NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    balanced-hybrid-fund-benefits-investment-guide-hindi
    बैलेंस हाइब्रिड फंड क्या है? बाजार के उतार-चढ़ाव में कैसे देता है ग्रोथ और सुरक्षा का डबल फायदा
    10 जुलाई 2026
    khane-ki-thali-mehngi-tamatar-oil-chicken-price-hike-crisil-report
    खाने की थाली हुई महंगी: टमाटर, तेल और चिकन के दाम बढ़े, CRISIL रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
    10 जुलाई 2026
    international-market-investment-guide-benefits-risks-how-to-invest
    International Investment: अंतरराष्ट्रीय मार्केट में निवेश करना कितना सही? जानिए तरीका, फायदे और जरूरी बातें
    10 जुलाई 2026
    edible-oil-price-hike-mustard-soybean-palm-oil-new-prices-july-2026
    Edible Oil Price Hike: खाने का तेल फिर हुआ महंगा, जानिए सरसों, सोयाबीन और पाम तेल की नई कीमतें
    10 जुलाई 2026
    india-new-zealand-fta-work-visa-5000-indians-cheese-butter-kiwi-fruits-cheaper
    India-New Zealand FTA: 5000 भारतीयों को हर साल वर्क वीजा, कीवी, चीज़ और बटर हो सकते हैं सस्ते
    10 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-price-today-9-july-2026-crude-oil-jumps-us-iran-tension-city-wise-rates
    Petrol Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव से 7% उछला क्रूड ऑयल, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर; जानिए अपने शहर का रेट
    9 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-8-july-2026-crude-oil-rises-india-fuel-rates
    Petrol Diesel Price Today: ईरान-अमेरिका तनाव से चढ़ा क्रूड, जानिए 8 जुलाई 2026 के पेट्रोल-डीजल के नए रेट
    8 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-uae-opec-crude-oil-production-india-fuel-rates-7-july-2026
    Petrol Diesel Price: OPEC छोड़ने के बाद UAE ने बढ़ाया रिकॉर्ड क्रूड प्रोडक्शन, फिर भी नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
    7 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-6-july-2026-crude-oil-falls-hormuz-opec-latest-rates
    Petrol Diesel Price Today: होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य हुई आवाजाही, OPEC ने बढ़ाया उत्पादन, सस्ता हुआ कच्चा तेल; जानें आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट
    6 जुलाई 2026
    e20-petrol-premium-fuel-demand-increase-india
    E20 पेट्रोल के डर से 160 रुपये लीटर वाला प्रीमियम फ्यूल खरीद रहे लोग, आखिर क्यों बढ़ रही है इसकी मांग? जानिए पूरा मामला
    5 जुलाई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    nifty-outlook-10-july-short-covering-above-24200-market-prediction
    Nifty Outlook: 24,200-24,300 के ऊपर निकला निफ्टी तो आएगी शॉर्ट कवरिंग की तेज लहर! जानिए 10 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
    9 जुलाई 2026
    stocks-to-watch-10-july-2026-tcs-havells-mahindra-power-grid-top-13-stocks
    Stocks to Watch: 10 जुलाई को इन 13 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर, TCS, Havells, M&M समेत पूरी लिस्ट
    9 जुलाई 2026
    sbi-funds-management-ipo-retail-investors-growth-plan-hindi
    SBI Funds Management IPO: रिटेल निवेशकों पर बड़ा दांव, 53 करोड़ SBI ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी
    9 जुलाई 2026
    defence-stock-solar-industries-kotak-sell-rating-40-percent-downside-target-price
    Defence Stock: Solar Industries पर Kotak की Sell रेटिंग, 40% तक गिरावट का अनुमान
    9 जुलाई 2026
    tcs-dividend-rs12-per-share-record-date-15-july-2026
    TCS Dividend 2026: टीसीएस ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का किया ऐलान, रिकॉर्ड डेट 15 जुलाई
    9 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: कैसे बना था रुपये का ‘₹’ वाला डिजाइन? 3,331 डिजाइनों में चुना गया था यह खास प्रतीक, दिलचस्प है पूरी कहानी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
फाइनेंस

कैसे बना था रुपये का ‘₹’ वाला डिजाइन? 3,331 डिजाइनों में चुना गया था यह खास प्रतीक, दिलचस्प है पूरी कहानी

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/28 at 12:33 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
kaise-bana-tha-rupee-symbol-design-rs-sign-story
SHARE

भारत में रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर बड़े कारोबार तक हर जगह रुपये का इस्तेमाल होता है। जब भी हम किसी कीमत को लिखते हैं तो उसके आगे ‘₹’ का चिन्ह लगाते हैं। यह प्रतीक आज इतना आम हो चुका है कि शायद ही कोई दिन ऐसा गुजरता हो जब हम इसे न देखें। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय रुपये का यह खास चिन्ह आखिर बना कैसे था, किसने डिजाइन किया था और इसके पीछे क्या सोच थी।

Contents
क्यों पड़ी रुपये के लिए अलग प्रतीक की जरूरत?2009 में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिताकैसे चुना गया फाइनल डिजाइन?क्या मतलब है ‘₹’ के डिजाइन का?ऊपर बनी दो लाइनें क्या दर्शाती हैं?कौन हैं डी. उदय कुमार?सरकार ने दिया था ₹2.5 लाख का पुरस्कार15 जुलाई 2010 को आधिकारिक घोषणादुनिया की बड़ी मुद्राओं में शामिल हुआ रुपयाडिजिटल इंडिया के दौर में बढ़ी पहचाननिष्कर्ष

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय रुपये का प्रतीक कोई अचानक बनाया गया डिजाइन नहीं था, बल्कि इसके लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की थी। हजारों डिजाइनों के बीच जिस चिन्ह को चुना गया, उसने भारत की संस्कृति, आधुनिकता और आर्थिक पहचान तीनों को एक साथ दर्शाया।

क्यों पड़ी रुपये के लिए अलग प्रतीक की जरूरत?

साल 2000 के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही थी। दुनिया में डॉलर ($), यूरो (€), पाउंड (£) और येन (¥) जैसी मुद्राओं की अपनी अलग पहचान थी। लेकिन भारतीय रुपये को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अक्सर सिर्फ “Rs” या “INR” लिखकर दर्शाया जाता था।

विशेषज्ञों का मानना था कि भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को भी एक ऐसा प्रतीक चाहिए जो दुनिया भर में तुरंत पहचाना जा सके। इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने भारतीय रुपये के लिए एक अलग और आधिकारिक चिन्ह बनाने का फैसला लिया।

2009 में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने 5 मार्च 2009 को भारतीय रुपये के प्रतीक चिन्ह के लिए एक ओपन नेशनल कॉम्पिटिशन की घोषणा की। इस प्रतियोगिता में केवल भारतीय नागरिकों को हिस्सा लेने की अनुमति थी।

सरकार की ओर से कुछ खास शर्तें भी रखी गई थीं। डिजाइन ऐसा होना चाहिए था जो भारतीय संस्कृति और पहचान को दर्शाए आसानी से लिखा और समझा जा सके कंप्यूटर और प्रिंटिंग में उपयोग करने में आसान हो, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बना सके

उस समय देशभर से डिजाइनरों, कलाकारों और छात्रों ने बड़ी संख्या में अपने डिजाइन भेजे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुल 3,331 डिजाइन प्रतियोगिता में जमा किए गए थे।

कैसे चुना गया फाइनल डिजाइन?

हजारों डिजाइनों में से पहले केवल 5 डिजाइनों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद विशेषज्ञों की जूरी ने इन डिजाइनों का मूल्यांकन किया।

दिलचस्प बात यह रही कि जूरी के सामने जो डिजाइन रखे गए थे, उन पर डिजाइनर का नाम नहीं लिखा गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि फैसला पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो सके और किसी व्यक्ति की पहचान का प्रभाव चयन प्रक्रिया पर न पड़े। आखिरकार जिस डिजाइन को चुना गया, वह था डी. उदय कुमार का बनाया हुआ ‘₹’ चिन्ह।

क्या मतलब है ‘₹’ के डिजाइन का?

भारतीय रुपये का प्रतीक सिर्फ एक साधारण अक्षर नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी सोच और भारतीय पहचान छिपी हुई है। यह डिजाइन देवनागरी अक्षर ‘र’ और अंग्रेजी के बड़े अक्षर ‘R’ का मिश्रण है। इसमें अंग्रेजी अक्षर से उसकी वर्टिकल लाइन हटाई गई, जिससे एक नया और अनोखा रूप सामने आया।

ऊपर बनी दो लाइनें क्या दर्शाती हैं?

रुपये के चिन्ह के ऊपर बनी दो समानांतर रेखाओं का भी खास अर्थ माना जाता है। विशेषज्ञों और कई रिपोर्ट्स के अनुसार ये रेखाएं भारत के तिरंगे की समानांतर पट्टियों का संकेत देती हैं आर्थिक स्थिरता और संतुलन का प्रतीक मानी जाती हैं यही वजह थी कि यह डिजाइन भारतीय संस्कृति और आधुनिक अर्थव्यवस्था दोनों का प्रतिनिधित्व करता हुआ नजर आया।

कौन हैं डी. उदय कुमार?

भारतीय रुपये के प्रतीक चिन्ह को डिजाइन करने वाले शख्स का नाम डी. उदय कुमार है। वे मूल रूप से तमिलनाडु से हैं और डिजाइन के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।

जब उनका डिजाइन चुना गया, उस समय वे IIT Bombay के Industrial Design Centre (IDC) में PhD कर रहे थे। बाद में वे IIT Guwahati में प्रोफेसर बने। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रुपये का डिजाइन चुने जाने के अगले ही दिन उन्हें IIT Guwahati में अपनी नई नौकरी जॉइन करनी थी। यही बात इस कहानी को और दिलचस्प बना देती है।

सरकार ने दिया था ₹2.5 लाख का पुरस्कार

राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीतने पर भारत सरकार की ओर से डी. उदय कुमार को 2.5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया था। हालांकि बाद में उनका डिजाइन भारत की पहचान का स्थायी हिस्सा बन गया। आज यह चिन्ह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में भारतीय मुद्रा की पहचान के रूप में इस्तेमाल होता है।

15 जुलाई 2010 को आधिकारिक घोषणा

भारत सरकार ने 15 जुलाई 2010 को आधिकारिक रूप से भारतीय रुपये के प्रतीक ‘₹’ को सार्वजनिक किया था। इसके बाद धीरे-धीरे इसे कंप्यूटर कीबोर्ड, बैंकिंग सिस्टम, मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में शामिल किया गया।

इसके साथ ही भारतीय रुपया दुनिया की उन चुनिंदा मुद्राओं में शामिल हो गया जिनकी अपनी अलग वैश्विक पहचान है।

दुनिया की बड़ी मुद्राओं में शामिल हुआ रुपया

रुपये के प्रतीक को अपनाए जाने के बाद भारत उन देशों की सूची में शामिल हो गया जिनकी मुद्रा को उसके चिन्ह से पहचाना जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं अमेरिकी डॉलर ($), ब्रिटिश पाउंड (£), यूरो (€), जापानी येन (¥) भारतीय रुपये का अंतरराष्ट्रीय तीन अक्षरों वाला कोड “INR” है, जिसे ISO 4217 मानक के तहत मान्यता प्राप्त है।

डिजिटल इंडिया के दौर में बढ़ी पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ने के बाद ‘₹’ चिन्ह की पहचान और ज्यादा मजबूत हुई है। आज UPI, नेट बैंकिंग, ई-कॉमर्स और मोबाइल ऐप्स में यह प्रतीक हर जगह दिखाई देता है।

रुपये का यह चिन्ह अब सिर्फ एक करेंसी मार्क नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक ताकत और वैश्विक पहचान का प्रतीक बन चुका है।

निष्कर्ष

भारतीय रुपये का ‘₹’ चिन्ह केवल एक डिजाइन नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, भाषा और आर्थिक महत्वाकांक्षा का मिश्रण है। 3,331 डिजाइनों के बीच चुना गया यह प्रतीक आज करोड़ों भारतीयों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। डी. उदय कुमार की रचनात्मक सोच ने भारत को एक ऐसी पहचान दी, जिसे अब पूरी दुनिया पहचानती है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

EPF Interest 2026: 15 जुलाई तक PF खाते में आएगा 8.25% ब्याज, जानिए कैलकुलेशन और 4 जरूरी नियम

Meta का करोड़ों का ऑफर ठुकराने वाले IIT बॉम्बे के इंजीनियर ऋषभ अग्रवाल कौन हैं? जानिए पूरी कहानी

Market Outlook: सेंसेक्स-निफ्टी ने दिखाई दमदार वापसी, 10 जुलाई को किन स्तरों पर रहेगी बाजार की नजर?

₹5.35 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत, Sensex में 238 अंकों की तेजी, Nifty हरे निशान में बंद

गौतम अदाणी को अमेरिकी कोर्ट में देना होगा हलफनामा, केस वापसी के पीछे ‘सीक्रेट डील’ पर उठे सवाल

TAGGED: Currency Facts, Currency Symbol, D Uday Kumar, Finance News, IIT Bombay, Indian Currency, indian economy, INR, Interesting Facts, Rupee Design, Rupee History, आर्थिक खबर, इंडिया न्यूज, करेंसी न्यूज, बिजनेस न्यूज, भारत की मुद्रा, भारतीय रुपया, रुपया इतिहास, रुपये का चिन्ह, ₹ Symbol
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article best-zero-balance-bank-accounts-for-kids-in-india पॉकेट मनी बचाने का स्मार्ट तरीका! बच्चों के लिए ये 5 बैंक दे रहे Zero Balance Account, मिलेंगी शानदार सुविधाएं
Next Article gaon-me-shuru-kare-ye-4-profitable-business-ideas नौकरी छोड़कर गांव लौटने का है प्लान? ये 4 बिजनेस आइडिया बदल सकते हैं आपकी जिंदगी, कम निवेश में होगी दमदार कमाई

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Update: मेनबोर्ड और SME IPO में किसका जलवा? SBI Funds से लेकर Millworks Technologies तक जानें ताज़ा GMP
शेयर बाज़ार फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?