Iced Coffee Trend: जेन-जी के बीच कॉफी का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। अब युवाओं की पसंद सिर्फ गर्म कॉफी तक सीमित नहीं है। आइस्ड लाटे, कोल्ड ब्रू, फ्लेवर्ड कॉफी और कस्टमाइज्ड कोल्ड ड्रिंक्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। जानिए आखिर क्यों ठंडी कॉफी युवाओं की नई पसंद बन गई है।
कॉफी का मतलब कभी गर्म कप, तेज खुशबू और सुबह की शुरुआत से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन अब खासकर Gen-Z यानी युवा पीढ़ी के बीच कॉफी पीने का तरीका तेजी से बदल रहा है। गर्म कॉफी की जगह अब बर्फ से भरी कॉफी, कोल्ड ब्रू, आइस्ड लाटे और अलग-अलग फ्लेवर वाली ड्रिंक्स कॉफी शॉप्स के मेन्यू में ज्यादा दिखाई देने लगी हैं।
इस बदलाव की वजह सिर्फ स्वाद नहीं है। युवाओं के लिए कॉफी अब एक ऐसा अनुभव बनती जा रही है, जिसे वे अपनी पसंद के मुताबिक कस्टमाइज करना चाहते हैं। इसमें फ्लेवर, टॉपिंग, मिल्क ऑप्शन, स्वीटनर और यहां तक कि ड्रिंक का रंग और कप की डिजाइन भी मायने रखती है।

यानी Gen-Z के लिए कॉफी अब सिर्फ कैफीन लेने का जरिया नहीं, बल्कि पर्सनल चॉइस और सेल्फ-एक्सप्रेशन का हिस्सा बनती जा रही है।
कॉफी में चाहिए अपनी पसंद का फ्लेवर
Gen-Z को एक जैसा ड्रिंक पसंद आने के बजाय उसमें अपनी पसंद के मुताबिक बदलाव करना ज्यादा पसंद है। यही वजह है कि कॉफी शॉप्स भी ग्राहकों को कई तरह के कस्टमाइजेशन विकल्प दे रही हैं।
कोई अपनी कॉफी में वनीला फ्लेवर पसंद करता है तो कोई चॉकलेट, बनाना, कोकोनट या ऑरेंज जैसे फ्लेवर आजमा रहा है। इसके अलावा कोल्ड फोम, व्हीप्ड क्रीम, सिरप और अलग-अलग टॉपिंग भी युवाओं के बीच आकर्षण पैदा कर रहे हैं।
इस ट्रेंड ने कॉफी को एक सामान्य पेय से आगे बढ़ाकर ‘अपनी पसंद की ड्रिंक’ बना दिया है।
स्पेशल ड्रिंक के लिए ज्यादा खर्च करने को तैयार युवा
Gen-Z कीमत को लेकर सजग जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह हर चीज में सबसे सस्ता विकल्प ही चुनेगा। अगर कोई ड्रिंक स्वाद, क्वालिटी, लुक, ब्रांड या किसी खास अनुभव की वजह से अलग महसूस होती है, तो युवा उसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को भी तैयार हैं।
यही कारण है कि महंगी कॉफी और दूसरे प्रीमियम कोल्ड ड्रिंक्स को कई युवा छोटी-सी ‘Affordable Luxury’ की तरह देखते हैं।
एक महंगी शॉपिंग के बजाय किसी कॉफी शॉप पर पसंदीदा ड्रिंक लेना या नया फ्लेवर ट्राई करना युवाओं के लिए ऐसा छोटा खर्च हो सकता है, जिससे उन्हें एक खास अनुभव मिलता है।
जब कॉफी बन जाए सोशल मीडिया कंटेंट
आइस्ड कॉफी की लोकप्रियता बढ़ने की एक बड़ी वजह उसका विजुअल अपील भी है। पारदर्शी कप में बर्फ, ऊपर से क्रीम या फोम, अलग-अलग रंग और आकर्षक टॉपिंग वाली कॉफी तस्वीरों और वीडियो में काफी अच्छी दिखाई देती है।
सोशल मीडिया के दौर में किसी प्रोडक्ट का दिखना भी उसके आकर्षण का हिस्सा बन गया है। ऐसे में एक खूबसूरत कॉफी सिर्फ पीने की चीज नहीं रहती, बल्कि Instagram Reels, Stories और दूसरे सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा भी बन जाती है।
IHL Group के एनालिस्ट जेरी शेल्डन के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक अब लोगों के लिए सेल्फ-एक्सप्रेशन का माध्यम भी बन रही है।
युवाओं और उम्रदराज लोगों की पसंद में बड़ा अंतर
ठंडे पेय की बढ़ती लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन से जुड़े आंकड़े भी बताते हैं कि युवा और ज्यादा उम्र के ग्राहकों की पसंद में काफी अंतर है।
25 साल से कम उम्र के लोगों की घर से बाहर खरीदी जाने वाली ड्रिंक्स में करीब 60 फीसदी ठंडी ड्रिंक्स होती हैं। इसके मुकाबले 55 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के बीच यह आंकड़ा करीब 30 फीसदी बताया गया है।
यह अंतर संकेत देता है कि युवा पीढ़ी पारंपरिक गर्म पेय के मुकाबले नए और ठंडे विकल्पों को ज्यादा तेजी से अपना रही है।
Starbucks, Dunkin से McDonald’s तक बदल रहा मेन्यू
युवाओं की बदलती पसंद का असर बड़ी कॉफी और फूड कंपनियों के मेन्यू पर भी नजर आ रहा है।
Starbucks ने समय-समय पर रंगीन और आकर्षक फ्रैपुचीनो जैसे पेय पेश किए हैं, जिनका सोशल मीडिया पर भी खूब ध्यान गया। वहीं Dunkin’ कस्टमाइज्ड और प्रोटीन से जुड़े कोल्ड ड्रिंक्स पर फोकस कर रही है।
McDonald’s समेत कई दूसरी कंपनियां भी अपने मेन्यू में अलग-अलग तरह के कोल्ड बेवरेज और फ्लेवर्ड ड्रिंक्स को जगह दे रही हैं।
इसका मकसद साफ है—युवा ग्राहकों को सिर्फ कॉफी नहीं, बल्कि ऐसा ड्रिंक देना जिसे वे अपनी पसंद और मूड के मुताबिक चुन सकें।
भारत में भी तेजी से बढ़ रहा Iced Coffee का बाजार
भारत में भी कॉफी पीने की आदतों में बदलाव दिखाई दे रहा है। खासकर बड़े शहरों और युवा ग्राहकों के बीच आइस्ड लाटे, कोल्ड ब्रू और Ready-to-Drink (RTD) कॉफी की मांग बढ़ रही है।
कॉफी शॉप्स के अलावा पैकेज्ड और रेडी-टू-ड्रिंक कॉफी सेगमेंट में भी कंपनियां नए फ्लेवर पेश कर रही हैं। वनीला और चॉकलेट जैसे पारंपरिक फ्लेवर के साथ अब फ्रूट-बेस्ड और दूसरे नए कॉम्बिनेशन भी देखने को मिल रहे हैं।
गर्म मौसम भी इस ट्रेंड को बढ़ावा देता है। भारत जैसे देश में जहां साल के बड़े हिस्से में तापमान काफी अधिक रहता है, वहां बर्फ वाली कॉफी युवाओं को गर्म कॉफी के मुकाबले ज्यादा रिफ्रेशिंग लग सकती है।
सिर्फ कॉफी नहीं, पूरा एक्सपीरियंस खरीद रहे हैं युवा
Gen-Z के लिए कॉफी का चुनाव अब सिर्फ इस सवाल पर निर्भर नहीं करता कि ‘कॉफी कैसी है?’ बल्कि यह भी मायने रखता है कि ड्रिंक कैसी दिखती है, उसमें कौन-सा फ्लेवर है, उसे कितना कस्टमाइज किया जा सकता है और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने पर वह कैसी नजर आएगी।
यही वजह है कि कॉफी कंपनियां अब केवल कैफीन और स्वाद पर ध्यान देने के बजाय फ्लेवर, प्रेजेंटेशन, कस्टमाइजेशन और नए एक्सपीरियंस पर भी जोर दे रही हैं।
आने वाले समय में और बढ़ सकता है Cold Coffee का क्रेज
कॉफी इंडस्ट्री में यह बदलाव किसी एक सीजन तक सीमित रहने के बजाय लंबे समय तक जारी रह सकता है। युवा ग्राहक नए स्वाद आजमाने और अपने पसंदीदा ड्रिंक को कस्टमाइज करने के लिए ज्यादा खुले हुए हैं।
ऐसे में आने वाले समय में कॉफी शॉप्स के मेन्यू में और ज्यादा फ्लेवर्ड आइस्ड कॉफी, कोल्ड ब्रू, कोल्ड फोम, फ्रूट-बेस्ड ड्रिंक्स और कैफीन-फ्री विकल्प दिखाई दे सकते हैं।
कुल मिलाकर, Gen-Z ने कॉफी को सिर्फ गर्म कप से निकालकर एक ऐसे पेय में बदल दिया है, जो स्वाद, स्टाइल, पर्सनल चॉइस और सोशल मीडिया कल्चर—चारों को एक साथ जोड़ता है। इसलिए अब सवाल यह नहीं है कि कॉफी गर्म है या ठंडी, बल्कि यह है कि आपकी कॉफी आपकी पसंद के हिसाब से कितनी खास है।


