नई दिल्ली: भारत के तेजी से विस्तार कर रहे डिजिटल कॉमर्स उद्योग को एक साझा और प्रभावी मंच देने के उद्देश्य से इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) की शुरुआत की है। यह देश का पहला राष्ट्रीय स्तर का ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य सरकार, उद्योग, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर भारत के डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है।
करीब 120 अरब डॉलर के भारतीय डिजिटल कॉमर्स बाजार को नई दिशा देने वाली इस पहल के जरिए नीतिगत सुधार, शोध, उद्योग-सरकार सहयोग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार और उद्योग के बेहतर तालमेल पर होगा फोकस
ईसीसीआई के लॉन्च कार्यक्रम में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. लवीश भंडारी ने कहा कि भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर की अगली विकास यात्रा केवल नई तकनीकों और इनोवेशन पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि सरकार और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि यदि उद्योग जगत नीतिगत मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी राय रखेगा, तो सरकार अधिक प्रभावी और व्यावहारिक नीतियां तैयार कर सकेगी। इससे कारोबार का माहौल बेहतर होगा और उपभोक्ताओं, विक्रेताओं तथा पूरी अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।
डिजिटल कॉमर्स का दायरा तेजी से बढ़ा
IAMAI के अनुसार, भारत का डिजिटल कॉमर्स अब केवल ऑनलाइन खरीदारी तक सीमित नहीं है। इसमें कई नए क्षेत्र तेजी से जुड़ चुके हैं, जिनमें शामिल हैं—
- ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस
- ऑनलाइन सेवाएं
- मोबिलिटी प्लेटफॉर्म
- ट्रैवल टेक
- लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन
- डिजिटल पेमेंट्स
- डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड
- क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड
- निर्यात
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कॉमर्स
इसी व्यापक विस्तार को देखते हुए पूरे डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
कई बड़ी कंपनियां बनीं ECCI का हिस्सा
ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया में देश और दुनिया की कई प्रमुख डिजिटल कंपनियां शामिल हुई हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं—
- Amazon
- Flipkart
- Swiggy
- Eternal
- IndiaMART
- MakeMyTrip
- ixigo
- Uber
- Rapido
- Shiprocket
- Transport Corporation of India Limited (TCIL)
- eBay
- Meesho
- Tata 1mg
इसके अलावा स्टार्टअप्स, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियां, एक्सपोर्टर्स, शिक्षण संस्थान और उद्योग विशेषज्ञ भी इस मंच का हिस्सा बनेंगे।
इन प्रमुख क्षेत्रों पर करेगा काम
ईसीसीआई डिजिटल कॉमर्स से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर नीति और सहयोग को बढ़ावा देगा। इनमें शामिल हैं—
- सर्विस ई-कॉमर्स
- प्रोडक्ट ई-कॉमर्स
- क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल ट्रेड
- लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन
- मोबिलिटी
- MSME को बाजार तक पहुंच
- ट्रैवल टेक
- उपभोक्ता विश्वास
- डिजिटल पेमेंट्स
- जिम्मेदार डिजिटल कारोबार
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- भविष्य की उभरती तकनीकें
डिजिटल अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बना ई-कॉमर्स
IAMAI के अध्यक्ष डॉ. सुभो रे ने कहा कि डिजिटल कॉमर्स आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। इसने न केवल कारोबार करने के तरीके को बदला है, बल्कि उपभोक्ताओं तक उत्पाद और सेवाएं पहुंचाने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल कॉमर्स की दीर्घकालिक और टिकाऊ वृद्धि के लिए सरकार और उद्योग के बीच निरंतर संवाद और सहयोग आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ईसीसीआई की स्थापना की गई है, जो नीति निर्माण, शोध और उद्योग-सरकार के बीच संवाद का प्रमुख मंच बनेगी।
हर साल आयोजित होगा इंडियन ई-कॉमर्स समिट
ईसीसीआई की दीर्घकालिक योजना के तहत हर वर्ष इंडियन ई-कॉमर्स समिट (IECS) का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में सरकार, उद्योग, शिक्षाविदों और वैश्विक डिजिटल कॉमर्स विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर डिजिटल व्यापार और ई-कॉमर्स के भविष्य पर चर्चा की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य भारत को डिजिटल कॉमर्स और डिजिटल ट्रेड के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाना है।
IAMAI क्या है?
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) की स्थापना वर्ष 2004 में हुई थी। यह एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन है, जिसके 800 से अधिक सदस्य हैं। इनमें भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ-साथ अनेक स्टार्टअप्स भी शामिल हैं।
यह संस्था डिजिटल उद्योग के लिए अनुकूल नीतियां बनाने, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने, शोध, उपभोक्ता सुरक्षा और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास के लिए कार्य करती है।


