International Climate Agreements & India’s Role – जानें Kyoto Protocol, Paris Agreement, Glasgow Pact जैसे समझौतों में भारत की भूमिका और Net-Zero 2070 की दिशा।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) आज पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसी कारण से विभिन्न देशों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई Climate Agreements और Summits के जरिए उत्सर्जन घटाने और Net-Zero Future की दिशा में काम करना शुरू किया है। भारत भी इसमें एक मुख्य भूमिका निभा रहा है।
📜 प्रमुख International Climate Agreements

1. 🌱 Kyoto Protocol (1997)
- पहला अंतरराष्ट्रीय समझौता जिसने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य तय किया।
- विकसित देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य।
2. 🌍 Paris Agreement (2015)
- लक्ष्य: वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5°C तक सीमित करना।
- सभी देशों ने Nationally Determined Contributions (NDCs) प्रस्तुत किए।
- भारत का वादा:
- 2030 तक 50% बिजली Non-fossil sources से।
- 1 बिलियन टन CO₂ उत्सर्जन में कमी।
3. 🌐 Glasgow Climate Pact (COP26, 2021)
- कोयले के उपयोग में कमी।
- Net-Zero Pledges पर जोर।
- भारत का Net-Zero Target: 2070।
4. 🌏 Montreal Protocol & Kigali Amendment
- Ozone Layer Protection और HFCs की कमी।
- भारत ने HFCs Phase-down की सहमति दी।
🇮🇳 भारत की भूमिका

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है और उसका जलवायु नीतियों में योगदान अहम है:
- International Solar Alliance (ISA) – 100+ देशों के साथ Solar Energy को बढ़ावा।
- Coal to Clean Transition – कोयला पर निर्भरता घटाकर Solar, Wind और Hydro पर जोर।
- National Hydrogen Mission – 2030 तक Green Hydrogen Hub बनने का लक्ष्य।
- Lifestyle for Environment (LiFE Movement) – टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा।
- G20 Presidency (2023) – ग्रीन एनर्जी, फाइनेंस और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी पर फोकस।
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💰 Climate Finance & Technology Transfer
- भारत ने विकसित देशों से $100 Billion प्रति वर्ष Climate Finance की मांग रखी।
- Green Bonds और International Funding से Renewable Projects को बढ़ावा।
- Developed nations से Technology Transfer पर जोर।
🔮 भविष्य की दिशा
- Net-Zero 2070 Roadmap।
- Green Hydrogen + Electric Mobility Integration।
- Carbon Capture & Storage (CCS) में निवेश।
- Regional & Bilateral Agreements for Clean Energy।
📌 निष्कर्ष
International Climate Agreements & India’s Role दिखाते हैं कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है। आने वाले वर्षों में भारत का Renewable Energy Expansion, Green Hydrogen Mission और Sustainable Development Goals दुनिया को Net-Zero Future की ओर ले जाने में अहम साबित होंगे।
❓ FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. Kyoto Protocol क्या था और इसमें भारत की भूमिका क्या रही?
👉 Kyoto Protocol (1997) पहला अंतरराष्ट्रीय समझौता था जिसमें विकसित देशों पर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने की कानूनी बाध्यता थी। भारत पर बाध्यता नहीं थी लेकिन उसने कई CDM प्रोजेक्ट्स में भाग लिया।
Q2. Paris Agreement में भारत ने क्या वादा किया?
👉 भारत ने 2030 तक 50% बिजली Non-fossil sources से बनाने और 1 बिलियन टन CO₂ उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य रखा।
Q3. Glasgow Climate Pact (COP26) में भारत का योगदान क्या था?
👉 भारत ने 2070 तक Net-Zero का लक्ष्य घोषित किया और पांच प्रमुख जलवायु प्रतिज्ञाएँ (Panchamrit) पेश कीं।
Q4. International Solar Alliance (ISA) क्या है?
👉 ISA भारत की पहल है जिसमें 100+ देश शामिल हैं, इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है।
Q5. भारत ने Climate Finance को लेकर क्या मांग रखी है?
👉 भारत ने विकसित देशों से हर वर्ष $100 Billion की Climate Finance की मांग की है ताकि विकासशील देश क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश कर सकें।
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