MPSC Paper Leak: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें MPSC के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, जिस युवक ने सबसे पहले आयोग को पेपर लीक की जानकारी दी थी, वही अब इस मामले में कथित मास्टरमाइंड के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड को परीक्षा में पास कराने के लिए पेपर हासिल किया था। दोनों के बीच ब्रेकअप के बाद उसने कथित तौर पर आयोग को इसकी जानकारी दी।
22 मार्च को हुई थी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा
यह मामला महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के तहत ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) पदों के लिए 22 मार्च 2026 को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा से जुड़ा है। इस भर्ती के तहत 154 पदों पर नियुक्तियां होनी थीं और राज्य के छह राजस्व संभागों में करीब 44,500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के परिणाम 12 जून को घोषित किए गए थे। इसके बाद 506 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए योग्य पाए गए और 22 जुलाई को 488 उम्मीदवारों की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की गई।
गर्लफ्रेंड के लिए पेपर हासिल करने का आरोप
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, लोकश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल नाम के 24 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड रितुजा की मदद के लिए परीक्षा का पेपर हासिल करवाया। पुलिस का आरोप है कि गौरव ने नंदुरबार के एक कोचिंग संचालक प्रवीण पाटिल से संपर्क किया था।
जांच में आरोप है कि प्रवीण की MPSC के तीन कर्मचारियों से पहचान थी। इन कर्मचारियों के जरिए परीक्षा का पेपर हासिल किया गया। पुलिस के अनुसार, इसके लिए करीब 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और बाद में और रकम देने की बात भी सामने आई है। गौरव ने कथित तौर पर पेपर रितुजा के पिता अमृत पाटिल तक पहुंचाया, जिन्होंने उसे अपनी बेटी को दिया।
पेपर मिलने के बाद रितुजा की 7वीं रैंक
पुलिस के मुताबिक, रितुजा ने परीक्षा में हिस्सा लिया और भर्ती परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की। हालांकि, इसी दौरान गौरव और रितुजा के रिश्ते में दरार आ गई और दोनों का ब्रेकअप हो गया।
इसके बाद कहानी ने बड़ा मोड़ लिया। पुलिस का आरोप है कि गौरव ने MPSC को ईमेल करके परीक्षा में पेपर लीक होने की जानकारी दी। उसने खुद को एक अभ्यर्थी का दोस्त बताते हुए आयोग को बताया कि 22 मार्च की परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो चुका था।
ब्रेकअप के बाद ‘व्हिसलब्लोअर’ से आरोपी बना गौरव
शुरुआत में गौरव की शिकायत को पेपर लीक की अहम जानकारी माना गया। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित तौर पर उसके ही पेपर हासिल करने और उसे आगे पहुंचाने में शामिल होने के सबूत मिले।
पुलिस के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के बाद गौरव ने अपनी शिकायत से पीछे हटने की कोशिश भी की और कहा कि वह परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भ्रमित था। हालांकि, क्राइम ब्रांच ने जांच जारी रखी और पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
MPSC के तीन अधिकारी भी गिरफ्तार
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें MPSC के तीन कर्मचारी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर विश्वेश्वर नकाते, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर गोपाल मराठे और अंडर सेक्रेटरी अभिजीत लेंदवे के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा कोचिंग संचालक प्रवीण पाटिल, अमृत पाटिल और लोकश उर्फ गौरव पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक होने के बाद कितने अभ्यर्थियों तक सवाल पहुंचे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
पेपर लीक की शिकायतें सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। जुलाई के अंत में भी इस मामले को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद MPSC ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया और क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने जांच अपने हाथ में ली।
जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों तक प्रश्न पहुंच गए थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि लीक हुए सवालों को कितने लोगों तक पहुंचाया गया और क्या इसके बदले अन्य उम्मीदवारों से पैसे लिए गए थे।
MPSC ने रद्द की भर्ती परीक्षा
पेपर लीक की जांच और क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के बाद MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। आयोग ने कहा है कि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और समान अवसर देने तथा भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।
सबसे अहम बात यह है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। नई परीक्षा की तारीख MPSC की ओर से बाद में घोषित की जाएगी।
2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में आरोपी
गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच अब कथित पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि परीक्षा का गोपनीय पेपर MPSC की व्यवस्था से बाहर कैसे पहुंचा और इसमें किस स्तर तक लोगों की भूमिका थी।
भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर फिर सवाल
MPSC पेपर लीक मामले ने एक बार फिर सरकारी भर्ती परीक्षाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में खास बात यह है कि कथित पेपर लीक की शुरुआत एक उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने की कोशिश से हुई और बाद में निजी रिश्ते में आए विवाद के कारण मामला सामने आया। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और आगे की जांच के बाद ही होगी।


