अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित धमकी भरा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन ट्रंप को निशाना बनाने का दावा किया गया है। वीडियो में “How to Kill Melania Trump” जैसे खतरनाक कैप्शन का इस्तेमाल किया गया है और इसे कथित तौर पर ईरान समर्थक तत्वों से जुड़े एक गुप्त ऑपरेशनल गाइड के रूप में पेश किया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी प्रामाणिकता संदिग्ध बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवादित वीडियो

रिपोर्ट्स के अनुसार, वायरल फुटेज में मेलानिया ट्रंप की गतिविधियों पर नजर रखने का दावा किया गया है। वीडियो में न्यूयॉर्क शहर के लग्जरी शॉपिंग स्टोर्स, उनके काफिले और कथित पसंदीदा स्थानों का जिक्र किया गया है। इसमें यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मौजूदगी कथित हमले के लिए अवसर हो सकती है।
वीडियो में बेहद खतरनाक और हिंसक दावे भी किए गए हैं, जिनमें कथित रूप से मेलानिया ट्रंप को निशाना बनाने की बात कही गई है। इन दावों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
बैरन ट्रंप को भी दी गई कथित धमकी
वीडियो के अंतिम हिस्से में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे छोटे बेटे बैरन ट्रंप का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसमें एक धमकी भरा संदेश दिखाया गया है, जिसमें कहा गया है कि “यह तो सिर्फ शुरुआत है, बैरन ट्रंप हमारा इंतजार करो।”
इस संदेश के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सुरक्षा और अमेरिकी राष्ट्रपति परिवार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
‘Blood for Blood’ बिलबोर्ड से भी बढ़ा विवाद
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप परिवार को लेकर इस तरह की उकसाऊ सामग्री सामने आई हो। हाल ही में तेहरान के फिलिस्तीन स्क्वायर में लगाए गए एक बड़े बिलबोर्ड की तस्वीरें भी चर्चा में आई थीं। उसमें डोनाल्ड ट्रंप, मेलानिया ट्रंप और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को अमेरिकी झंडे में लिपटे ताबूतों के साथ दिखाया गया था और उस पर “Blood for Blood” लिखा था।
इस तरह के पोस्टर और दृश्य सामग्री ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ाने का काम किया।
ट्रंप पहले भी जता चुके हैं खतरे की आशंका
इस महीने की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे लंबे समय से ईरान के निशाने पर हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उन पर या उनके परिवार पर किसी प्रकार का हमला करने की कोशिश की गई, तो अमेरिका इसका कड़ा और निर्णायक जवाब देगा।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस वायरल वीडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कई मीडिया संस्थानों ने भी स्पष्ट किया है कि वे वीडियो की सत्यता या उसमें किए गए दावों की पुष्टि नहीं करते हैं। इसलिए इस वीडियो में दिखाई गई किसी भी जानकारी को सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर इस तरह की संवेदनशील सामग्री अक्सर बिना पुष्टि के वायरल हो जाती है। ऐसे मामलों में केवल आधिकारिक एजेंसियों और विश्वसनीय स्रोतों से जारी जानकारी पर भरोसा करना ही उचित माना जाता है.


