Highlights
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील अगले 3-4 महीनों में साइन होने की संभावना
- अमेरिकी अधिकारी ने कहा- एग्रीमेंट लगभग तैयार, दस्तावेज भी तैयार
- ‘सेक्शन 301’ जांच पूरी होने का इंतजार, इसलिए अटकी प्रक्रिया
- जांच पूरी होते ही दोनों देशों के बीच समझौते की राह होगी साफ
- प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ और दवा नीति पर भी बनी हुई है नजर
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही द्विपक्षीय ट्रेड डील (India-US Trade Deal) अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर अगले तीन से चार महीनों के भीतर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई गई है। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, समझौते का मसौदा लगभग तैयार है और केवल अमेरिका में चल रही ‘सेक्शन 301’ ट्रेड जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
यह डील भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
एग्रीमेंट लगभग तैयार, सिर्फ जांच पूरी होने का इंतजार
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मनीला में आयोजित आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट लगभग तैयार है।
अधिकारी ने कहा कि समझौते से जुड़े दस्तावेज भी तैयार हैं। अब केवल अमेरिका की ‘सेक्शन 301’ जांच पूरी होने के बाद आगे की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।
उनके मुताबिक, देरी का कारण भारत और अमेरिका के बीच किसी बड़े मुद्दे पर मतभेद नहीं है, बल्कि अमेरिका में जारी कानूनी और व्यापारिक जांच है।
क्या है ‘सेक्शन 301’ जांच?
सेक्शन 301 अमेरिका का एक व्यापार कानून है, जिसके तहत वह उन देशों की जांच करता है जिन पर अनुचित व्यापारिक व्यवहार (Unfair Trade Practices) का आरोप होता है।
यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो अमेरिका संबंधित देशों पर—
- अतिरिक्त टैरिफ लगा सकता है।
- जवाबी व्यापारिक कार्रवाई कर सकता है।
- आयात नियमों को सख्त बना सकता है।
फिलहाल भारत सहित करीब 60 देशों से जुड़े मामलों की जांच चल रही है।
इस सप्ताह या अगले सप्ताह पूरी हो सकती है जांच
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, सेक्शन 301 के तहत चल रही प्रमुख जांच इस सप्ताह या अगले सप्ताह पूरी होने की उम्मीद है।
इसके बाद भारत समेत कई देशों के साथ लंबित व्यापार समझौतों पर तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने संकेत दिया कि जांच पूरी होते ही भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
3-4 महीने में साइन हो सकती है ट्रेड डील
जब अधिकारी से पूछा गया कि समझौते पर हस्ताक्षर कब तक हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि इसमें करीब तीन से चार महीने का समय और लग सकता है।
इसका मतलब है कि यदि जांच समय पर पूरी हो जाती है तो वर्ष के अंत तक भारत और अमेरिका के बीच यह महत्वपूर्ण व्यापार समझौता साइन हो सकता है।
दोनों देशों के लिए क्यों अहम है यह समझौता?
भारत और अमेरिका पिछले कई वर्षों से व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस समझौते का उद्देश्य है—
- दोनों देशों के बाजारों तक बेहतर पहुंच देना।
- आयात-निर्यात में आने वाली बाधाओं को कम करना।
- निवेश को बढ़ावा देना।
- सप्लाई चेन को मजबूत बनाना।
- व्यापारिक सहयोग को नई गति देना।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारतीय निर्यातकों और अमेरिकी कंपनियों दोनों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
अमेरिका ने नए टैरिफ का भी दिया प्रस्ताव
इसी बीच अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर 12.5% तक नया टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी रखा है।
अमेरिका का आरोप है कि कुछ देश जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने उत्पादों के व्यापार को रोकने में पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं। इसी आधार पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
ट्रंप के बयान से फार्मा सेक्टर की बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जेनेरिक दवाओं को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि—
- 1 अगस्त से अगले दो वर्षों तक अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाएं टैरिफ-फ्री रहेंगी।
- इसके बाद एक वर्ष तक 100% टैरिफ लगाया जाएगा।
- फिर आगे चलकर 200% टैरिफ लागू किया जा सकता है।
यदि यह नीति लागू होती है तो भारत की फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ सकता है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है अमेरिकी बाजार?
भारत दुनिया के सबसे बड़े जेनेरिक दवा निर्यातकों में शामिल है।
वर्ष 2025 में भारत का कुल फार्मास्युटिकल निर्यात 25.8 अरब डॉलर रहा, जिसमें से 9.7 अरब डॉलर (करीब 38%) केवल अमेरिका को निर्यात किया गया।
ऐसे में अमेरिकी टैरिफ नीति में बदलाव भारतीय दवा कंपनियों के कारोबार और निर्यात पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल सभी की नजर अमेरिका में चल रही सेक्शन 301 जांच पर टिकी है। यदि यह प्रक्रिया तय समय में पूरी हो जाती है, तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील अगले 3 से 4 महीनों में अंतिम रूप ले सकती है। इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।


