नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जैसे-जैसे अंतिम तिथि करीब आ रही है, लाखों टैक्सपेयर्स के मन में एक सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या हर व्यक्ति के लिए ITR फाइल करना अनिवार्य है?
इसका सीधा जवाब है—नहीं। हर व्यक्ति के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी नहीं होता। आयकर कानून के तहत यदि आपकी आय निर्धारित सीमा से कम है और आप कुछ विशेष परिस्थितियों में नहीं आते, तो आपको ITR दाखिल करने की अनिवार्यता नहीं होती। हालांकि, कुछ ऐसे नियम भी हैं जिनके तहत कम आय होने के बावजूद भी रिटर्न फाइल करना जरूरी हो जाता है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि किन लोगों को ITR दाखिल करना अनिवार्य है, किन्हें छूट मिली हुई है और रिटर्न भरने के क्या फायदे हैं।
कितनी आय तक ITR दाखिल करना जरूरी नहीं?
सरकार ने नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत अलग-अलग बेसिक छूट सीमा तय की है।
नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime)
यदि आपने नई टैक्स व्यवस्था चुनी है और आपकी कुल वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, तो सामान्य परिस्थितियों में ITR दाखिल करना अनिवार्य नहीं है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime)
यदि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं और आपकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है, तो भी आमतौर पर आपको ITR दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होती।
हालांकि यह छूट तभी लागू होती है जब आप उन विशेष शर्तों में शामिल न हों, जिनमें कम आय होने पर भी ITR भरना अनिवार्य हो जाता है।
किन लोगों को ITR दाखिल करने से छूट मिली है?
आयकर विभाग ने कुछ विशेष श्रेणियों के करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने से राहत दी है।
इनमें शामिल हैं—
- जिनकी पूरी आय आयकर कानून के तहत पूरी तरह टैक्स मुक्त है।
- ऐसे नाबालिग बच्चे जिनकी आय माता-पिता की आय में क्लब (Clubbing) कर दी जाती है।
- ऐसे प्रवासी भारतीय (NRI) जिनकी भारत में आय केवल विदेशी मुद्रा निवेश या लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से है और उस पर आवश्यक TDS पहले ही कट चुका है।
- गैर-निवासी विदेशी खिलाड़ी, खेल संगठन और कलाकार, जिनकी भारत में हुई आय पर निर्धारित TDS पहले ही जमा किया जा चुका है।
कम आय होने पर भी कब ITR भरना जरूरी हो जाता है?
आयकर विभाग ने कुछ वित्तीय गतिविधियों को ऐसा माना है, जिनके होने पर आपकी आय टैक्स सीमा से कम होने के बावजूद भी ITR दाखिल करना अनिवार्य हो सकता है।
1. करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपये से अधिक जमा
यदि आपने वित्त वर्ष के दौरान एक या एक से अधिक करंट अकाउंट में कुल 1 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा किए हैं।
2. सेविंग्स अकाउंट में 50 लाख रुपये से अधिक जमा
यदि आपके बचत खाते में पूरे साल के दौरान 50 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा हुई है।
3. बिजनेस का टर्नओवर 60 लाख रुपये से ज्यादा
यदि आपका व्यवसाय है और उसका वार्षिक कारोबार 60 लाख रुपये से अधिक है।
4. प्रोफेशनल की ग्रॉस रिसीट 10 लाख रुपये से ज्यादा
डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंसल्टेंट या अन्य प्रोफेशनल्स की सालाना ग्रॉस रिसीट 10 लाख रुपये से अधिक होने पर ITR दाखिल करना जरूरी हो सकता है।
5. विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक खर्च
यदि आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किया है।
6. बिजली का बिल 1 लाख रुपये से अधिक
यदि पूरे वित्त वर्ष में आपका बिजली बिल 1 लाख रुपये से अधिक रहा है।
7. TDS अधिक कटा हो
यदि वित्त वर्ष में आपके खाते से 25,000 रुपये से ज्यादा TDS काटा गया है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50,000 रुपये निर्धारित है।
8. विदेश में संपत्ति या बैंक खाता
यदि आप भारत के निवासी हैं और आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, वित्तीय हित या बैंक खाता है, तो भी ITR दाखिल करना अनिवार्य हो सकता है।
टैक्स नहीं बनता, फिर भी ITR भरना क्यों फायदेमंद है?
कई लोग यह सोचकर ITR दाखिल नहीं करते कि उनकी आय पर टैक्स नहीं बनता। लेकिन टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि Nil ITR दाखिल करना भी कई मामलों में भविष्य के लिए लाभदायक साबित होता है।
बैंक लोन लेने में आसानी
होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के लिए बैंक अक्सर पिछले कुछ वर्षों के ITR मांगते हैं। इससे आपकी आय और वित्तीय स्थिति का प्रमाण मिलता है।
क्रेडिट कार्ड अप्रूवल में मदद
उच्च लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड के लिए ITR एक महत्वपूर्ण आय प्रमाण (Income Proof) माना जाता है।
वीजा आवेदन में उपयोगी
अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के वीजा आवेदन में पिछले वर्षों का ITR जमा करना पड़ सकता है।
आय का आधिकारिक रिकॉर्ड
ITR आपकी कमाई का सरकारी रिकॉर्ड होता है, जो भविष्य में किसी भी वित्तीय या कानूनी प्रक्रिया में उपयोगी साबित हो सकता है।
TDS रिफंड प्राप्त करने का माध्यम
यदि आपकी आय पर जरूरत से ज्यादा TDS कट गया है, तो उसका रिफंड पाने के लिए ITR दाखिल करना आवश्यक होता है।
विशेषज्ञों की राय
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपकी आय टैक्स योग्य नहीं भी है, तब भी नियमित रूप से ITR दाखिल करना अच्छी वित्तीय आदत है। इससे आपकी वित्तीय विश्वसनीयता बढ़ती है और भविष्य में बैंकिंग, निवेश, वीजा तथा अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आती।
निष्कर्ष
हर व्यक्ति के लिए ITR Filing 2026 अनिवार्य नहीं है, लेकिन आयकर विभाग द्वारा निर्धारित कुछ विशेष शर्तों के अंतर्गत आने पर कम आय वाले लोगों को भी रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है। वहीं, जिन लोगों पर ITR भरना अनिवार्य नहीं है, उनके लिए भी स्वेच्छा से Nil ITR दाखिल करना भविष्य की वित्तीय जरूरतों के लिहाज से एक समझदारी भरा कदम माना जाता है।


