Viral News: क्या 40-45 साल की उम्र में नौकरी छोड़कर आर्थिक रूप से स्वतंत्र जीवन जिया जा सकता है? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी इन दिनों खूब वायरल हो रही है। इस इंजीनियर ने दावा किया है कि उसने करीब 6.5 करोड़ रुपये का निवेश पोर्टफोलियो तैयार करने के बाद कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी। उनका कहना है कि उन्होंने इंजीनियरिंग से नहीं बल्कि कॉर्पोरेट बर्नआउट, तनाव और ऑफिस पॉलिटिक्स से रिटायरमेंट लिया है।
हालांकि, यह कहानी सोशल मीडिया पर साझा किए गए व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी यह वित्तीय अनुशासन, निवेश और FIRE (Financial Independence, Retire Early) जैसी रणनीति को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
कॉर्पोरेट लाइफ से तंग आकर लिया बड़ा फैसला
My FIRE Journey: Walking Away at 44
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FIRE_Ind Reddit पर “My FIRE Journey: Walking Away at 44” शीर्षक से साझा की गई पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि उन्होंने देश के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान से पढ़ाई की और लगभग पूरा करियर स्टार्टअप कंपनियों में बिताया।
स्टार्टअप संस्कृति में काम करते हुए कई बार उन्होंने कंपनी पर भरोसा करते हुए महीनों तक बिना वेतन के भी काम किया। उनकी पत्नी गृहिणी हैं और उनका 11 वर्षीय बेटा है।
उनके अनुसार, करियर का सबसे कठिन दौर तब आया जब वे रेफरल के जरिए एक स्टार्टअप में शामिल हुए। वहां का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। सप्ताह में छह दिन और रोजाना करीब 14 घंटे काम करना पड़ता था। लगातार काम के दबाव और ऑफिस राजनीति ने उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर गंभीर असर डाला।
सेहत बिगड़ने के बाद बदली सोच
लगातार तनाव की वजह से उन्हें अनिद्रा (Insomnia) की समस्या होने लगी। इसके साथ ही उनका वजन बढ़ गया, ब्लड प्रेशर हाई रहने लगा और वे बॉर्डरलाइन डायबिटीज की स्थिति में पहुंच गए।
साल 2023 में उन्होंने काम से ब्रेक लिया। इसी दौरान उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं का गंभीरता से आकलन किया। यहीं से उनके FIRE प्लान को अंतिम रूप मिला।
2018 में शुरू की SIP, फिर मिला बड़ा मौका
इंजीनियर ने बताया कि शुरुआती वर्षों में वे निवेश को लेकर बहुत अनुशासित नहीं थे। बाद में एक फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह पर उन्होंने 2018 में म्यूचुअल फंड SIP के जरिए नियमित निवेश शुरू किया।
यह फैसला उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय साबित हुआ।
ESOP से मिला 1.4 करोड़ रुपये का बूस्ट
साल 2019 में जिस स्टार्टअप में वे कार्यरत थे, उसका अधिग्रहण (Acquisition) हो गया। इस डील के दौरान उन्हें ESOP (Employee Stock Ownership Plan) के जरिए करीब 1.4 करोड़ रुपये का भुगतान मिला।
उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय निवेश में बनाए रखा। नियमित SIP, शेयर बाजार में लंबी अवधि की तेजी और कंपाउंडिंग की ताकत ने अगले कुछ वर्षों में उनके पोर्टफोलियो को कई गुना बढ़ा दिया।
अप्रैल 2026 तक पहुंच गया 6.5 करोड़ का पोर्टफोलियो
इंजीनियर के अनुसार, अप्रैल 2026 तक उनकी कुल नेटवर्थ लगभग 6.5 करोड़ रुपये हो गई।
उन्होंने अपने निवेश को विविध परिसंपत्तियों (Diversified Assets) में बांटा हुआ था।
- लगभग 60% निवेश इक्विटी (शेयर बाजार) में
- करीब 40% निवेश डेट फंड, लिक्विड फंड और प्रोविडेंट फंड (PF) में
उनका मानना है कि सही एसेट एलोकेशन ने जोखिम को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सालाना खर्च सिर्फ 14 लाख रुपये
उन्होंने बताया कि उनके परिवार का वार्षिक खर्च लगभग 14 लाख रुपये है। इसके अलावा टियर-1 शहर में उनका अपना घर है, इसलिए उन्हें किराया नहीं देना पड़ता।
जब उन्होंने देखा कि उनकी निवेश आय और संपत्ति भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, तब उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।
नौकरी छोड़ने के बाद जिंदगी में आए बड़े बदलाव
इंजीनियर का कहना है कि नौकरी छोड़ने के केवल तीन महीने बाद ही उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
उन्होंने बताया कि—
- वजन में काफी कमी आई।
- ब्लड प्रेशर सामान्य हो गया।
- नींद की समस्या खत्म हो गई।
- मानसिक तनाव में भारी कमी आई।
- परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिला।
- नियमित ध्यान (Meditation) और एक्सरसाइज शुरू की।
- Large Language Models (LLMs) पर रिसर्च और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में योगदान देना शुरू किया।
उनका कहना है कि आर्थिक स्वतंत्रता ने उन्हें अपनी पसंद का जीवन जीने की आजादी दी।
जल्दी रिटायर होने के लिए बताए 5 अहम फॉर्मूले
अपनी पोस्ट में इंजीनियर ने उन लोगों के लिए पांच महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए जो कम उम्र में आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करना चाहते हैं।
1. स्पष्ट Financial Goal तय करें
उन्होंने कहा कि यदि करियर की शुरुआत में ही FIRE लक्ष्य तय कर लिया होता तो शायद वे और जल्दी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर लेते।
2. सैलरी पर हमेशा करें Negotiation
उन्होंने स्वीकार किया कि पूरे करियर में उन्होंने कभी वेतन बढ़ाने के लिए गंभीर बातचीत नहीं की। उनका मानना है कि इससे उन्हें करोड़ों रुपये का संभावित नुकसान हुआ।
3. Lifestyle Inflation से बचें
आय बढ़ने के साथ खर्च बढ़ाने के बजाय बचत और निवेश बढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने हमेशा सीमित खर्च की आदत बनाए रखी।
4. खुद का घर होना मददगार
उनके अनुसार, अपना घर होने से किराए का खर्च बचा और रिटायरमेंट के लिए जरूरी फंड का आकार भी कम हो गया।
5. परिवार का सहयोग बेहद जरूरी
उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता और ससुराल पक्ष उनके बेटे की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने को तैयार हैं। इससे भविष्य का बड़ा वित्तीय बोझ कम हो गया।
क्या दोबारा करेंगे नौकरी?
इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने काम करना पूरी तरह बंद नहीं किया है। यदि भविष्य में कोई ऐसा अवसर मिलता है जिसमें सीखने का मौका हो और काम का माहौल बेहतर हो, तो वे दोबारा काम करने पर विचार कर सकते हैं।
फिलहाल वे अपने समय का उपयोग स्वास्थ्य, परिवार, नई तकनीकों को सीखने और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में योगदान देने में कर रहे हैं।
निष्कर्ष
यह कहानी दिखाती है कि लंबी अवधि का निवेश, नियमित SIP, अनुशासित खर्च और सही एसेट एलोकेशन किसी व्यक्ति को आर्थिक स्वतंत्रता के करीब पहुंचा सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की आय, खर्च, जिम्मेदारियां और जोखिम उठाने की क्षमता अलग होती है, इसलिए किसी भी निवेश या जल्दी रिटायरमेंट का निर्णय अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन और विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही करना चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट Reddit पर एक यूजर द्वारा साझा किए गए व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। NewsJagran ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।


