Laurus Labs Q1 Results: फार्मास्यूटिकल कंपनी लॉरस लैब्स (Laurus Labs) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने लगभग सभी प्रमुख वित्तीय पैरामीटर्स पर मजबूत प्रदर्शन किया है। रेवेन्यू, EBITDA, EBITDA मार्जिन और ग्रॉस मार्जिन में सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह रही कि कंपनी का EBITDA मार्जिन 31.5% तक पहुंच गया, जो पिछले कई वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है।
कंपनी के बेहतर नतीजों का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। रिजल्ट घोषित होने के बाद लॉरस लैब्स का शेयर 2% से अधिक की तेजी के साथ ₹1,601.20 पर बंद हुआ। वर्ष 2026 में अब तक कंपनी का शेयर करीब 44% का रिटर्न दे चुका है।
Highlights
- जून तिमाही में रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹2,026 करोड़
- EBITDA में 67% की जबरदस्त बढ़ोतरी
- EBITDA मार्जिन 24.3% से बढ़कर 31.5%
- ग्रॉस मार्जिन 62.7% पर पहुंचा
- CDMO बिजनेस का रेवेन्यू 67% बढ़ा
- अफोर्डेबल मेडिसिन्स बिजनेस में 10% की ग्रोथ
- शेयर रिजल्ट के बाद 2% से अधिक चढ़ा
रेवेन्यू में 29% की मजबूत बढ़ोतरी
लॉरस लैब्स ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ₹2,026 करोड़ का कुल रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹1,570 करोड़ था। इस तरह कंपनी ने सालाना आधार पर 29% की शानदार वृद्धि हासिल की।
यह ग्रोथ मुख्य रूप से CDMO (Contract Development and Manufacturing Organization) बिजनेस की मजबूत मांग, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और API सप्लाई में तेजी की वजह से आई।
EBITDA में 67% की छलांग
कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की आय) पिछले साल के ₹382.1 करोड़ से बढ़कर ₹638.3 करोड़ हो गया। यानी EBITDA में 67% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।
EBITDA मार्जिन कई वर्षों के उच्च स्तर पर
इस तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 24.3% से बढ़कर 31.5% पर पहुंच गया। यह करीब 7 प्रतिशत अंक से अधिक की वृद्धि है।
मार्जिन में यह सुधार मुख्य रूप से:
- बेहतर प्रोडक्ट मिक्स
- ऑपरेटिंग लेवरेज
- उच्च वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स
- लागत नियंत्रण
की वजह से देखने को मिला।
ग्रॉस मार्जिन भी मजबूत हुआ
जून तिमाही में कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 62.7% रहा।
तुलना करें तो—
- जून 2025 तिमाही: 59.4%
- मार्च 2026 तिमाही: 61.4%
- जून 2026 तिमाही: 62.7%
लगातार बढ़ते ग्रॉस मार्जिन से संकेत मिलता है कि कंपनी बेहतर प्राइसिंग और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी हासिल कर रही है।
CDMO बिजनेस बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन
लॉरस लैब्स के CDMO बिजनेस ने इस तिमाही में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
- रेवेन्यू: ₹870 करोड़
- सालाना वृद्धि: 67%
- पिछली तिमाही की तुलना में वृद्धि: 48%
कंपनी के अनुसार इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण रहे—
- लेट-स्टेज क्लिनिकल प्रोजेक्ट्स
- कमर्शियल API सप्लाई में तेजी
- मजबूत ग्राहक मांग
कंपनी ने बताया कि उसके पास फिलहाल 125 से अधिक एक्टिव प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन मौजूद है, जिससे आने वाली तिमाहियों में भी इस बिजनेस के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
पेप्टाइड्स बिजनेस पर भी फोकस
इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में लॉरस लैब्स ने बताया कि वह ग्राहकों की मांग को देखते हुए कमर्शियल स्केल पेप्टाइड्स ब्लॉक का विस्तार कर रही है।
पेप्टाइड्स आधारित दवाओं की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है और कंपनी इस अवसर का लाभ उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।
अफोर्डेबल मेडिसिन्स बिजनेस में 10% की बढ़त
कंपनी के Affordable Medicines बिजनेस ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
- रेवेन्यू: ₹1,156 करोड़
- सालाना वृद्धि: 10%
हालांकि, मार्च तिमाही के ₹1,223 करोड़ की तुलना में यह लगभग 5% कम रहा।
कंपनी का कहना है कि इस डिवीजन के पास—
- मजबूत ऑर्डर बुक
- स्थिर ARV बिजनेस
- लगातार वॉल्यूम ग्रोथ
मौजूद है, जिसने सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि सुनिश्चित की।
ग्लोबल सप्लाई चेन बनी चुनौती
लॉरस लैब्स ने माना कि ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। इसके बावजूद कंपनी ने अपने बिजनेस को मजबूत बनाए रखा है।
कंपनी लगातार नए बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और इमर्जिंग मार्केट्स में नए प्रोडक्ट्स का रजिस्ट्रेशन भी बढ़ाया जा रहा है।
साउथ अफ्रीका में खोला नया ऑफिस
वैश्विक विस्तार की रणनीति के तहत लॉरस लैब्स ने साउथ अफ्रीका में नया ऑफिस शुरू किया है।
कंपनी का मानना है कि इससे अफ्रीकी बाजार में उसकी पहुंच मजबूत होगी और आने वाले वर्षों में बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे।
शेयर में आई तेजी
बेहतर तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा जताया।
- शेयर बंद हुआ: ₹1,601.20
- दिनभर की तेजी: 2% से अधिक
- वर्ष 2026 में अब तक रिटर्न: करीब 44%
अगर कंपनी आने वाली तिमाहियों में भी इसी तरह मजबूत ग्रोथ बनाए रखती है, तो निवेशकों की नजर इस स्टॉक पर बनी रह सकती है।
निष्कर्ष
लॉरस लैब्स के जून 2026 तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। कंपनी ने रेवेन्यू, EBITDA और मार्जिन तीनों मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन किया है। खासकर CDMO बिजनेस की तेज ग्रोथ, 125 से अधिक एक्टिव प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन और वैश्विक विस्तार की रणनीति आने वाले समय में कंपनी की कमाई को और मजबूती दे सकती है। हालांकि, ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


