रिजल्ट से पहले शेयर में तेजी
गुरुवार के कारोबार में BSE पर विप्रो का शेयर पिछले बंद भाव से करीब 2 फीसदी तक मजबूत होकर 178 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप 1.76 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
हालांकि, पिछले कुछ महीनों में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। बीते 6 महीनों में विप्रो का शेयर करीब 33% तक टूट चुका है, ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि तिमाही नतीजे शेयर में नई दिशा तय कर सकते हैं।
किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
विप्रो के तिमाही नतीजों के साथ निवेशक सिर्फ कमाई के आंकड़े ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति पर भी ध्यान देंगे। खास तौर पर इन बिंदुओं पर नजर रहेगी—
- IT सर्विसेज कारोबार की ग्रोथ
- वैश्विक डिमांड की स्थिति
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए प्रोजेक्ट
- बड़े क्लाइंट्स से ऑर्डर बुक
- FY2027 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस
- मार्जिन और खर्चों को लेकर कंपनी की रणनीति
क्या था कंपनी का Q1 गाइडेंस?
मार्च 2026 तिमाही के नतीजों के समय विप्रो ने अनुमान जताया था कि जून 2026 तिमाही में IT सर्विसेज बिजनेस का रेवेन्यू 259.7 करोड़ डॉलर से 265.1 करोड़ डॉलर के बीच रह सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी इस अनुमान पर खरी उतरती है या नहीं।
प्रमोटर्स की कितनी हिस्सेदारी?
विप्रो देश के दिग्गज उद्योगपति अजीम प्रेमजी की कंपनी है। जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 72.59% रही।
52 सप्ताह का हाई और लो
वर्तमान में विप्रो का शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
- 52 सप्ताह का हाई: 273.15 रुपये
- 52 सप्ताह का लो: 168.55 रुपये
मार्च तिमाही (Q4 FY26) में कैसा रहा प्रदर्शन?
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा था।
मुख्य आंकड़े:
- शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा: 3,501.8 करोड़ रुपये
- सालाना आधार पर गिरावट: 1.89%
- कुल आय: 24,236.3 करोड़ रुपये
- आय में सालाना बढ़ोतरी: 7.6%
- IT सर्विसेज रेवेन्यू: 265.1 करोड़ डॉलर
- IT सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथ: 2.1% (YoY)
वहीं पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 13,197.4 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 0.47% बढ़ा। कंपनी का कुल रेवेन्यू 3.96% बढ़कर 92,624 करोड़ रुपये पहुंच गया।
जून में किया 15,000 करोड़ रुपये का बायबैक
विप्रो ने इस साल जून में करीब 15,000 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक पूरा किया। कंपनी ने 60 करोड़ शेयर 250 रुपये प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदे।
इससे पहले जून 2023 में कंपनी ने 12,000 करोड़ रुपये का बायबैक किया था, जिसमें 26.96 करोड़ शेयर 445 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे गए थे।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखेगा Q1 रिजल्ट?
विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी सेक्टर इस समय वैश्विक मांग में सुस्ती और AI आधारित टेक्नोलॉजी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में यदि विप्रो की आय, ऑर्डर बुक, मार्जिन और भविष्य की गाइडेंस उम्मीद से बेहतर रहती है तो शेयर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। वहीं कमजोर आउटलुक आने पर शेयर में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
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डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


