NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    india-extends-anti-dumping-duty-on-china-aluminium-foil-till-december-2026
    चीन को भारत का झटका! इस धातु पर दिसंबर तक बढ़ाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी; दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश पर भी शिकंजा
    10 जून 2026
    anil-ambani-black-money-act-tax-evasion-case-bombay-high-court-relief
    टैक्स चोरी मामले में अनिल अंबानी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दंडात्मक कार्रवाई पर लगी रोक; जानिए अब आगे क्या होगा
    10 जून 2026
    tcs-ai-agents-equal-human-workers-software-engineers-job-future
    खतरे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरी? TCS में AI एजेंट्स करेंगे इंसानों का काम; कंपनी ने बताया फ्यूचर प्लान
    10 जून 2026
    reliance-meta-ai-data-center-jamnagar-ril-share-price-impact
    जकरबर्ग को लीज पर डेटा सेंटर देंगे मुकेश अंबानी, जामनगर में तैयार करेंगे ‘AI साम्राज्य’; क्या अब RIL शेयर में आएगी तेजी?
    10 जून 2026
    sip-investment-for-kids-start-early-build-big-fund
    SIP Investment For Kids: बच्चों के लिए निवेश में ‘समय’ सबसे बड़ा हथियार, जल्दी शुरू किया SIP तो कम पैसे में भी बनेगा बड़ा फंड
    10 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-today-10-june-2026-gold-falls-rs4300-silver-drops-rs10000
    Gold Silver Price Today: सोना ₹4,300 लुढ़का, चांदी ₹10,000 टूटी, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेंगे भाव?
    10 जून 2026
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
    petrol-diesel-cng-lpg-supply-delhi-fuel-stock-76-days-india
    Petrol Diesel CNG LPG Supply: दिल्ली में ईंधन की कोई कमी नहीं, देश में 76 दिन का फ्यूल स्टॉक मौजूद- सरकार
    8 जून 2026
    petrol-diesel-price-today-8-june-2026-city-wise-rates
    Petrol Diesel Price Today: फिर उबलने लगा क्रूड ऑयल, लेकिन राहत बरकरार; बेंगलुरु में पेट्रोल ₹110 और डीजल ₹98 के पार, जानिए आपके शहर का ताजा रेट
    8 जून 2026
    petrol-diesel-rate-today-7-june-2026-crude-oil-price-fall-no-relief
    Petrol Diesel Rate Today: क्रूड 93 डॉलर पर आया, फिर भी नहीं मिली राहत; जानिए क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
    7 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    elitecon-international-share-price-fmcg-expansion-rs700-crore-investment-fy2030-revenue-target
    ₹423 का शेयर ₹27 पर आया, अब ₹700 Cr का दांव; नजर ₹20 हजार करोड़ की कमाई पर, यूके-दुबई तक फैला कारोबार
    10 जून 2026
    share-market-closing-sensex-flat-nifty-falls-last-hour-selling-pressure
    Share Market Closing: आखिरी घंटे में पलटा खेल, 700 अंक की बढ़त गंवाकर फ्लैट बंद हुआ सेंसेक्स
    10 जून 2026
    merritronix-share-gives-over-120-percent-return-after-ipo-listing-hits-upper-circuit
    ₹149 का IPO, ₹283 पर लिस्टिंग… 3 दिन में 120% रिटर्न, लगातार अपर सर्किट छू रहा यह शेयर
    10 जून 2026
    adani-energy-solutions-intellismart-acquisition-rs-3050-crore-smart-meter-business
    जिस पर जेफरीज बुलिश, अदाणी की उस कंपनी ने खेला ₹3050 करोड़ का दांव; UP-MP समेत 5 राज्यों में स्मार्ट मीटर का बड़ा विस्तार
    9 जून 2026
    share-market-today-sensex-jumps-395-points-nifty-crosses-23200-banking-rally
    Share Market Today: शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 395 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,200 के पार; बैंकिंग शेयरों ने संभाला मोर्चा
    9 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: India–Russia RELOS Pact Explained: 3,000 Troops, 5 Warships—कितना बड़ा है यह रक्षा समझौता?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा

India–Russia RELOS Pact Explained: 3,000 Troops, 5 Warships—कितना बड़ा है यह रक्षा समझौता?

Namam Sharma
Last updated: 2026/04/21 at 5:21 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
7 Min Read
india-russia-relos-pact-military-bases-troops-explained
SHARE

भारत और रूस के बीच फरवरी 2025 में साइन हुआ Reciprocal Exchange of Logistics Agreement (RELOS) अब पूरी तरह लागू हो चुका है—और इसके साथ ही दोनों देशों के रक्षा सहयोग में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

Contents
RELOS क्या है और क्यों अहम है?समझौते की प्रमुख शर्तें: क्या-क्या संभव होगा?आर्कटिक तक भारत की पहुंच: गेम-चेंजर क्यों?रूस को क्या मिलेगा?LEMOA बनाम RELOS: क्या है फर्क?SIPRI रिपोर्ट क्या कहती है?भारत की Multi-Alignment नीति को कैसे मजबूती?क्या इसके भू-राजनीतिक असर होंगे?निष्कर्ष: सिर्फ लॉजिस्टिक डील नहीं, एक रणनीतिक बदलाव

यह समझौता सिर्फ “लॉजिस्टिक सपोर्ट” तक सीमित नहीं है; इसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के आर्मी बेस, नेवल पोर्ट और एयरबेस का इस्तेमाल कर सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर 3,000 तक सैनिक, 5 युद्धपोत और 10 लड़ाकू विमान भी तैनात किए जा सकते हैं।

यह बदलाव ऐसे समय आया है जब वैश्विक सुरक्षा माहौल तेजी से बदल रहा है—और भारत अपनी “multi-alignment” रणनीति को और मजबूती दे रहा है।


RELOS क्या है और क्यों अहम है?

RELOS यानी Reciprocal Exchange of Logistics Agreement, भारत और Russia के बीच एक ऐसा रक्षा समझौता है जो दोनों देशों की सेनाओं को लंबी दूरी के मिशनों में एक-दूसरे की सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति देता है।

इसका मतलब है कि अगर भारतीय नौसेना रूस के उत्तरी समुद्रों में ऑपरेशन कर रही है, तो उसे स्थानीय सपोर्ट के लिए अलग से भारी इंतजाम नहीं करने होंगे—वह सीधे रूसी पोर्ट्स और सुविधाओं का उपयोग कर सकती है।

इसी तरह, रूस भी हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकता है।

यह समझौता युद्ध और शांति—दोनों परिस्थितियों में लागू रहेगा, जो इसे और ज्यादा महत्वपूर्ण बनाता है।


समझौते की प्रमुख शर्तें: क्या-क्या संभव होगा?

india-russia-relos-pact-military-bases-troops-explained

RELOS के तहत कई अहम प्रावधान शामिल हैं, जो इसे एक साधारण लॉजिस्टिक डील से कहीं आगे ले जाते हैं।

  • दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य अड्डों और पोर्ट्स का उपयोग कर सकेंगे
  • अधिकतम 3,000 सैनिकों की तैनाती की अनुमति
  • 5 युद्धपोत और 10 फाइटर जेट तक की मौजूदगी संभव
  • ईंधन, स्पेयर पार्ट्स, रिपेयर और सप्लाई की सुविधा
  • लागत का भुगतान “कैश” के बजाय बार्टर सिस्टम (सामान के बदले सामान) से भी संभव

यह आखिरी पॉइंट खास है, क्योंकि इससे ऑपरेशन की लागत और समय दोनों कम होते हैं।


आर्कटिक तक भारत की पहुंच: गेम-चेंजर क्यों?

इस समझौते का सबसे बड़ा रणनीतिक फायदा भारत को आर्कटिक क्षेत्र तक पहुंच के रूप में मिलता है।

रूस के प्रमुख पोर्ट—जैसे Murmansk और Severomorsk—अब भारत के लिए लॉजिस्टिक रूप से उपलब्ध होंगे।

आर्कटिक आज सिर्फ बर्फीला इलाका नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ वैश्विक समुद्री और ऊर्जा केंद्र है।

  • यहां नए शिपिंग रूट खुल रहे हैं
  • ऊर्जा संसाधनों की संभावना बढ़ रही है
  • China और रूस अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं

ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में लॉजिस्टिक एक्सेस मिलना एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।


रूस को क्या मिलेगा?

यह समझौता सिर्फ भारत के लिए फायदेमंद नहीं है—रूस को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा।

रूस अब हिंद महासागर क्षेत्र में:

  • भारतीय नेवल बेस का इस्तेमाल कर सकेगा
  • अपने जहाजों को refuelling और repair support दे सकेगा
  • लंबी दूरी के मिशनों को ज्यादा कुशल बना सकेगा

यह रूस की इंडो-पैसिफिक रणनीति को भी मजबूती देता है।


LEMOA बनाम RELOS: क्या है फर्क?

भारत पहले ही United States के साथ LEMOA (Logistics Exchange Memorandum of Agreement) साइन कर चुका है।

दोनों समझौतों में समानताएं हैं—जैसे लॉजिस्टिक सपोर्ट और बेस एक्सेस—लेकिन RELOS एक कदम आगे जाता है।

मुख्य अंतर:

  • LEMOA में सैनिक तैनाती का प्रावधान नहीं है
  • RELOS में 3,000 सैनिकों की तैनाती की अनुमति
  • RELOS में बार्टर सिस्टम भी शामिल

यानी RELOS ज्यादा व्यापक और गहरा सैन्य सहयोग दर्शाता है।


SIPRI रिपोर्ट क्या कहती है?

Stockholm International Peace Research Institute की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक:

  • भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक है
  • 2020–2024 के बीच भारत के कुल रक्षा आयात का 36% रूस से आया

इससे यह साफ होता है कि रूस अब भी भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार बना हुआ है—और RELOS इसी रिश्ते को और मजबूत करता है।


भारत की Multi-Alignment नीति को कैसे मजबूती?

भारत की विदेश नीति अब “Non-alignment” से आगे बढ़कर Multi-alignment बन चुकी है।

  • अमेरिका के साथ LEMOA
  • रूस के साथ RELOS
  • अन्य देशों के साथ रक्षा सहयोग

इसका मतलब है कि भारत किसी एक ब्लॉक में बंधा नहीं है, बल्कि अपने हितों के अनुसार कई देशों के साथ साझेदारी कर रहा है।


क्या इसके भू-राजनीतिक असर होंगे?

RELOS का असर सिर्फ भारत और रूस तक सीमित नहीं रहेगा।

  • China इस सहयोग को रणनीतिक नजर से देखेगा
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन पर असर पड़ सकता है
  • पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी

हालांकि, भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य संतुलन बनाए रखना है, न कि किसी गुट में शामिल होना।


निष्कर्ष: सिर्फ लॉजिस्टिक डील नहीं, एक रणनीतिक बदलाव

RELOS समझौता दिखाता है कि भारत अब सिर्फ क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि ग्लोबल स्ट्रैटेजिक प्लेयर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

यह समझौता:

  • सैन्य ऑपरेशन को आसान बनाता है
  • रणनीतिक पहुंच बढ़ाता है
  • और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करता है

आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह समझौता जमीनी स्तर पर कैसे लागू होता है और भारत-रूस संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।

Also Read :

  • शरद पवार अस्पताल में भर्ती: रूटीन चेक-अप या बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं का संकेत?
  • MP ऑफिस से जब्त ₹13.44 लाख कैश लूट: चुनावी कार्रवाई के बीच भीड़ का हमला, सुरक्षा पर उठे सवाल

You Might Also Like

अब समंदर का किंग होगा भारत! मिल गया स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसा चोक प्वाइंट, ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट कितना अहम?

नेपाल में खाद संकट गहराया, भारत से मांगे 80,000 टन उर्वरक; धान की खेती पर मंडराया खतरा

दुनिया पर मंडरा रहा मंदी का खतरा! UN ने घटाई भारत की GDP ग्रोथ, लेकिन फिर भी दी यह बड़ी खुशखबरी

India Hormuz Plan: होर्मुज के रास्ते तेल सप्लाई बचाने की तैयारी में भारत, ईरान से बातचीत के बाद बड़ा प्लान तैयार

LPG संकट के बीच भारत को बड़ी राहत, दो टैंकरों से 47 लाख परिवारों के लिए गैस का इंतजाम

TAGGED: Breaking News, Defence News, Global Politics, India Russia, indian army, indian navy, International Relations, Military Agreement, RELOS Pact, Strategic Affairs
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article sharad-pawar-hospitalised-health-update-mumbai-2026 शरद पवार अस्पताल में भर्ती: रूटीन चेक-अप या बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं का संकेत?
Next Article supriya-sule-on-rahul-gandhi-honesty-olympic-statement राहुल गांधी पर सुप्रिया सुले का बड़ा बयान: “ईमानदारी का ओलंपिक होता तो गोल्ड जीतते”

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

Recent Posts

  • चीन को भारत का झटका! इस धातु पर दिसंबर तक बढ़ाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी; दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश पर भी शिकंजा
  • टैक्स चोरी मामले में अनिल अंबानी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दंडात्मक कार्रवाई पर लगी रोक; जानिए अब आगे क्या होगा
  • खतरे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरी? TCS में AI एजेंट्स करेंगे इंसानों का काम; कंपनी ने बताया फ्यूचर प्लान
  • जकरबर्ग को लीज पर डेटा सेंटर देंगे मुकेश अंबानी, जामनगर में तैयार करेंगे ‘AI साम्राज्य’; क्या अब RIL शेयर में आएगी तेजी?
  • SIP Investment For Kids: बच्चों के लिए निवेश में ‘समय’ सबसे बड़ा हथियार, जल्दी शुरू किया SIP तो कम पैसे में भी बनेगा बड़ा फंड

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?