बच्चों को छोटी उम्र से पैसे संभालना सिखाना क्यों जरूरी हो गया है?
डिजिटल दौर में अब बच्चों की दुनिया सिर्फ स्कूल और खिलौनों तक सीमित नहीं रह गई है। आज के बच्चे ऑनलाइन शॉपिंग, यूपीआई पेमेंट, गेमिंग सब्सक्रिप्शन और डिजिटल वॉलेट जैसी चीजों से कम उम्र में ही परिचित हो रहे हैं। ऐसे में माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बच्चों को पैसों की अहमियत और सही वित्तीय आदतें कैसे सिखाई जाएं।
इसी जरूरत को देखते हुए देश के कई बड़े बैंक बच्चों और किशोरों के लिए खास सेविंग अकाउंट ऑफर कर रहे हैं। इन खातों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें ज्यादातर मामलों में न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती। साथ ही बच्चों को डेबिट कार्ड, मोबाइल बैंकिंग, खर्च की सीमा और पैरेंटल कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बच्चों को छोटी उम्र से बचत और बजट बनाना सिखाया जाए तो आगे चलकर वे पैसों को ज्यादा जिम्मेदारी के साथ संभालना सीखते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी समय-समय पर फाइनेंशियल लिटरेसी यानी वित्तीय शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देता रहा है।
क्यों तेजी से बढ़ रहा है बच्चों के बैंक अकाउंट का चलन?
पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। कोरोना महामारी के बाद से बच्चों की पढ़ाई, खरीदारी और मनोरंजन का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो गया। इसके बाद माता-पिता भी बच्चों को नियंत्रित तरीके से डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करना सिखाना चाहते हैं।
इसी वजह से अब कई बैंक ऐसे अकाउंट ला रहे हैं जिनमें खर्च की सीमा तय की जा सकती है, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ट्रैक किए जा सकते हैं, पैरेंट्स मोबाइल ऐप से निगरानी कर सकते हैं, बच्चों को सेविंग की आदत डाली जा सकती है विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिर्फ बैंक अकाउंट नहीं, बल्कि बच्चों के लिए “फाइनेंशियल ट्रेनिंग टूल” की तरह काम करते हैं।
| बैंक | अकाउंट नाम | उम्र सीमा | जीरो बैलेंस | खास सुविधा |
|---|---|---|---|---|
| Kotak Mahindra | My Junior Account | 18 साल तक | हां | Personalized Debit Card |
| Bank of Baroda | Baroda Champ | 18 साल तक | हां | Free DD for School Fees |
| IndusInd Bank | Indus Young Saver | 10+ साल | हां | Online Shopping Access |
| HDFC Bank | Kids Advantage | बच्चों के लिए | हां | Parental Control |
| IDBI Bank | Kids Saving Account | बच्चों के लिए | नहीं | ATM Withdrawal Limit |
1. कोटक महिंद्रा बैंक – Kotak My Junior Account
Kotak Mahindra Bank का “कोटक माय जूनियर अकाउंट” बच्चों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह अकाउंट खास तौर पर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए तैयार किया गया है।
इस खाते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती। यानी माता-पिता बिना किसी अतिरिक्त दबाव के बच्चों के लिए अकाउंट खुलवा सकते हैं। बैंक बच्चों को पर्सनलाइज्ड जूनियर डेबिट कार्ड भी देता है, जिसमें एटीएम निकासी की सीमा तय रहती है। इससे बच्चे जरूरत के हिसाब से ही पैसे निकाल सकते हैं और फिजूल खर्च पर नियंत्रण बना रहता है।
इसके अलावा मोबाइल बैंकिंग सुविधा, शॉपिंग और एजुकेशन ऑफर्स, सेविंग पर ब्याज, पैरेंटल निगरानी जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। यह अकाउंट भारतीय निवासी बच्चों के लिए उपलब्ध है, जबकि माता-पिता भारतीय या एनआरआई दोनों हो सकते हैं।
2. बैंक ऑफ बड़ौदा – Baroda Champ Account
Bank of Baroda का “बड़ौदा चैंप अकाउंट” भी बच्चों के लिए एक मजबूत विकल्प माना जाता है। यह अकाउंट 18 साल तक के बच्चों के लिए उपलब्ध है और इसमें जीरो बैलेंस की सुविधा दी जाती है।
यह अकाउंट खास तौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें स्कूल फीस भुगतान के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता। बैंक हर महीने एक फ्री डिमांड ड्राफ्ट की सुविधा भी देता है। 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों को थीम आधारित रुपे डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
हालांकि बैंक इस खाते में अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राशि रखने की अनुमति देता है, जिससे अकाउंट का इस्तेमाल नियंत्रित तरीके से हो सके।
3. इंडसइंड बैंक – Indus Young Saver Account
IndusInd Bank का “इंडस यंग सेवर अकाउंट” बच्चों को कम उम्र से ही डिजिटल बैंकिंग और पैसे के प्रबंधन की समझ देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
यह अकाउंट 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए उपलब्ध है। बच्चे स्वयं या माता-पिता की निगरानी में अकाउंट ऑपरेट कर सकते हैं। इस खाते में कस्टमाइज्ड डेबिट कार्ड, ऑनलाइन शॉपिंग सुविधा, पर्सनलाइज्ड चेकबुक, डिजिटल बैंकिंग एक्सेस जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
बैंक का फोकस बच्चों को सिर्फ बचत नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ खर्च करना सिखाने पर भी है।
4. एचडीएफसी बैंक – Kids Advantage Account
HDFC Bank का “किड्स एडवांटेज अकाउंट” उन माता-पिता के लिए उपयोगी माना जाता है जो बच्चों के खर्च पर नजर रखना चाहते हैं।
इस खाते की सबसे बड़ी ताकत इसका पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम है। माता-पिता दैनिक खर्च सीमा तय कर सकते हैं, ट्रांजैक्शन ट्रैक कर सकते हैं, एटीएम निकासी नियंत्रित कर सकते हैं
इसके साथ बच्चों को डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एसएमएस अलर्ट की सुविधा भी मिलती है। बैंक शिक्षा बीमा कवर जैसी अतिरिक्त सुविधा भी देता है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो।
5. आईडीबीआई बैंक – Kids Saving Account
IDBI Bank भी बच्चों के लिए विशेष सेविंग अकाउंट की सुविधा देता है। हालांकि इस खाते में न्यूनतम औसत बैलेंस की शर्त लागू होती है, लेकिन यह बच्चों को बैंकिंग की शुरुआती समझ देने के लिहाज से उपयोगी माना जाता है।
इस खाते में विशेष डिजाइन वाला एटीएम कार्ड, चेकबुक, सीमित निकासी सुविधा, बेसिक बैंकिंग एक्सेस जैसी सुविधाएं मिलती हैं। बैंक एटीएम निकासी की सीमा तय रखता है ताकि बच्चों के खर्च पर नियंत्रण बना रहे।
बच्चों के लिए बैंक अकाउंट खुलवाने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ अकाउंट खुलवाना ही काफी नहीं है। माता-पिता को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. खर्च की सीमा तय करें
बच्चों को जरूरत के हिसाब से ही खर्च की अनुमति दें।
2. ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में सिखाएं
OTP, PIN और बैंकिंग पासवर्ड किसी से साझा न करने की आदत डालें।
3. सेविंग गोल बनवाएं
बच्चों को छोटी-छोटी बचत के लक्ष्य दें, जैसे साइकिल खरीदना, नया गैजेट लेना, ट्रिप के लिए बचत
4. डिजिटल ट्रांजैक्शन समझाएं
UPI, कार्ड पेमेंट और बैंक बैलेंस चेक करना सिखाएं।
कौन-सा अकाउंट किसके लिए बेहतर?
| बैंक | सबसे बड़ी खासियत | किसके लिए बेहतर |
|---|---|---|
| Kotak Mahindra | Personalized Debit Card | Teenagers |
| Bank of Baroda | School Fee Benefits | School Students |
| IndusInd Bank | Digital Banking Features | Tech-Friendly Kids |
| HDFC Bank | Strong Parental Control | Parents Monitoring |
| IDBI Bank | Basic Banking Training | शुरुआती बैंकिंग सीखने वाले बच्चे |
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
फाइनेंशियल प्लानर्स के मुताबिक बच्चों को छोटी उम्र से बैंकिंग और सेविंग की आदत सिखाना भविष्य में उन्हें आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनाने में मदद करता है। डिजिटल दौर में जहां खर्च करना बेहद आसान हो गया है, वहीं बचत की आदत पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर बच्चे 10–15 साल की उम्र में बजट बनाना, खर्च नियंत्रित करना, बचत करना सीख जाते हैं, तो आगे चलकर वे क्रेडिट कार्ड कर्ज और अनावश्यक खर्च जैसी समस्याओं से काफी हद तक बच सकते हैं।
निष्कर्ष
आज के समय में बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट सिर्फ पॉकेट मनी रखने का जरिया नहीं रह गया है। ये अकाउंट बच्चों को वित्तीय अनुशासन, डिजिटल बैंकिंग और जिम्मेदार खर्च की शुरुआती शिक्षा देने का माध्यम बनते जा रहे हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईडीबीआई बैंक जैसे संस्थान बच्चों के लिए अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से बैंकिंग सुविधाएं दे रहे हैं। ऐसे में माता-पिता अपनी जरूरत और बच्चे की उम्र के हिसाब से सही विकल्प चुन सकते हैं।
Also Read:


