IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। IMD ने 2 से 5 सितंबर के बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में अगले 48 घंटे सबसे ज्यादा मुश्किल भरे रह सकते हैं।
Weather Update: सितंबर की शुरुआत के साथ ही देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया तथा अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 2 से 5 सितंबर के बीच दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका है।
मौसम विभाग ने खास तौर पर अगले 48 घंटों को मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। वहीं, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में अपेक्षाकृत कमी रहने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी, 2-3 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका
मध्य भारत में इस समय बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर जा सकता है।
इसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।
IMD के अनुसार:
- पूर्वी मध्य प्रदेश: 2 से 5 सितंबर तक भारी बारिश का दौर।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: 2 से 7 सितंबर के बीच बारिश जारी रहने की संभावना।
- विदर्भ: 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- छत्तीसगढ़: 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
लगातार तेज बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बढ़ सकता है।
यूपी से दिल्ली-NCR तक बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत के कई राज्यों में भी अगले कुछ दिनों में मौसम करवट लेने वाला है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 4 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
दिल्ली-NCR में भी 3 और 4 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 2 से 5 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
इस दौरान राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण ट्रैफिक प्रभावित होने, सड़कों पर पानी भरने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
उत्तराखंड और हिमाचल में भी मौसम रहेगा सक्रिय
पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर लंबा चलने की संभावना है। उत्तराखंड में 2 से 8 सितंबर तक बारिश जारी रह सकती है। खासकर 2 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
बिहार, झारखंड और बंगाल में भी भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी भारत में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार में 3 और 4 सितंबर को भी कई स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इसके अलावा:
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 2 और 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश।
- झारखंड: 2 सितंबर को भारी बारिश की संभावना और 2 से 4 सितंबर के बीच गरज-चमक व बिजली गिरने की चेतावनी।
- पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पिछले 24 घंटे में भी कई इलाकों में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान भी देश के कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई।
वहीं हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
इससे संकेत मिलता है कि मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की गतिविधियां फिलहाल काफी सक्रिय हैं।
कौन-कौन सी मौसम प्रणालियां बारिश की वजह बन रही हैं?
देश में बारिश बढ़ने के पीछे एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास का कम दबाव वाला क्षेत्र सबसे अहम प्रणालियों में से एक है।
इसके अलावा मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा भी फैली हुई है।
वहीं उत्तर-पूर्वी अरब सागर और सौराष्ट्र के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
अगले 3-4 दिन क्यों हैं अहम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 3 से 4 दिन देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेंगे। खासतौर पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: बारिश और मौसम से जुड़ी चेतावनियां समय के साथ बदल सकती हैं। स्थानीय स्तर पर जारी IMD और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी को प्राथमिकता दें।


