Market Cues: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम तकनीकी स्तरों पर रहेगी। पिछले कारोबारी सत्र यानी 17 अगस्त को निफ्टी लगातार पांचवें ट्रेडिंग सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तरों से इंडेक्स में कुछ रिकवरी देखने को मिली। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी अभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और बाजार में मंदी का मोमेंटम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।
ऐसे में निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर बेहद अहम हो गया है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है तो बिकवाली का दबाव तेज हो सकता है और निफ्टी के 24,000 के स्तर की ओर फिसलने की आशंका बढ़ जाएगी। वहीं, ऊपर की तरफ 24,400-24,500 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है।
लगातार पांचवें दिन गिरा निफ्टी
17 अगस्त को निफ्टी 50 में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही और इंडेक्स 0.32 फीसदी टूटकर 24,288 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, कारोबार के दूसरे हिस्से में निचले स्तरों से खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स ने अपनी कुछ गिरावट कम की।
टेक्निकल संकेतों की बात करें तो निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ चुका है। इसके अलावा इंडेक्स बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से भी नीचे कारोबार कर रहा है। यह संकेत देता है कि फिलहाल शॉर्ट टर्म में बाजार पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, निफ्टी अभी भी 50-डे और 100-डे EMA के ऊपर है, इसलिए इन स्तरों को आगे महत्वपूर्ण सपोर्ट के तौर पर देखा जा सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,400-24,500 के ऊपर मजबूती के साथ नहीं निकलता, तब तक बाजार में सतर्कता बरतना बेहतर होगा। दूसरी तरफ, 24,200 के नीचे निर्णायक ब्रेकडाउन बाजार की कमजोरी को और बढ़ा सकता है।
निफ्टी 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
निफ्टी 50: 24,288
पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट
- 24,241
- 24,209
- 24,158
पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस
- 24,342
- 24,374
- 24,425
इन स्तरों के अलावा 24,200 को तत्काल सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो 24,000 की तरफ दबाव बढ़ सकता है। वहीं, 24,400-24,500 का जोन पार करने पर निफ्टी में शॉर्ट टर्म रिकवरी मजबूत हो सकती है।
निफ्टी के टेक्निकल संकेत क्या बता रहे हैं?
डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने लोअर शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई है। इसका मतलब है कि निचले स्तरों पर खरीदारी जरूर आई, लेकिन बाजार में कुल मिलाकर कमजोरी बनी हुई है।
निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से नीचे आ गया है। यह शॉर्ट टर्म ट्रेंड में कमजोरी की ओर इशारा करता है। हालांकि, इंडेक्स अभी 50-डे और 100-डे EMA के ऊपर बना हुआ है, जो आगे महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम कर सकते हैं।
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बाजार में सावधानी का संकेत दे रहे हैं। RSI घटकर 49.26 पर आ गया है। वहीं, MACD में बेयरिश क्रॉसओवर और मजबूत हुआ है। इसका हिस्टोग्राम लगातार तीसरे सेशन में बढ़ा है। इन संकेतों से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी का ट्रेंड कमजोर है और मंदी का मोमेंटम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।
बैंक निफ्टी में क्या है सेटअप?
बैंक निफ्टी ने 17 अगस्त के कारोबार में दिन के शुरुआती नुकसान को काफी हद तक रिकवर किया और अंत में 7 अंक की बढ़त के साथ 57,498 के स्तर पर बंद हुआ।
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने लंबी अपर और लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई। यह कैंडल हाई वेव कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखाई देती है, जो बाजार में तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच असमंजस की स्थिति का संकेत देती है।
बैंक निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, लेकिन मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से अभी भी काफी ऊपर कारोबार कर रहा है। इसलिए बैंकिंग इंडेक्स के ओवरऑल स्ट्रक्चर को फिलहाल पॉजिटिव माना जा सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में सावधानी जरूरी है।
बैंक निफ्टी के पिवट पॉइंट लेवल
रेजिस्टेंस:
- 57,702
- 57,852
- 58,096
सपोर्ट:
- 57,215
- 57,064
- 56,821
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल
रेजिस्टेंस:
- 57,685
- 58,137
सपोर्ट:
- 57,135
- 56,870
बैंक निफ्टी का RSI फिलहाल एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इंडेक्स में फिलहाल किसी एक दिशा की मजबूत पकड़ नहीं है और बाजार कुछ समय तक रेंज में रह सकता है।
India VIX में हल्की बढ़त
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX लगातार चार कारोबारी सत्रों तक गिरने के बाद 0.18 फीसदी बढ़कर 11.325 पर पहुंच गया। हालांकि, मामूली बढ़त के बावजूद VIX अभी भी काफी निचले स्तर पर बना हुआ है।
कम VIX आम तौर पर यह संकेत देता है कि बाजार में निकट अवधि की अनिश्चितता बहुत ज्यादा नहीं है। हालांकि, इंडेक्स में लगातार गिरावट और VIX में हल्की बढ़त को देखते हुए ट्रेडर्स को अचानक बढ़ने वाली वोलैटिलिटी के लिए तैयार रहना चाहिए।
Nifty Put-Call Ratio में मामूली सुधार
17 अगस्त को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) बढ़कर 0.99 हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.98 था।
PCR में 0.7 से ऊपर का स्तर सामान्य तौर पर बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक सेंटीमेंट का संकेत माना जाता है। वहीं, 1 के आसपास पहुंचना भी बाजार के मूड में सुधार की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, केवल PCR के आधार पर बाजार की दिशा तय करना उचित नहीं है। इसे प्राइस एक्शन और दूसरे टेक्निकल इंडिकेटर्स के साथ देखना जरूरी है।
F&O बैन में शामिल स्टॉक्स
F&O सेगमेंट में उन शेयरों को ट्रेडिंग प्रतिबंध के तहत रखा जाता है जिनमें ओपन पोजीशन मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से अधिक पहुंच जाती है।
F&O बैन में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
F&O बैन में पहले से शामिल स्टॉक:
- बंधन बैंक
- लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC)
- मनप्पुरम फाइनेंस
- SAIL
F&O बैन से बाहर हुए स्टॉक: कोई नहीं
आज की ट्रेडिंग रणनीति क्या हो सकती है?
मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए ट्रेडर्स के लिए 24,200 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन में से एक रहेगा। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर बना रहता है और 24,400 के ऊपर मजबूती दिखाता है, तो रिकवरी की कोशिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद 24,500 का स्तर अगला अहम रेजिस्टेंस होगा।
इसके विपरीत, अगर निफ्टी 24,200 के नीचे फिसलता है और वहां टिकता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में 24,000 का स्तर अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य/सपोर्ट बन सकता है।
बैंक निफ्टी में 57,200-57,000 का जोन अहम सपोर्ट के रूप में देखा जा सकता है, जबकि 57,700-58,100 का क्षेत्र ऊपर की तरफ महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस रहेगा।
कुल मिलाकर, बाजार का शॉर्ट-टर्म सेटअप अभी कमजोर नजर आ रहा है। निफ्टी में लगातार पांच सत्रों की गिरावट, शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार और कमजोर होते मोमेंटम इंडिकेटर्स को देखते हुए ट्रेडर्स को जल्दबाजी में पोजीशन लेने से बचना चाहिए। 24,200 के नीचे कमजोरी और 24,400-24,500 के ऊपर मजबूती—दोनों स्तर बाजार की अगली दिशा के लिए बेहद अहम रहेंगे।
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