Nifty Trade Setup: 24,400 के ऊपर टिकना अहम, 24,000 पर नजर
Trade Setup for Today: भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी देखने को मिली। 27 अगस्त को निफ्टी 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट के बाद इंडेक्स अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे आ गया है। साइडवेज से कमजोर होते मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बाजार में फिलहाल सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं।
हालांकि, निफ्टी का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचना बाजार में निचले स्तर से संभावित रिकवरी की उम्मीद को बढ़ाता है। ऐसे में आने वाले सत्र में इंडेक्स में अगर बाउंसबैक देखने को मिलता है तो निवेशकों को अहम रेजिस्टेंस लेवल्स पर खास नजर रखनी होगी।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी में रिकवरी की स्थिति में 24,200-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इसके ऊपर 24,400 अगला बड़ा रेजिस्टेंस है। बाजार के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निफ्टी 24,400 के ऊपर टिकने में सफल होता है या नहीं। जब तक इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से ट्रेड नहीं करता, तब तक बाजार में कंसोलिडेशन बने रहने की संभावना है।
वहीं, निफ्टी के लिए 24,000 तत्काल सपोर्ट और 23,800 अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है। इसलिए ट्रेडर्स को इन स्तरों के आसपास प्राइस एक्शन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
Nifty 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
27 अगस्त को निफ्टी 50 करीब 24,091 के स्तर पर बंद हुआ। तकनीकी संकेतकों के आधार पर इसके लिए प्रमुख लेवल इस प्रकार हैं:
पिवट प्वाइंट आधारित सपोर्ट:
- 24,081
- 24,032
- 23,953
पिवट प्वाइंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 24,239
- 24,287
- 24,366
निफ्टी में बना बेयरिश सेटअप
डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने एक और लंबी लाल कैंडल बनाई है। इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के साथ-साथ 23,606 से 24,774 तक की तेजी के 50 फीसदी फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से भी नीचे आ गया है। यह बाजार में बने मंदी के दबाव की ओर इशारा करता है।
टेक्निकल इंडिकेटर्स की बात करें तो RSI गिरकर 43.47 पर आ गया है और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखने को मिला है। वहीं, MACD लाइन ने बेयरिश क्रॉसओवर दिया और जीरो लाइन के नीचे चली गई।
MACD हिस्टोग्राम में भी लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक लाल बार छोटे होने के बाद एक गहरा लाल बार बना है। यह शॉर्ट टर्म में बेयरिश मोमेंटम मजबूत होने का संकेत माना जा सकता है।
Bank Nifty Trade Setup: 58,000 के आसपास अहम रेजिस्टेंस
बैंक निफ्टी ने पिछले कारोबारी सत्र की अपनी पूरी बढ़त गंवा दी और करीब 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स में लंबी बेयरिश कैंडल बनी है और यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे आ गया है। इससे निकट अवधि में सावधानी बरतने का संकेत मिलता है।
हालांकि, बैंक निफ्टी अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। यह इसके व्यापक स्ट्रक्चर के लिए अपेक्षाकृत सकारात्मक संकेत है। RSI करीब 50 के स्तर पर है, जबकि MACD संकेतक साइडवेज से कंसोलिडेशन की स्थिति की ओर इशारा कर रहा है।
वहीं, पांच लगातार सत्रों तक लाल बार छोटे होने के बाद MACD हिस्टोग्राम में एक गहरा लाल बार बना है। इससे बेयरिश मोमेंटम में हल्की मजबूती का संकेत मिल रहा है।
Bank Nifty के प्रमुख लेवल
पिवट प्वाइंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 57,869
- 57,988
- 58,180
पिवट प्वाइंट आधारित सपोर्ट:
- 57,485
- 57,367
- 57,175
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 58,137
- 58,706
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट आधारित सपोर्ट:
- 57,400
- 57,135
FII-DII Fund Flow: FIIs बिकवाली पर, DIIs की खरीदारी जारी
27 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹298 करोड़ की बिकवाली की। इसके साथ वे नेट सेलर बन गए।
दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने खरीदारी का सिलसिला जारी रखा। उन्होंने इस दिन करीब ₹4,977 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को निचले स्तरों पर कुछ सपोर्ट देने में मदद कर सकती है।
India VIX में उछाल, लेकिन अभी चिंताजनक स्तर से दूर
गुरुवार के कारोबारी सत्र में लगातार कुछ दिनों की गिरावट के बाद India VIX में 4.76 फीसदी की तेजी आई और यह 11.07 के स्तर पर पहुंच गया। VIX में बढ़ोतरी बाजार में थोड़ी बढ़ती सावधानी का संकेत देती है।
हालांकि, India VIX अभी भी 12 के जोन और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल बहुत ज्यादा अस्थिरता नहीं है और बुल्स का भरोसा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
Nifty Put-Call Ratio: तीन महीने के निचले स्तर पर PCR
27 अगस्त को निफ्टी का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 0.77 पर आ गया, जो 1 जून 2026 के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.91 पर था।
आमतौर पर 0.7 से ऊपर और 1 के आसपास पहुंचने वाला PCR बाजार में अपेक्षाकृत तेजी की भावना को दर्शाता है। इसके विपरीत, 0.7 से नीचे जाने या 0.5 की ओर बढ़ने वाले PCR को मंदी की भावना का संकेत माना जाता है।
मौजूदा स्तरों को देखते हुए ट्रेडर्स को PCR में आगे होने वाले बदलाव पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इससे बाजार के ऑप्शन सेंटीमेंट का संकेत मिल सकता है।
F&O Ban: LIC Housing Finance नए स्टॉक की एंट्री
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में उन शेयरों को प्रतिबंधित सूची में रखा जाता है, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की ओपन पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से अधिक हो जाती है।
F&O बैन में नए शामिल स्टॉक:
- LIC Housing Finance
F&O बैन में पहले से शामिल स्टॉक:
- SAIL
F&O बैन से बाहर हुए स्टॉक:
- कोई नहीं
ट्रेडर्स के लिए क्या है अहम?
मौजूदा तकनीकी संकेतों को देखते हुए बाजार में फिलहाल स्पष्ट तेजी के बजाय कंसोलिडेशन और सावधानी का माहौल नजर आ रहा है। निफ्टी के लिए 24,000 और 23,800 महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन हैं, जबकि ऊपर की तरफ 24,200-24,300 और 24,400 अहम रेजिस्टेंस हैं।
अगर निफ्टी 24,400 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो सेंटीमेंट में सुधार देखने को मिल सकता है। इसके विपरीत, 24,000 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 23,800 का स्तर अगला महत्वपूर्ण पड़ाव बन सकता है। ऐसे में ट्रेडर्स को केवल लेवल्स के आधार पर जल्दबाजी में पोजीशन लेने के बजाय वॉल्यूम, प्राइस एक्शन और ग्लोबल संकेतों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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