ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालीबाफ ने डोनाल्ड ट्रम्प के शांति वार्ता दावों को खारिज किया है। जानें US-Iran युद्ध के बीच क्या बोले ग़ालीबाफ और क्यों बढ़ा तनाव।
ईरान का ट्रम्प पर बड़ा हमला: शांति वार्ता के दावों को बताया झूठा
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के शांति वार्ता संबंधी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
ग़ालीबाफ ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की बातचीत या वार्ता नहीं हुई है, और इस तरह की खबरें केवल भ्रम फैलाने के लिए बनाई जा रही हैं।
शांति वार्ता पर विवाद: क्या कहा ग़ालीबाफ ने?
ईरानी संसद अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि:
- अमेरिका द्वारा “शांति वार्ता” की बात पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है
- यह खबरें तेल बाजार और वैश्विक आर्थिक माहौल को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं
- ईरान किसी भी तरह के दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा
उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी जनता और सरकार “आक्रामकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई” की मांग कर रही है।
ट्रम्प के दावे और ईरान का इनकार
एक तरफ जहां Donald Trump ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच “productive talks” चल रही हैं, वहीं ईरान ने इन दावों को पूरी तरह नकार दिया।
- ट्रम्प प्रशासन ने संकेत दिए थे कि बातचीत से समाधान निकल सकता है
- लेकिन ईरान ने इसे “राजनीतिक रणनीति” बताया
- ग़ालीबाफ के अनुसार, अमेरिका सैन्य दबाव बनाकर कूटनीति का दिखावा कर रहा है
युद्ध का बढ़ता तनाव
US-Israel और ईरान के बीच युद्ध अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं:
- लगातार हवाई हमले और मिसाइल हमले जारी हैं
- अमेरिका क्षेत्र में सैनिक बढ़ा रहा है
- ईरान ने भी जवाबी हमलों की चेतावनी दी है
हाल ही में ग़ालीबाफ ने चेतावनी दी कि अगर ज़रूरत पड़ी तो ईरान अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा।
कूटनीति बनाम युद्ध: क्या है असली रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- अमेरिका “वार्ता” की बात करके वैश्विक दबाव कम करना चाहता है
- ईरान इसे रणनीतिक भ्रम (strategic narrative) मान रहा है
- दोनों पक्षों के बीच विश्वास की भारी कमी है
ग़ालीबाफ ने यह भी कहा कि अमेरिका “जो युद्ध में हासिल नहीं कर पाया, उसे कूटनीति के जरिए पाने की कोशिश कर रहा है।”
वैश्विक असर
इस विवाद का असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं है:
- तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर खतरा बना हुआ है
- वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है
निष्कर्ष
ईरान द्वारा ट्रम्प के शांति वार्ता दावों को खारिज करना यह दिखाता है कि मध्य पूर्व संकट अभी खत्म होने से बहुत दूर है।
जहां एक तरफ अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, वहीं ईरान इसे पूरी तरह नकार रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कूटनीति आगे बढ़ती है या संघर्ष और तेज होता है।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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