Ujjivan SFB Share: Ujjivan Small Finance Bank के शेयरों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव देखने को मिला। दो दिनों में स्टॉक करीब 10% तक फिसल चुका है। MD और CEO संजीव नौटियाल के अर्ली रिटायरमेंट की खबर से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, ICICI Securities ने शेयर पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹90 का टारगेट प्राइस दिया है।
Ujjivan SFB Share: बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में बुधवार को Ujjivan Small Finance Bank के स्टॉक पर खास नजर रही। शुरुआती कारोबार में शेयर 6% से ज्यादा टूट गया था, हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में Ujjivan SFB का शेयर 1.85% गिरकर ₹64.15 पर बंद हुआ।
इससे पहले सोमवार को शेयर में करीब 2% की तेजी आई थी, लेकिन इसके बाद लगातार दो सत्रों में स्टॉक पर बिकवाली हावी रही। इस गिरावट के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities अभी भी इस बैंकिंग स्टॉक को लेकर सकारात्मक क्यों है?
CEO के अर्ली रिटायरमेंट की खबर से शेयर पर दबाव
Ujjivan Small Finance Bank के शेयरों में हालिया गिरावट की प्रमुख वजह बैंक के MD और CEO संजीव नौटियाल के अर्ली रिटायरमेंट की खबर मानी जा रही है।
बैंक के बोर्ड ने स्वास्थ्य कारणों से नौटियाल के अर्ली रिटायरमेंट के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। नौटियाल को 1 जुलाई 2024 से तीन साल की अवधि के लिए Ujjivan Small Finance Bank का MD और CEO नियुक्त किया गया था।
इससे पहले वह SBI में डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर काम कर चुके हैं। ऐसे में अचानक नेतृत्व परिवर्तन ने निवेशकों के बीच बैंक की आगे की रणनीति और बिजनेस ग्रोथ को लेकर कुछ सवाल खड़े किए हैं।
30 नवंबर तक रहेगा नोटिस पीरियड
बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, संजीव नौटियाल ने 31 अगस्त 2026 को ईमेल के जरिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अर्ली रिटायरमेंट की इच्छा जताई थी।
उन्होंने तीन महीने का नोटिस पीरियड दिया है। हालांकि, बैंक की अहम जिम्मेदारियों से वह 1 सितंबर 2026 से ही अलग हो गए हैं।
बैंक के अनुसार, नौटियाल का नोटिस पीरियड 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक रहेगा। इस दौरान बैंक नए स्थायी MD और CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
Carol Furtado को मिली अंतरिम जिम्मेदारी
संजीव नौटियाल के हटने के बाद बैंक के बोर्ड ने Executive Director Carol Furtado को कार्यवाहक MD और CEO नियुक्त करने की मंजूरी दी है।
उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। हालांकि, इस नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की मंजूरी जरूरी होगी।
Carol Furtado पहले से ही बैंक की लीडरशिप टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर बैंक के रोजमर्रा के संचालन में निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की गई है।
अब बोर्ड नए स्थायी MD और CEO की तलाश शुरू करेगा। उम्मीदवार का चयन होने के बाद उसके नाम की सिफारिश RBI को भेजी जाएगी।
ICICI Securities ने क्यों दी Buy रेटिंग?
शेयर में अचानक आई गिरावट के बावजूद ICICI Securities ने Ujjivan Small Finance Bank पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है।
ब्रोकरेज ने शेयर का ₹90 का टारगेट प्राइस दिया है। ₹64.15 के मौजूदा भाव की तुलना में यह करीब 40% की संभावित तेजी का संकेत देता है।
यानी जहां शॉर्ट टर्म में निवेशक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सतर्क हैं, वहीं ब्रोकरेज को बैंक के लॉन्ग टर्म बिजनेस मॉडल और ग्रोथ क्षमता पर भरोसा बना हुआ है।
FY27 के बिजनेस गाइडेंस में बदलाव नहीं
ICICI Securities के मुताबिक, नेतृत्व में अचानक हुए बदलाव के बावजूद Ujjivan Small Finance Bank ने FY27 के लिए अपने प्रमुख बिजनेस पैरामीटर्स के गाइडेंस को बरकरार रखा है।
ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक के पास मजबूत सेकंड-लाइन मैनेजमेंट मौजूद है। इससे नेतृत्व परिवर्तन के दौरान कारोबार को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा बैंक की लंबी अवधि की रणनीति में भी फिलहाल कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को हालिया गिरावट के बावजूद स्टॉक में आगे रिकवरी की संभावना नजर आ रही है।
AUM ग्रोथ धीमी होना बड़ा जोखिम
हालांकि, ICICI Securities ने Ujjivan SFB के लिए कुछ जोखिमों को भी रेखांकित किया है। इनमें सबसे अहम लीडरशिप ट्रांजिशन और उम्मीद से धीमी AUM यानी Assets Under Management ग्रोथ है।
अगर नेतृत्व परिवर्तन के कारण बैंक की रणनीति या कारोबारी प्रदर्शन प्रभावित होता है, तो शेयर पर दबाव बना रह सकता है। इसी तरह AUM ग्रोथ में अपेक्षित तेजी नहीं आती है तो बैंक की भविष्य की कमाई पर भी असर पड़ सकता है।
इसलिए मौजूदा स्तर से करीब 40% तेजी का ब्रोकरेज अनुमान आकर्षक जरूर दिखता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर निश्चित रूप से ₹90 तक पहुंचेगा।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
Ujjivan SFB के शेयर में हालिया गिरावट मुख्य रूप से नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी अनिश्चितता को दर्शाती है। दूसरी ओर, ICICI Securities का मानना है कि बैंक की मजबूत सेकंड-लाइन लीडरशिप और मौजूदा बिजनेस गाइडेंस लंबी अवधि में सकारात्मक संकेत हैं।
फिलहाल निवेशकों की नजर तीन चीजों पर रहेगी—नए MD और CEO की नियुक्ति, RBI की मंजूरी और बैंक की AUM ग्रोथ। इन मोर्चों पर सकारात्मक खबरें आती हैं तो शेयर में सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है। वहीं, नेतृत्व परिवर्तन लंबा खिंचने या बिजनेस ग्रोथ कमजोर रहने पर जोखिम बना रहेगा।
इसलिए ₹90 का टारगेट ब्रोकरेज का अनुमान है, न कि शेयर के भविष्य के रिटर्न की गारंटी। निवेशकों को कंपनी के ताजा नतीजों, ग्रोथ आंकड़ों और आगे की मैनेजमेंट रणनीति पर नजर रखते हुए ही कोई फैसला लेना चाहिए।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी ब्रोकरेज फर्म की राय और उपलब्ध बाजार जानकारी पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।


