अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति की आशंकाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज उछाल ने भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी 24,000 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि बैंक निफ्टी में 800 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई।
बाजार में गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों के बीच डर का माहौल इतना बढ़ गया कि इंडिया VIX भी 13 के ऊपर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है।
ट्रंप टैरिफ और महंगा क्रूड बना बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा गिरावट के पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं। पहला, अमेरिका की संभावित टैरिफ नीति, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने की आशंका है। दूसरा, ब्रेंट क्रूड ऑयल का 94 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना।
महंगे कच्चे तेल का सीधा असर भारत जैसे आयातक देश पर पड़ता है। इससे आयात बिल बढ़ता है, रुपया कमजोर होता है और महंगाई बढ़ने की चिंता गहराती है। यही वजह है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी तेज हुई और बाजार दबाव में आ गया।
बैंकिंग शेयरों ने बढ़ाई गिरावट
आज की गिरावट में सबसे बड़ा दबाव बैंकिंग सेक्टर से आया। बैंक निफ्टी 200 DEMA के नीचे फिसल गया, जिससे तकनीकी रूप से कमजोरी और बढ़ गई।
सबसे ज्यादा दबाव इन शेयरों में देखने को मिला—
- HDFC Bank
- ICICI Bank
- State Bank of India (SBI)
विशेषज्ञों का मानना है कि HDFC Bank फिलहाल बैंकिंग इंडेक्स की सबसे कमजोर कड़ी बन गया है। वहीं बंधन बैंक से जुड़े नकारात्मक घटनाक्रम ने भी पूरे बैंकिंग सेक्टर का सेंटीमेंट खराब किया।
इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली
मंगलवार के कारोबार में FMCG और ऑटो सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए।
सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टर
- रियल्टी इंडेक्स करीब 3% टूटा
- PSU बैंक इंडेक्स में लगभग 1.5% गिरावट
- IT इंडेक्स कमजोर रहा
- फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में दबाव
- फार्मा इंडेक्स करीब 1.5% नीचे
रियल्टी शेयरों में निवेशकों ने सबसे ज्यादा मुनाफावसूली की।
फार्मा शेयरों में भी टूटा भरोसा
अब तक ट्रंप टैरिफ के असर से अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जा रहे फार्मा शेयरों में भी मंगलवार को तेज बिकवाली देखने को मिली।
इन प्रमुख शेयरों में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई—
- Aurobindo Pharma
- Zydus Life
- Lupin
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशक अब डिफेंसिव सेक्टरों में भी मुनाफावसूली कर रहे हैं।
इन ऑटो शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां पूरा बाजार दबाव में था, वहीं ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया।
बेहतर जून तिमाही (Q1) नतीजों के बाद—
- Bajaj Auto
- TVS Motor
में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और दोनों शेयर बाजार की गिरावट के बीच मजबूती से कारोबार करते रहे।
Q1 रिजल्ट्स पर रहेगी बाजार की नजर
अब निवेशकों की निगाह बुधवार को आने वाले पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों पर रहेगी।
इन बड़ी कंपनियों के रिजल्ट अहम रहेंगे—
- Infosys
- IndiGo
- Cipla
- Mphasis
- Sona BLW
बाजार को उम्मीद है कि Infosys का Constant Currency Revenue लगभग 1.8% बढ़ सकता है, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन में भी हल्का सुधार देखने को मिल सकता है।
बाजार पर क्या बोले अनुज सिंघल?
CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के अनुसार मौजूदा बाजार बेहद थकाऊ (Exhaustive) स्थिति में पहुंच चुका है।
उनका कहना है कि बाजार न तो नई तेजी पकड़ पा रहा है और न ही पूरी तरह टूट रहा है। एक सीमित दायरे (Range) में लगातार ऊपर और नीचे के स्तरों की टेस्टिंग हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी नहीं थमती है तो निफ्टी के 23,800 तक फिसलने का खतरा बना रहेगा। वहीं बैंक निफ्टी में HDFC Bank सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरा है।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम स्तर
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले कारोबारी सत्र के लिए महत्वपूर्ण स्तर इस प्रकार हैं—
Nifty
- सपोर्ट: 23,850–23,950
- रेजिस्टेंस: 24,150–24,200
Bank Nifty
- सपोर्ट: 56,800–57,000
- रेजिस्टेंस: 57,500–57,800
यदि निफ्टी 24,000 के नीचे टिकता है तो कमजोरी और बढ़ सकती है। वहीं बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है।
आगे निवेशकों की रणनीति क्या हो?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती और वैश्विक टैरिफ को लेकर स्पष्टता नहीं मिलती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने से बचना चाहिए। मजबूत कंपनियों पर नजर बनाए रखें, Q1 नतीजों के आधार पर स्टॉक चुनें और तकनीकी सपोर्ट स्तरों का ध्यान रखते हुए ही नई पोजिशन बनाएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश सलाह की जिम्मेदारी नहीं लेता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


