JP Morgan Hiring India: अमेरिकी बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जेपी मॉर्गन (JP Morgan) भारत में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का विस्तार करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी भारत में करीब 1,000 नए प्रोफेशनल्स की भर्ती करेगी। यह भर्ती मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों के लिए होगी, जिनमें क्लाउड आर्किटेक्चर, साइबर सिक्योरिटी और AI डेटा पाइपलाइंस जैसे हाई-डिमांड स्किल्स शामिल हैं। हालांकि कंपनी की ओर से इस हायरिंग प्लान पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
भारत पहले से ही जेपी मॉर्गन के लिए सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस हब्स में से एक है। कंपनी देश में अपने कारोबार और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है।
टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को मिलेगा बड़ा मौका
रिपोर्ट के अनुसार, JP Morgan इस भर्ती अभियान में ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी, जिनके पास आधुनिक टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में विशेषज्ञता हो। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- क्लाउड आर्किटेक्चर
- साइबर सिक्योरिटी
- AI डेटा पाइपलाइंस
- सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग
- सिस्टम डिजाइन और आर्किटेक्चर
उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के दौरान HackerRank आधारित ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। इसमें कोडिंग, डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिद्म और सिस्टम आर्किटेक्चर से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
भारत में 55,000 से ज्यादा कर्मचारी
जेपी मॉर्गन के भारत में पांच शहरों में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालित हैं। कंपनी के यहां लगभग 55,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके सबसे बड़े सेंटर:
- बेंगलुरु
- हैदराबाद
- मुंबई
में स्थित हैं। यही केंद्र कंपनी के वैश्विक बैंकिंग और टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस का अहम हिस्सा हैं।
मुंबई में बनेगा मेगा GCC कैंपस
कंपनी ने मुंबई में वर्ष 2029 तक लगभग 20 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में नया GCC कैंपस विकसित करने की योजना बनाई है। इस मेगा टेक्नोलॉजी कैंपस में लगभग 30,000 कर्मचारियों के काम करने की क्षमता होगी।
यहां मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंजीनियरिंग और ऑपरेशंस से जुड़े प्रोफेशनल्स कार्य करेंगे। यह निवेश भारत में कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
AI से कुछ विभागों में घट रही कर्मचारियों की जरूरत
एक ओर कंपनी भारत में नई भर्तियां कर रही है, वहीं दूसरी ओर जेपी मॉर्गन के CEO जेमी डायमन ने हाल ही में कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से बैंक के कुछ डिवीजनों में कर्मचारियों की जरूरत 30% से 40% तक कम हो गई है।
हालांकि AI पारंपरिक भूमिकाओं को प्रभावित कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा इंजीनियरिंग और क्लाउड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
क्या होता है GCC?
GCC (Global Capability Center) किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी का ऐसा केंद्र होता है, जहां से कंपनी अपने वैश्विक बिजनेस के लिए टेक्नोलॉजी, ऑपरेशंस, रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स, फाइनेंस और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित करती है।
पहले इन केंद्रों का उपयोग मुख्य रूप से लागत कम करने के लिए किया जाता था, लेकिन अब ये Innovation Hub और Center of Excellence के रूप में विकसित हो चुके हैं, जहां जटिल तकनीकी समाधान और नए प्रोडक्ट्स तैयार किए जाते हैं।
भारत GCC का ग्लोबल हब बन रहा
भारत आज दुनिया के सबसे बड़े GCC बाजारों में शामिल है। देश में वर्तमान में 2,100 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालित हैं, जहां करीब 24 लाख पेशेवर कार्यरत हैं। इन केंद्रों से हर साल लगभग 98.4 अरब डॉलर का राजस्व उत्पन्न होता है।
बेहतरीन तकनीकी प्रतिभा, अपेक्षाकृत कम परिचालन लागत और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण भारत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए GCC स्थापित करने की पहली पसंद बनता जा रहा है।
नौकरी तलाश रहे उम्मीदवारों के लिए क्या मायने?
जेपी मॉर्गन की यह भर्ती उन युवाओं और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा अवसर है, जो बैंकिंग टेक्नोलॉजी, AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं। आने वाले महीनों में कंपनी अलग-अलग टेक्नोलॉजी प्रोफाइल के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकती है। ऐसे में इच्छुक उम्मीदवारों को अपनी कोडिंग स्किल्स, सिस्टम डिजाइन, डेटा स्ट्रक्चर और AI से जुड़ी तकनीकी क्षमता मजबूत रखने की सलाह दी जाती है।


