Medplus Health Services Q1 Results: देश की प्रमुख रिटेल फार्मेसी कंपनी मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई और कंपनी का शेयर करीब 18% तक टूटकर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह रही कि कंपनी की ओर से किए गए दो बड़े निवेश ऐलानों का भी शेयर पर सकारात्मक असर नहीं दिखा।
मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 17.80% गिरकर ₹653.80 के स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान शेयर में करीब 14.95% की गिरावट दर्ज की गई और भाव ₹676.45 के आसपास रहा। कमजोर बाजार माहौल के बीच कंपनी के तिमाही प्रदर्शन ने गिरावट को और बढ़ा दिया।
जून तिमाही में मेडप्लस का मुनाफा घटा
मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज के लिए वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी का शुद्ध मुनाफा अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 21.7% घटकर ₹33.17 करोड़ रह गया।
हालांकि, कंपनी की आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून तिमाही में मेडप्लस का ऑपरेशनल रेवेन्यू 21.84% बढ़कर ₹1,879.60 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का राजस्व इससे कम था।
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन की बात करें तो EBITDA 1.9% बढ़कर ₹130.7 करोड़ पहुंच गया, लेकिन मार्जिन में गिरावट आई। EBITDA मार्जिन 8.5% से घटकर 7.1% रह गया। यही वजह रही कि बेहतर बिक्री के बावजूद कंपनी की कमाई पर दबाव देखने को मिला।
146 नए स्टोर खोलने के बावजूद दबाव
मेडप्लस ने जून तिमाही में अपने विस्तार को जारी रखा। कंपनी ने इस दौरान कुल 146 नए स्टोर खोले, जिनमें से 131 फ्रेंचाइजी स्टोर शामिल थे।
रिटेल फार्मेसी कारोबार में स्टोर नेटवर्क बढ़ाना कंपनी की ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा है। हालांकि, बढ़ती लागत और कम मार्जिन के कारण इसका असर मुनाफे पर दिखाई दिया।
कंपनी ने किए ₹155 करोड़ निवेश के ऐलान
कमजोर नतीजों के बीच मेडप्लस ने भविष्य के विस्तार को लेकर दो बड़े निवेश की योजनाओं का ऐलान किया है।
कंपनी की मुख्य सब्सिडियरी Optival Health Solutions Private Limited तेलंगाना के हैदराबाद में एक फूड पार्क विकसित करने की योजना बना रही है। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹40 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
इस फूड पार्क में कोल्ड प्रेस ऑयल बनाने वाली यूनिट भी शामिल होगी। कंपनी का लक्ष्य हेल्थ और वेलनेस से जुड़े उत्पादों के कारोबार को बढ़ाना है।
इसके अलावा मेडप्लस हैदराबाद में एक Concierge Health and Wellness Services Facility शुरू करने की योजना बना रही है। इस परियोजना में करीब ₹115 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें लगभग ₹90 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर शामिल है।
इन दोनों योजनाओं के जरिए कंपनी हेल्थकेयर और वेलनेस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।
शेयर में एक साल में 36% से ज्यादा गिरावट
मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज के शेयरों का प्रदर्शन पिछले कुछ महीनों में कमजोर रहा है।
21 मई 2026 को बीएसई पर कंपनी का शेयर ₹1,020.35 के स्तर पर था, जो इसका एक साल का उच्चतम स्तर था। इसके बाद लगातार दबाव के चलते शेयर करीब दो महीने में 35.92% गिर चुका है।
22 जुलाई 2026 को शेयर ₹653.80 के एक साल के निचले स्तर तक पहुंच गया। यानी कुछ ही समय में निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत?
मेडप्लस के लिए सबसे बड़ी चुनौती फिलहाल मुनाफे में सुधार और मार्जिन को बनाए रखना है। कंपनी का राजस्व बढ़ रहा है, लेकिन कमाई में गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
रिटेल फार्मेसी सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, ऑपरेशनल लागत और विस्तार पर होने वाला खर्च कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकता है।
हालांकि, कंपनी के नए निवेश प्रोजेक्ट लंबे समय में ग्रोथ के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मार्जिन सुधार और लाभ वृद्धि पर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता है।


