नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर रुख किया है। इसका सीधा फायदा सोने और चांदी को मिला है। मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।
एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना करीब ₹1,000 प्रति 10 ग्राम तक उछल गया, जबकि चांदी में ₹5,200 प्रति किलोग्राम से अधिक की तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की मांग बढ़ने से भारतीय बाजार में कीमतों को मजबूती मिली है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने और चांदी के भाव?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान ने संकेत दिया है कि यदि इजरायल की सैन्य गतिविधियां नहीं रुकीं तो वह अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को बंद कर सकता है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। यदि यहां किसी प्रकार का व्यवधान आता है तो तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है।
ऐसे समय में निवेशक आमतौर पर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि दोनों धातुओं में खरीदारी बढ़ी है।
MCX पर सोने की कीमत में जोरदार उछाल
एमसीएक्स पर 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,59,241 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। मंगलवार को इसकी शुरुआत ₹1,59,449 के स्तर पर हुई।
कारोबार के दौरान सोना ₹1,60,400 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। सुबह करीब 11:20 बजे यह लगभग ₹983 की तेजी के साथ ₹1,60,224 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट और गहराता है तो सोने की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
चांदी ने दिखाई और ज्यादा तेजी
चांदी में सोने की तुलना में अधिक तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में ₹2,66,163 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
मंगलवार को इसकी शुरुआत ₹2,66,202 प्रति किलो पर हुई और शुरुआती कारोबार में यह ₹2,71,396 प्रति किलो तक पहुंच गई। सुबह के कारोबार में चांदी लगभग ₹4,340 की तेजी के साथ ₹2,70,503 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।
चांदी में तेजी की एक वजह औद्योगिक मांग भी मानी जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य उद्योगों में इसकी खपत लगातार बढ़ रही है।
सर्राफा बाजार में क्या हैं सोने-चांदी के ताजा भाव?
बुलियन मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म GoodReturns के अनुसार देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतें इस प्रकार हैं:
| धातु | कीमत |
|---|---|
| 24 कैरेट सोना | ₹1,66,220 प्रति 10 ग्राम |
| 22 कैरेट सोना | ₹1,43,200 प्रति 10 ग्राम |
| 18 कैरेट सोना | ₹1,17,170 प्रति 10 ग्राम |
| चांदी | ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम |
ध्यान रहे कि अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹1,66,220 |
| मुंबई | ₹1,66,070 |
| कोलकाता | ₹1,66,070 |
| चेन्नई | ₹1,66,650 |
| बेंगलुरु | ₹1,66,120 |
| हैदराबाद | ₹1,66,070 |
| पुणे | ₹1,66,070 |
| अहमदाबाद | ₹1,66,170 |
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिका-ईरान संबंध, पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा तय करेंगी।
यदि तनाव और बढ़ता है तो सोना नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। वहीं चांदी में भी मजबूत तेजी बनी रह सकती है क्योंकि इसमें निवेश और औद्योगिक मांग दोनों का समर्थन मिल रहा है।
हालांकि निवेशकों को ऊंचे स्तर पर खरीदारी करने से पहले बाजार की चाल और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अभी भी पोर्टफोलियो विविधीकरण का एक महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है। महंगाई, वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के समय सोना अक्सर निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करता है।
यदि किसी निवेशक का लक्ष्य लंबी अवधि का है तो चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। वहीं अल्पकालिक निवेशकों को कीमतों में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक होंगे:
- ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की स्थिति
- इजरायल से जुड़ा भू-राजनीतिक घटनाक्रम
- होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम
- अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
- डॉलर इंडेक्स की चाल
इन सभी कारकों का असर सीधे तौर पर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना करीब ₹1,000 और चांदी ₹5,200 तक उछल गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो दोनों कीमती धातुओं में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।


