भारतीय शेयर बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी बाजारों की चाल के बीच निवेशकों के लिए सही सेक्टर चुनना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का मानना है कि मौजूदा बाजार में इंडेक्स के बजाय मजबूत सेक्टर और अच्छे शेयरों पर फोकस करना बेहतर रणनीति होगी। उन्होंने खासतौर पर मजबूत NBFC, बैंक, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट आने पर खरीदारी की सलाह दी है। वहीं SBI Funds IPO में निवेश केवल लिस्टिंग गेन के उद्देश्य से करने की बात कही है।
निफ्टी फिलहाल रेंज में, क्लोजिंग तक रखें न्यूट्रल रणनीति
अनुज सिंघल के अनुसार निफ्टी अभी भी पिछले सप्ताह बने महत्वपूर्ण दायरे से बाहर नहीं निकल पाया है। पिछले बुधवार का हाई करीब 24,300 और लो 23,805 रहा था। पिछले कई कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,300 के ऊपर टिक नहीं पा रहा है, जबकि 24,000 के आसपास मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है।
ऐसे में उनकी सलाह है कि फिलहाल निवेशक इंट्राडे ट्रेडिंग पर फोकस करें और क्लोजिंग तक बड़े पोजिशन लेकर जाने से बचें। जब तक निफ्टी 24,300 के ऊपर या 23,800 के नीचे निर्णायक ब्रेकआउट नहीं देता, तब तक बाजार रेंज-बाउंड रह सकता है।
कोरिया के बाजार की गिरावट से IT सेक्टर को मिल सकता है फायदा
अनुज सिंघल ने बताया कि दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली है। इसके पीछे बैंक ऑफ कोरिया द्वारा पॉलिसी रेट 2.50% से बढ़ाकर 2.75% किए जाने का फैसला प्रमुख वजह रहा।
उनका कहना है कि ऐतिहासिक रूप से कोस्पी में कमजोरी भारतीय IT सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है। इसके अलावा दो अन्य बड़े फैक्टर भी IT शेयरों के पक्ष में हैं—
- कच्चे तेल की कीमत लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई है।
- रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब है।
इन परिस्थितियों का फायदा निर्यात आधारित IT कंपनियों को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में TCS और LTTS जैसे शेयरों पर सकारात्मक नजरिया रहा है, जबकि टाटा एलेक्सी और HCLTech पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
विप्रो और टेक महिंद्रा पर भी नजर रखें
अनुज सिंघल के मुताबिक इस समय बाजार में विप्रो और टेक महिंद्रा को लेकर काफी निगेटिव धारणा बनी हुई है। लेकिन यदि इनके तिमाही नतीजे उम्मीद से थोड़े भी बेहतर आते हैं तो इन शेयरों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
यानी केवल बाजार की मौजूदा धारणा देखकर निर्णय लेने के बजाय निवेशकों को कंपनियों के नतीजों और वैल्यूएशन पर भी ध्यान देना चाहिए।
लाइफ इंश्योरेंस शेयरों में भी दिख सकती है तेजी
उन्होंने लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर को लेकर भी सकारात्मक राय दी। ICICI Prudential Life के तिमाही नतीजों के बाद प्रूडेंशियल की हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बनी चिंता कम हुई है। वहीं HDFC Life के मजबूत नतीजों ने भी पूरे सेक्टर का सेंटीमेंट बेहतर किया है।
ऐसे में आने वाले दिनों में इस सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है।
कच्चे तेल की कीमत बनी सबसे बड़ी चिंता
हालांकि बाजार में घबराहट का माहौल नहीं है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल पर बनी रहने से बड़ी तेजी टिक नहीं पा रही है।
इसके बावजूद India VIX में डर के संकेत नहीं हैं। यही वजह है कि जैसे ही निफ्टी 24,000 के आसपास आता है, बाजार में खरीदारी लौट आती है।
किन सेक्टरों में करें खरीदारी?
अनुज सिंघल का मानना है कि मौजूदा समय में इंडेक्स के बजाय मजबूत सेक्टरों में निवेश बेहतर रहेगा। उन्होंने गिरावट आने पर इन सेक्टरों में खरीदारी की सलाह दी—
- मजबूत NBFC कंपनियां
- बैंकिंग सेक्टर
- ऑटो सेक्टर
- रियल एस्टेट शेयर
साथ ही उन्होंने कहा कि कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में इस स्तर पर नई शॉर्ट पोजिशन बनाने से बचना चाहिए। जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे मजबूत हैं और मैनेजमेंट की कमेंट्री सकारात्मक है, उनमें खरीदारी के अवसर तलाशे जा सकते हैं।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 24,200–24,250
- बड़ा रेजिस्टेंस: 24,275–24,325
सपोर्ट
- पहला सपोर्ट: 23,950–24,050
- मजबूत सपोर्ट: 23,800–23,850
अनुज सिंघल के अनुसार 24,000–24,050 का जोन खरीदारी के लिए बेहतर माना जा सकता है, जबकि 24,200–24,250 के आसपास रिजेक्शन मिलने पर शॉर्ट ट्रेड की रणनीति अपनाई जा सकती है।
बैंक निफ्टी पर क्या करें?
बैंक निफ्टी फिलहाल बेहद सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
सपोर्ट जोन
- 57,500–57,700
- 57,200–57,400
रेजिस्टेंस जोन
- 57,800–58,000
- 58,200–58,500
उनका कहना है कि बैंक निफ्टी में फिलहाल ट्रेडिंग अपेक्षाकृत मुश्किल है, इसलिए बिना स्पष्ट ट्रेंड के बड़े दांव लगाने से बचना चाहिए।
SBI Funds IPO में निवेश करें या नहीं?
देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Funds IPO को लेकर भी अनुज सिंघल ने संतुलित राय दी है।
उन्होंने कहा कि SBI AMC भले ही AUM के आधार पर सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी हो, लेकिन केवल AUM किसी AMC की गुणवत्ता का पैमाना नहीं होता।
उन्होंने बताया कि—
- SBI AMC की AUM ग्रोथ लगभग 17% है।
- ICICI Prudential AMC की AUM ग्रोथ 26% के करीब है।
- SBI AMC का Equity AUM लगभग 36% है, जबकि इंडस्ट्री औसत 56% है।
- कंपनी का करीब 32% AUM Passive Funds में है, जिससे लाभप्रदता पर असर पड़ता है।
उनका मानना है कि IPO का वैल्यूएशन आकर्षक रखा गया है, इसलिए इसमें लिस्टिंग गेन की संभावना बन सकती है। हालांकि यदि कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए केवल म्यूचुअल फंड AMC सेक्टर में निवेश करना चाहता है, तो बाजार में अन्य बेहतर विकल्प भी उपलब्ध हैं।
निष्कर्ष
मौजूदा बाजार में इंडेक्स के बजाय सेक्टर आधारित रणनीति अधिक प्रभावी दिखाई दे रही है। मजबूत NBFC, बैंक, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। IT और लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर पर भी नजर रखने की जरूरत है। वहीं SBI Funds IPO में निवेश केवल संभावित लिस्टिंग गेन को ध्यान में रखकर करना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


