Swiggy Share Price: स्विगी के शेयरों में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद स्टॉक इंट्राडे में करीब 5 फीसदी तक उछल गया। ब्रोकरेज ने स्विगी पर ‘Buy’ रेटिंग शुरू करते हुए 435 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। जेफरीज का मानना है कि कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा तय होने और भारतीय मालिकाना हक व कंट्रोल वाली कंपनी (IOCC) के रूप में ट्रांजिशन की दिशा में आगे बढ़ने से रेगुलेटरी जोखिम कम हो सकता है।
स्विगी के शेयरों में क्यों आई तेजी?
स्विगी के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी के शेयरहोल्डर्स का वह फैसला है, जिसमें विदेशी हिस्सेदारी पर 49.5 फीसदी की सीमा और कंपनी के गवर्नेंस स्ट्रक्चर में बदलाव को मंजूरी दी गई है।
18 अगस्त को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद स्विगी के लिए IOCC स्टेटस की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता आसान होने की उम्मीद है। यही वजह है कि जेफरीज ने कंपनी के स्टॉक पर अपना सकारात्मक रुख जाहिर किया है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, नया ओनरशिप स्ट्रक्चर कंपनी के लिए रेगुलेटरी जोखिम को कम कर सकता है। हालांकि, विदेशी हिस्सेदारी के नए फ्रेमवर्क के लागू होने के बाद कुछ पैसिव फंड्स की ओर से आउटफ्लो का जोखिम भी बना हुआ है।
जेफरीज ने दिया 435 रुपये का टारगेट
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने स्विगी पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 435 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
जेफरीज का मानना है कि कंपनी के IOCC स्टेटस की दिशा में बढ़ने से स्विगी के क्विक-कॉमर्स कारोबार Instamart को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करने के लिए ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिल सकती है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, Instamart को फर्स्ट-पार्टी इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल की तरफ बढ़ाने से कंपनी को खरीद और सप्लाई चेन के स्तर पर अतिरिक्त मार्जिन हासिल करने में मदद मिल सकती है।
Instamart से मिल सकता है अतिरिक्त मार्जिन
स्विगी के लिए Instamart इस समय सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ बिजनेस में से एक है। क्विक-कॉमर्स मार्केट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और कंपनियां ऑर्डर लेवल पर यूनिट-इकोनॉमिक्स बेहतर करने की कोशिश कर रही हैं।
जेफरीज का अनुमान है कि IOCC स्टेटस की दिशा में बढ़ने से Instamart को इन्वेंट्री ओनरशिप में ज्यादा स्वतंत्रता मिल सकती है। इससे प्रति ऑर्डर करीब 4-5 रुपये का अतिरिक्त कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन मिलने की संभावना जताई गई है।
इसका फायदा मुख्य रूप से प्रोक्योरमेंट से मिलने की उम्मीद है। सीधे इन्वेंट्री का मालिक बनने की स्थिति में कंपनी उस मार्जिन का बड़ा हिस्सा अपने पास रख सकती है, जो मौजूदा मॉडल में बिचौलियों या अन्य चैनल पार्टनर्स के पास चला जाता है।
हालांकि, केवल इस मार्जिन सुधार के आधार पर Instamart के मुनाफे में बहुत बड़ा बदलाव होने की संभावना सीमित मानी जा रही है। इसके लिए ऑर्डर ग्रोथ, ग्राहक संख्या, औसत ऑर्डर वैल्यू और क्विक-कॉमर्स बिजनेस की ओवरऑल यूनिट-इकोनॉमिक्स भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
विदेशी हिस्सेदारी की 49.5% सीमा क्यों महत्वपूर्ण है?
स्विगी के लिए विदेशी हिस्सेदारी का मुद्दा केवल शेयरहोल्डिंग से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि कंपनी के ऑपरेशनल स्ट्रक्चर पर भी इसका असर पड़ सकता है।
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद विदेशी हिस्सेदारी को 49.5 फीसदी तक सीमित करने का रास्ता साफ हुआ है। इससे कंपनी के भारतीय मालिकाना हक और कंट्रोल वाली कंपनी यानी IOCC के रूप में क्वालिफाई करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
जेफरीज का मानना है कि इस बदलाव से कंपनी को अपने बिजनेस मॉडल में जरूरी बदलाव करने के लिए ज्यादा रेगुलेटरी फ्लेक्सिबिलिटी मिल सकती है। खासतौर पर Instamart के इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल की दिशा में यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी चेतावनी दी है कि विदेशी हिस्सेदारी के नए फ्रेमवर्क के कारण कुछ पैसिव फंड्स को अपनी हिस्सेदारी कम करनी पड़ सकती है। ऐसे में शुरुआती दौर में शेयर में पैसिव आउटफ्लो का दबाव देखने को मिल सकता है।
इक्विरस सिक्योरिटीज ने भी बताया फायदा
स्विगी के बिजनेस मॉडल में संभावित बदलाव को लेकर इक्विरस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने भी सकारात्मक अनुमान पेश किया है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, अगर स्विगी भारतीय मालिकाना हक और कंट्रोल वाली कंपनी के तौर पर क्वालिफाई करती है और Instamart में इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल को आगे बढ़ाती है, तो प्रति ऑर्डर करीब 4-5 रुपये की अतिरिक्त कमाई संभव हो सकती है।
हालांकि, इस अतिरिक्त योगदान को सीधे कंपनी के मुनाफे में उसी अनुपात में जोड़कर देखना सही नहीं होगा। कंपनी को क्विक-कॉमर्स कारोबार में स्टोर नेटवर्क, डिलीवरी, डिस्काउंट, कर्मचारी लागत और अन्य ऑपरेशनल खर्चों का भी सामना करना पड़ता है।
इसलिए आने वाले समय में निवेशकों की नजर केवल विदेशी हिस्सेदारी में बदलाव पर नहीं, बल्कि Instamart के मार्जिन और ऑर्डर ग्रोथ पर भी रहेगी।
शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
जेफरीज की रिपोर्ट के बाद स्विगी के शेयरों में इंट्राडे के दौरान करीब 5 फीसदी तक तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान स्टॉक में मुनाफावसूली भी हुई और तेजी कुछ कम हुई।
हाल के प्रदर्शन की बात करें तो स्विगी के शेयर ने पिछले एक हफ्ते में करीब 0.80 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। वहीं, एक महीने में शेयर करीब 4.25 फीसदी चढ़ा है। हालांकि, एक साल की अवधि में स्टॉक में करीब 33 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
शेयर का 52-वीक हाई करीब 474 रुपये और 52-वीक लो करीब 235.75 रुपये रहा है। इससे साफ है कि स्टॉक अभी भी अपने 52-वीक हाई से नीचे कारोबार कर रहा है।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
स्विगी के निवेशकों के लिए आने वाले समय में कुछ प्रमुख घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण रहेंगे। सबसे पहले कंपनी के विदेशी शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में बदलाव और IOCC स्टेटस की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
इसके अलावा Instamart में इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल को किस तरह लागू किया जाता है और इससे वास्तविक मार्जिन में कितना सुधार आता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी के लिए क्विक-कॉमर्स कारोबार में प्रतिस्पर्धा भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस क्षेत्र में ग्राहक हासिल करने और बनाए रखने के लिए कंपनियों को लगातार डिलीवरी स्पीड, डिस्काउंट और प्रोडक्ट उपलब्धता पर खर्च करना पड़ता है। ऐसे में केवल अतिरिक्त मार्जिन की संभावना को देखते हुए शेयर में तेजी का अनुमान लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
क्या Swiggy Share में तेजी आगे भी जारी रह सकती है?
जेफरीज का 435 रुपये का टारगेट निवेशकों के बीच सकारात्मक सेंटीमेंट पैदा कर सकता है। विदेशी हिस्सेदारी पर कैपिंग, IOCC स्टेटस की दिशा में प्रगति और Instamart के संभावित इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल को ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए सकारात्मक कारक माना है।
दूसरी तरफ, विदेशी हिस्सेदारी में बदलाव के कारण संभावित पैसिव आउटफ्लो, क्विक-कॉमर्स में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कंपनी की लाभप्रदता में सुधार की गति ऐसे जोखिम हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इसलिए स्विगी के शेयर में आगे की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी रेगुलेटरी बदलावों का फायदा अपने ऑपरेशनल प्रदर्शन में कितनी तेजी से बदल पाती है। निवेशकों को टारगेट प्राइस के साथ-साथ कंपनी के आगामी वित्तीय नतीजों, Instamart के मार्जिन, ऑर्डर ग्रोथ और कैश बर्न पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ब्रोकरेज रिपोर्ट और उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


