Harsh Goenka praises Amul Ad: जन्माष्टमी के मौके पर अमूल ने एक बार फिर अपने क्रिएटिव विज्ञापन से लोगों का ध्यान खींचा है। इस खास ऐड में भगवान श्रीकृष्ण के बचपन की माखन चोरी की शरारत को अमूल बटर से जोड़ते हुए बेहद दिलचस्प अंदाज में पेश किया गया है। आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका भी इस विज्ञापन के मुरीद हो गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसे शेयर करते हुए अमूल की क्रिएटिविटी की तारीफ की और लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
नई दिल्ली: जन्माष्टमी के त्योहार पर ब्रांड्स अक्सर अपने विज्ञापनों के जरिए त्योहार की भावनाओं को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। अमूल इस मामले में लंबे समय से अपनी अलग पहचान रखता है। इस बार भी कंपनी ने भगवान श्रीकृष्ण के माखन प्रेम को अपने प्रोडक्ट के साथ जोड़कर एक ऐसा विज्ञापन तैयार किया है, जो बिना ज्यादा शब्दों के पूरी कहानी कह देता है।
आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने अमूल के इस क्रिएटिव को सोशल मीडिया पर शेयर किया। विज्ञापन की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा, “कितना प्यारा विज्ञापन है! जन्माष्टमी की शुभकामनाएं…” उनके इस पोस्ट के बाद विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
अमूल के ऐड में आखिर ऐसा क्या है?
What a lovely ad! Happy Janmashtami… pic.twitter.com/ux6qEMY2g0
— Harsh Goenka (@hvgoenka) September 4, 2026 अमूल का यह विज्ञापन देखने में काफी साधारण है, लेकिन इसकी क्रिएटिविटी इसी सादगी में छिपी हुई है। विज्ञापन में अमूल बटर का एक खाली रैपर दिखाई देता है। रैपर के आसपास बटर का कोई नामोनिशान नहीं है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मक्खन किसी ने चट कर लिया है।
रैपर के पास मक्खन लगाने वाला चाकू और मोरपंख रखा हुआ नजर आता है। इसके अलावा विज्ञापन में नीले रंग के छोटे-छोटे पैरों के निशान भी दिखाई देते हैं, जो खाली बटर रैपर से आगे बढ़ते हुए ‘हैप्पी जन्माष्टमी’ के संदेश तक पहुंचते हैं।
यानी विज्ञापन में भगवान श्रीकृष्ण का नाम सीधे तौर पर लेने के बजाय संकेतों के जरिए पूरी कहानी समझाई गई है।
‘We know who did it’ ने खींचा ध्यान
विज्ञापन की सबसे खास बात इसकी पंचलाइन है। ऊपर लिखा है “We know who did it.” यानी, “हम जानते हैं कि यह किसने किया है।”
मक्खन का खाली पैकेट, मोरपंख और नीले पैरों के निशान एक साथ देखकर किसी को यह समझने में देर नहीं लगती कि इशारा किस तरफ है। यह भगवान श्रीकृष्ण के बचपन की उन कहानियों की याद दिलाता है, जिनमें उन्हें माखन चुराकर खाने वाला नटखट बालक बताया गया है।
अमूल ने इसी लोकप्रिय सांस्कृतिक संदर्भ को अपने बटर प्रोडक्ट के साथ जोड़ दिया है। विज्ञापन में न तो किसी लंबे संदेश की जरूरत पड़ी और न ही किसी बड़े विजुअल सेटअप की। कुछ छोटे-छोटे संकेतों के जरिए पूरी कहानी दर्शकों तक पहुंच जाती है।
कृष्ण के माखन प्रेम और अमूल बटर का कनेक्शन
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में माखन चोरी की कहानियां बेहद लोकप्रिय हैं। इसी वजह से जन्माष्टमी के अवसर पर माखन या मक्खन से जुड़े क्रिएटिव विज्ञापनों की संभावनाएं भी काफी ज्यादा रहती हैं।
अमूल ने इस कनेक्शन का इस्तेमाल अपने खास अंदाज में किया है। कंपनी ने अपने बटर रैपर को कहानी का केंद्र बनाया और उसके साथ मोरपंख तथा पैरों के निशान जैसे संकेत जोड़ दिए।
यही वजह है कि विज्ञापन को देखने के बाद दर्शक खुद कहानी पूरी कर लेते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी क्रिएटिव ताकत भी है।
हर्ष गोयनका को क्यों पसंद आया यह विज्ञापन?
हर्ष गोयनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बिजनेस, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जुड़े पोस्ट के अलावा अलग-अलग विषयों पर अपनी राय साझा करते रहते हैं। अमूल के इस विज्ञापन को शेयर करते हुए उन्होंने इसकी सादगी और क्रिएटिविटी की तारीफ की।
उनका छोटा-सा रिएक्शन भी बताता है कि विज्ञापन का कॉन्सेप्ट उन्हें पसंद आया। उन्होंने लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए इसे एक “प्यारा विज्ञापन” बताया।
सोशल मीडिया पर ऐसे क्रिएटिव विज्ञापन तेजी से चर्चा में आते हैं, क्योंकि इनमें त्योहार की भावनाओं के साथ ब्रांड की पहचान भी जुड़ी होती है।
अमूल की ‘टॉपिकल एडवरटाइजिंग’ का एक और उदाहरण
अमूल अपने विज्ञापनों के लिए खास तौर पर जाना जाता है। किसी बड़े राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, त्योहार या लोकप्रिय मुद्दे को अपने प्रोडक्ट से जोड़कर कम शब्दों में संदेश देना उसकी मार्केटिंग शैली का हिस्सा रहा है।
जन्माष्टमी के इस विज्ञापन में भी यही रणनीति नजर आती है। यहां माखन चोरी की लोकप्रिय कहानी को अमूल बटर से जोड़ दिया गया है।
विज्ञापन का संदेश न तो बहुत जटिल है और न ही इसे समझने के लिए किसी अतिरिक्त जानकारी की जरूरत पड़ती है। एक खाली बटर रैपर, चाकू, मोरपंख और नीले पैरों के निशान ही दर्शकों को पूरी कहानी समझाने के लिए काफी हैं।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
हर्ष गोयनका के पोस्ट शेयर करने के बाद अमूल के इस जन्माष्टमी क्रिएटिव को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी। ऐसे विज्ञापन अक्सर इसलिए भी पसंद किए जाते हैं क्योंकि इनमें सीधे तौर पर प्रोडक्ट बेचने के बजाय एक छोटी कहानी या भावनात्मक कनेक्शन बनाया जाता है।
जन्माष्टमी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार के साथ अमूल बटर को जोड़ने का यह तरीका ब्रांड की पहचान को भी मजबूत करता है और दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करता है।
कुल मिलाकर, “We know who did it” वाला यह क्रिएटिव भगवान श्रीकृष्ण की नटखट माखन चोरी की लीलाओं को अमूल के बटर से जोड़ने का एक चतुर और सरल उदाहरण है। यही क्रिएटिविटी हर्ष गोयनका को भी पसंद आई और उन्होंने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।


