Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार ने 29 जुलाई को दमदार तेजी के साथ कारोबार का समापन किया। आईटी, बैंकिंग, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 888 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 24,250 के ऊपर बंद होने में सफल रहा। अब निवेशकों की नजर 30 जुलाई के कारोबार और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर टिकी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी 24,100 के ऊपर बना रहता है तो तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है।
888 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार
बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 888.68 अंक (1.16%) की बढ़त के साथ 77,654.60 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 264.85 अंक (1.10%) चढ़कर 24,250.20 के स्तर पर बंद हुआ।
मार्केट ब्रेड्थ भी सकारात्मक रही। कारोबार के दौरान लगभग 2,460 शेयरों में तेजी, 1,597 शेयरों में गिरावट और 177 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
निफ्टी 50 में शामिल प्रमुख तेजी वाले शेयरों में शामिल रहे—
- जियो फाइनेंशियल सर्विसेज
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)
- इंफोसिस
- हिंडाल्को इंडस्ट्रीज
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T)
वहीं गिरावट वाले प्रमुख शेयर रहे—
- अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ
- महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)
- पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन
- आयशर मोटर्स
- एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस
सेक्टोरल इंडेक्सों में रही व्यापक खरीदारी
रियल्टी इंडेक्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
सबसे अधिक तेजी इन सेक्टरों में देखने को मिली—
- आईटी
- मीडिया
- मेटल
- फार्मा
- टेलीकॉम
- प्राइवेट बैंक
- एफएमसीजी
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
इन सेक्टरों में 1% से 2% तक की बढ़त दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लौटी रौनक
बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
- निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 0.8% चढ़ा।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.5% की मजबूती के साथ बंद हुआ।
क्या कहते हैं विनोद नायर?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक भारत में एआई आधारित ट्रेडिंग थीम का असर कम होने से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के दोबारा भारतीय बाजार में निवेश बढ़ाने की संभावना मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेशकों का चिप कंपनियों के शेयरों से आकर्षण कम हो रहा है। दूसरी ओर पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद पूरे सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिससे महंगाई का दबाव कम होने और कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद बढ़ी है।
उनका मानना है कि उम्मीद से बेहतर औद्योगिक उत्पादन (IIP) के आंकड़ों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अब बाजार की निगाह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर है। आम राय यही है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसका बड़ा असर बाजार पहले ही कीमतों में शामिल कर चुका है।
तकनीकी संकेत क्या दे रहे हैं?
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार निफ्टी ने लंबे समय तक सीमित दायरे में रहने के बाद मजबूत ब्रेकआउट दिखाया है।
उन्होंने बताया कि—
- RSI में बुलिश क्रॉसओवर बन चुका है।
- निफ्टी 50 EMA के ऊपर बना हुआ है।
- ऑवरली चार्ट पर इंडेक्स ने 200 DMA दोबारा हासिल कर लिया है।
इन संकेतों के आधार पर उनका मानना है कि निकट अवधि में निफ्टी 24,450 से 24,500 तक जा सकता है।
हालांकि यदि निफ्टी 24,100 के नीचे फिसलता है तो कमजोरी बढ़ सकती है और इंडेक्स 23,950 तक आ सकता है।
कोटक सिक्योरिटीज की क्या है राय?
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि फिलहाल 20-डे SMA यानी 24,100-24,150 का दायरा निफ्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बन गया है।
उनके अनुसार—
- जब तक निफ्टी 24,100 के ऊपर रहेगा, तब तक तेजी बनी रह सकती है।
- ऊपर की ओर 24,400 से 24,500 का स्तर अगला लक्ष्य हो सकता है।
- यदि इंडेक्स 24,100 के नीचे आता है तो अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है और ट्रेडर्स को अपनी लॉन्ग पोजिशन पर सतर्क रहने की जरूरत होगी।
30 जुलाई के लिए निवेशकों की रणनीति
30 जुलाई के कारोबार में बाजार की दिशा मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। तकनीकी रूप से 24,100 का स्तर निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर कायम रहता है तो 24,400-24,500 तक की तेजी संभव है। वहीं इस सपोर्ट के टूटने पर मुनाफावसूली बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: NewsJagran.in पर प्रकाशित बाजार संबंधी विश्लेषण और राय संबंधित विशेषज्ञों के निजी विचार हैं। वेबसाइट या प्रबंधन इनके लिए उत्तरदायी नहीं है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


