Italy Storm Video: इटली के फोर्ली शहर में 21 अगस्त को आए भीषण तूफान ने लुइजी रिडोल्फी एयरपोर्ट पर भारी तबाही मचाई। करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं का असर इतना जबरदस्त था कि एयरपोर्ट पर खड़े हल्के विमान हवा में उछलते और पलटते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तूफान की भयावह ताकत साफ दिखाई दे रही है। इस घटना में एयरपोर्ट की कुछ संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
इटली में इन दिनों खराब मौसम ने कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। फोर्ली में आया तूफान भी इसी मौसम प्रणाली का हिस्सा था। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं और बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सबसे डरावना मंजर फोर्ली के लुइजी रिडोल्फी एयरपोर्ट पर देखने को मिला, जहां खड़े छोटे विमानों को तूफानी हवाओं ने अपनी चपेट में ले लिया।
हवा में खिलौनों की तरह उछलते दिखे विमान
Multiple aircraft moved due to powerful winds during a severe storm on August 21. Gusts reached around 120 km/h (75 mph) in Forlì Emilia-Romagna Italy. pic.twitter.com/3NJSVoiTfJ
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) August 23, 2026 सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एयरपोर्ट पर खड़े हल्के विमान तेज हवाओं के बीच बुरी तरह हिलते नजर आते हैं। हवा का दबाव बढ़ने के साथ कुछ विमान अपनी जगह से खिसक गए और देखते ही देखते हवा में उठते दिखाई दिए। इसके बाद कुछ विमान पलटकर जमीन पर जा गिरे।
करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं हल्के विमानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हुईं। वीडियो में विमान जिस तरह से हवा के साथ उछलते और पलटते दिखाई दे रहे हैं, उससे तूफान की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ ही समय में एयरपोर्ट का सामान्य माहौल अफरा-तफरी में बदल गया।
बताया गया कि कम से कम चार छोटे विमान तूफान की चपेट में आए। हालांकि घटना के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है।
एयरपोर्ट की इमारत को भी हुआ नुकसान
तूफानी हवाओं का असर सिर्फ विमानों तक सीमित नहीं रहा। एयरपोर्ट की कुछ इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। यात्रियों के आने-जाने वाले हिस्से की छत का एक हिस्सा तेज हवाओं के कारण टूटकर अलग हो गया।
हालात को देखते हुए एयरपोर्ट को एहतियात के तौर पर करीब एक घंटे के लिए बंद करना पड़ा। सुरक्षा एजेंसियों और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एयरपोर्ट परिसर को सुरक्षित बनाने और नुकसान का आकलन करने के बाद गतिविधियों को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
सबसे बड़ी राहत यह रही कि तूफान के कारण एयरपोर्ट पर विमानों और इमारतों को नुकसान तो पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई।
फोर्ली-चेसेना और रावेन्ना में भी दिखा तूफान का असर
तूफान का असर केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं था। फोर्ली-चेसेना और रावेन्ना प्रांत के आसपास के इलाकों में भी तेज हवाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया। कई जगह पेड़ उखड़ गए और सड़कों तथा अन्य स्थानों पर मलबा फैल गया।
हालात से निपटने के लिए दमकल विभाग और बचाव टीमों को बड़ी संख्या में कॉल मिलीं। स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कर्मियों को 150 से ज्यादा बार सहायता के लिए पहुंचना पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर लोगों को घरों के अंदर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई।
इस तरह की घटनाओं में पेड़ों के गिरने के साथ बिजली के तार और अन्य ढांचे भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इसलिए तूफान के दौरान प्रशासन के लिए सड़कों को सुरक्षित करना और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।
इटली के कई हिस्सों में खराब मौसम
फोर्ली में आया तूफान इटली में जारी खराब मौसम के बड़े दौर का हिस्सा था। लिगुरिया, टस्कनी, लोम्बार्डी और एमिलिया-रोमाग्ना सहित कई इलाकों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने परेशानी बढ़ाई।
टस्कनी में मौसम के इस दौर के दौरान हजारों बार बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां 23 हजार से ज्यादा बार बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। तेज हवाओं की स्थिति का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पीसा के तट पर हवा की रफ्तार करीब 106 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जबकि फ्लोरेंस प्रांत में हवा की गति 103 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से रास्ते प्रभावित हुए और बिजली आपूर्ति में भी बाधा आई। खराब मौसम के कारण स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों को लगातार राहत कार्य करना पड़ा।
जमीन पर खड़े विमान भी क्यों उड़ने लगते हैं?
फोर्ली एयरपोर्ट का वीडियो इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि आम तौर पर लोगों को लगता है कि विमान केवल उड़ान भरने के दौरान ही तेज हवाओं से प्रभावित होते हैं। लेकिन वास्तव में जमीन पर खड़े विमान भी बहुत तेज हवाओं की चपेट में आ सकते हैं।
खासकर हल्के विमान और अल्ट्रालाइट विमान अपने कम वजन के कारण तेज हवा में ज्यादा आसानी से हिल सकते हैं। यदि हवा की दिशा अचानक बदल जाए या तेज झोंका सीधे विमान के किसी हिस्से पर पड़े, तो विमान के संतुलन पर असर पड़ सकता है।
विमान का डिजाइन, उसका वजन, हवा की दिशा, विमान के पहियों की स्थिति और उसे जमीन से सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किए गए उपाय इस बात को प्रभावित करते हैं कि तेज हवा में वह कितना स्थिर रहेगा। एयरपोर्ट पर छोटे विमानों को तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानियां बरती जाती हैं।
फोर्ली में सामने आया वीडियो इसी वजह से बेहद चौंकाने वाला है। हवा के एक तेज झोंके ने जिस तरह से हल्के विमान को जमीन से उठाकर पलट दिया, वह तूफान की असाधारण ताकत को दिखाता है।
तूफान के दौरान एयरपोर्ट बंद करना क्यों जरूरी था?
एयरपोर्ट पर तेज हवाओं के बीच विमानों की आवाजाही जारी रखना यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसके अलावा रनवे और आसपास के क्षेत्र में उड़ते हुए मलबे का खतरा भी बढ़ जाता है।
तेज हवा में किसी इमारत का हिस्सा, छत का टुकड़ा या दूसरी वस्तु उड़कर रनवे तक पहुंच सकती है। ऐसे में विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि खराब मौसम की गंभीर स्थिति में एयरपोर्ट संचालन को अस्थायी रूप से रोकना सुरक्षा की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
फोर्ली में भी तूफान की स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट को करीब एक घंटे तक बंद रखा गया। इस दौरान बचाव और सुरक्षा टीमों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काम किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ खौफनाक वीडियो
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें छोटे विमान तेज हवाओं के बीच बुरी तरह हिलते, जमीन से उठते और पलटते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो देखने वाले लोग तूफान की ताकत देखकर हैरानी जता रहे हैं।
हालांकि, ऐसे वीडियो को देखते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हर वीडियो की जानकारी हमेशा पूरी तरह प्रमाणित नहीं होती। फिर भी फोर्ली एयरपोर्ट पर तूफान से हुए नुकसान और तेज हवाओं की घटनाओं ने इटली में खराब मौसम की गंभीरता को सामने ला दिया है।
फोर्ली की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अत्यधिक तेज हवाएं कितनी कम समय में बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं। जमीन पर खड़े हल्के विमान भी ऐसे मौसम में सुरक्षित नहीं रहते और इमारतों तथा पेड़ों पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है। राहत की बात यही रही कि इस भयावह घटना के बावजूद किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।


