Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में 20 अगस्त को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स 628 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 24,200 के पार बंद हुआ। एक्सपर्ट्स के मुताबिक 21 अगस्त को निफ्टी के लिए 24,300-24,500 का जोन अहम रहेगा, जबकि 24,000 और 24,100 के स्तर मजबूत सपोर्ट की भूमिका निभा सकते हैं।
Market Outlook: हफ्तेभर की लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने 20 अगस्त को राहत की सांस ली। ग्लोबल संकेतों में सुधार और सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ बंद हुए। निफ्टी एक बार फिर 24,200 के ऊपर पहुंच गया, हालांकि टेक्निकल चार्ट पर बना डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बाजार में अभी भी अनिश्चितता का संकेत दे रहा है।
बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 628.04 अंक यानी 0.82 फीसदी की बढ़त के साथ 77,537.72 पर रहा। वहीं निफ्टी 153.55 अंक यानी 0.64 फीसदी चढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ। पूरे बाजार में करीब 2,367 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि 1,778 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। करीब 173 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
ऐसे में अब निवेशकों की नजर 21 अगस्त के कारोबारी सत्र पर है। सवाल यह है कि क्या बाजार में यह रिकवरी आगे भी जारी रहेगी या फिर ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिलेगी?
अमेरिकी ट्रेजरी के दखल से बाजार को मिली राहत
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी को रोकने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से किए गए दखल के बाद बाजार को राहत मिली। इससे ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हुआ और भारतीय शेयर बाजार में भी तेज रिकवरी देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद डॉलर में कमजोरी आई। इसके साथ ही रुपये की मजबूती और बॉन्ड यील्ड के दबाव में कमी से उभरते बाजारों के प्रति निवेशकों का रुझान बेहतर हुआ। इसका फायदा भारतीय इक्विटी मार्केट को भी मिला और पिछले कई कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर फिलहाल ब्रेक लगा।
हालांकि, बाजार के लिए चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अगर ऊर्जा की कीमतों में लगातार तेजी रहती है तो इससे महंगाई और कंपनियों की कमाई पर दबाव बढ़ने की आशंका बनी रहेगी।
सभी सेक्टरों में दिखी खरीदारी
20 अगस्त को बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी देखने को मिली। लगभग सभी सेक्टरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें मीडिया इंडेक्स करीब 2 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स लगभग 1.4 फीसदी चढ़ा।
इसके अलावा ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा, आईटी, प्राइवेट बैंक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इंडेक्स में करीब 0.4 से 0.8 फीसदी तक की तेजी रही। मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली और निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 फीसदी बढ़ा। स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
निफ्टी के प्रमुख तेजी वाले शेयरों में एटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, आईटीसी और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। दूसरी ओर हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा कंज्यूमर, इंटरग्लोब एविएशन और नेस्ले दबाव में रहे।
21 अगस्त के लिए 24,300 का स्तर अहम
एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक, निफ्टी के लिए आने वाला कारोबारी सत्र काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर इंडेक्स पिछले दिन के हाई 24,173 के ऊपर टिकता है तो इसमें आगे 24,300 की तरफ रिकवरी देखने को मिल सकती है।
वहीं दूसरी तरफ 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट बना हुआ है। बाजार में किसी संभावित रिवर्सल या गिरावट को रोकने के लिहाज से इस स्तर पर नजर रखना जरूरी होगा।
अगर निफ्टी 24,000 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो करेक्शन बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में 23,824 से 23,892 के बीच मौजूद 27 जुलाई के बुलिश गैप एरिया पर अगला सपोर्ट मिल सकता है।
इसलिए 21 अगस्त को बाजार की दिशा समझने के लिए 24,000-24,300 के जोन पर खास नजर रहेगी।
24,000 के ऊपर बना रहेगा बुलिश स्ट्रक्चर
HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड देवरश वकील के अनुसार, निफ्टी का मौजूदा बुलिश स्ट्रक्चर तब तक कायम रह सकता है, जब तक अप्रैल, जून और जुलाई के स्विंग लो को जोड़ने वाली ऊपर जाती ट्रेंडलाइन सुरक्षित रहती है।
उनके मुताबिक करीब 24,000 का सपोर्ट जोन बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जब तक निफ्टी इस क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में पुलबैक की संभावना बनी रह सकती है।
ऊपर की तरफ तत्काल रेजिस्टेंस अब 24,300 के आसपास है। अगर निफ्टी लगातार इस स्तर के ऊपर क्लोजिंग देने में सफल रहता है तो यह बाजार में स्थिरता लौटने का शुरुआती संकेत माना जा सकता है। इसके बाद इंडेक्स में एक बेहतर पुलबैक की संभावना बन सकती है।
डोजी कैंडल ने बढ़ाई बाजार की अनिश्चितता
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान के मुताबिक, 20 अगस्त को बेंचमार्क इंडेक्स में पुलबैक रैली देखने को मिली। निफ्टी करीब 154 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 628 अंकों की बढ़त रही।
सेक्टर के स्तर पर मीडिया इंडेक्स का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इसमें करीब 2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, कुछ चुनिंदा डिफेंस और मेटल शेयरों में कारोबारी सत्र के दौरान मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो बाजार में गैप-अप ओपनिंग के बाद रेंज-बाउंड कारोबार हुआ। डेली चार्ट पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बना है। आमतौर पर डोजी बाजार में तेजी और मंदी के बीच अनिश्चितता को दर्शाता है। ऐसे में केवल एक दिन की तेजी के आधार पर बाजार में किसी बड़े ट्रेंड की पुष्टि करना जल्दबाजी हो सकती है।
24,150-24,100 का सपोर्ट जोन महत्वपूर्ण
श्रीकांत चौहान के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,150 और 24,100 के आसपास स्थित 50-डे SMA अहम सपोर्ट जोन की भूमिका निभा सकता है। जब तक इंडेक्स इन स्तरों के ऊपर कारोबार करता है, तब तक पुलबैक का ट्रेंड जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
अगर बाजार में तेजी बनी रहती है तो निफ्टी के लिए अगला लक्ष्य 24,350 से 24,500 का क्षेत्र हो सकता है। यह जोन ऊपर की तरफ अहम रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है।
इसके उलट अगर निफ्टी 24,100 के नीचे जाता है तो मौजूदा अपट्रेंड कमजोर पड़ने का संकेत मिल सकता है। इस स्तर के नीचे फिसलने पर ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन में सावधानी बरत सकते हैं।
21 अगस्त को किन स्तरों पर रखें नजर?
| स्तर | महत्व |
|---|---|
| 24,500 | ऊपर की तरफ प्रमुख रेजिस्टेंस |
| 24,350 | पुलबैक का अहम स्तर |
| 24,300 | तत्काल रेजिस्टेंस |
| 24,231 | 20 अगस्त की क्लोजिंग |
| 24,150 | अहम सपोर्ट |
| 24,100 | 50-डे SMA के आसपास सपोर्ट |
| 24,000 | मजबूत सपोर्ट और ट्रेंड के लिए अहम स्तर |
| 23,824-23,892 | अगला सपोर्ट/बुलिश गैप जोन |
ग्लोबल फैक्टर भी तय करेंगे बाजार की दिशा
भारतीय शेयर बाजार में 20 अगस्त की तेजी के बावजूद आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेतों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल, रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा पर असर डाल सकती हैं।
इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते से जुड़े दबाव को बढ़ा सकती है। इसका असर कंपनियों के मार्जिन और निवेशकों की धारणा पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में 21 अगस्त को केवल इंडेक्स के स्तर ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट संकेतों और क्रूड ऑयल की चाल पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
क्या 21 अगस्त को बाजार में तेजी जारी रहेगी?
एक्सपर्ट्स के तकनीकी स्तरों को देखें तो फिलहाल निफ्टी के लिए 24,000-24,100 का सपोर्ट जोन सबसे अहम दिखाई देता है। जब तक इंडेक्स इस क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में पुलबैक की संभावना कायम रह सकती है।
ऊपर की तरफ 24,300 पहला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर मजबूती मिलने पर निफ्टी 24,350-24,500 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं 24,000 के नीचे कमजोरी आने पर 23,824-23,892 के बुलिश गैप जोन की तरफ करेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए 21 अगस्त को बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। फिलहाल बाजार में रिकवरी जरूर हुई है, लेकिन डोजी कैंडल और ग्लोबल अनिश्चितताओं को देखते हुए किसी स्पष्ट दिशा की पुष्टि के लिए अगले कुछ कारोबारी सत्र महत्वपूर्ण रहेंगे।
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