Gold Silver Rate Today 30 May 2026
नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत एक ही दिन में 5,000 रुपये प्रति किलो बढ़ गई, जबकि सोना 1,600 रुपये प्रति 10 ग्राम मजबूत हुआ। शादी-ब्याह के सीजन की मांग, वैश्विक बाजारों में मजबूती और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने कीमती धातुओं को समर्थन दिया। हालांकि दिलचस्प बात यह रही कि जहां सर्राफा बाजार में सोना और चांदी मजबूत हुए, वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि आखिर सोना और चांदी आगे किस दिशा में जा सकते हैं और क्या अभी खरीदारी का सही समय है?
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना और चांदी क्यों चमके?
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली में चांदी की कीमत 5,000 रुपये बढ़कर 2,74,700 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। इससे पहले इसका भाव 2,69,700 रुपये प्रति किलो था। इसी तरह 24 कैरेट सोना 1,600 रुपये मजबूत होकर 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,61,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेतों ने बाजार को मजबूती दी है।
MCX पर क्यों दिखी कमजोरी?
जबकि भौतिक बाजार में तेजी रही, MCX पर तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई दी। चांदी जुलाई वायदा 1,838 रुपये गिरकर 2,67,699 रुपये प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी। सोना वायदा 855 रुपये टूटकर 1,56,070 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। विश्लेषकों का कहना है कि वायदा बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक निवेशकों की सतर्कता के कारण यह गिरावट देखने को मिली।
अमेरिका-ईरान घटनाक्रम का क्या असर पड़ा?
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। अब अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती समझौते की संभावना की खबरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। हालांकि समझौते की संभावना से जोखिम कम होने की उम्मीद बनी है, लेकिन अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यही कारण है कि सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
शादी-ब्याह का सीजन भी बना वजह
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। मई और जून के दौरान शादी-ब्याह के सीजन में ज्वेलरी की मांग बढ़ जाती है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख हरीश वी के अनुसार घरेलू मांग में मजबूती और वैश्विक संकेतों के कारण सोने-चांदी की कीमतों को समर्थन मिल रहा है। निकट भविष्य में बड़ी बिकवाली का दबाव दिखाई नहीं देता।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है स्थिति?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना लगभग 1 फीसदी बढ़कर 4,530.72 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 75.52 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर बनी रही। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिका-ईरान बातचीत से सोने पर दबाव कम हुआ है, लेकिन समझौते की पूरी जानकारी सामने आने तक कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं।
आज आपके शहर में सोने का भाव
| शहर | 24K | 22K | 18K |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹157790 | ₹144650 | ₹118380 |
| मुंबई | ₹157640 | ₹144500 | ₹118230 |
| कोलकाता | ₹157640 | ₹144500 | ₹118230 |
| चेन्नई | ₹159280 | ₹146000 | ₹122550 |
| लखनऊ | ₹157790 | ₹144650 | ₹118380 |
| कानपुर | ₹157790 | ₹144650 | ₹118380 |
| पटना | ₹157690 | ₹144550 | ₹118280 |
| जयपुर | ₹157790 | ₹144650 | ₹118380 |
| इंदौर | ₹157690 | ₹144550 | ₹118280 |
| भोपाल | ₹157690 | ₹144550 | ₹118280 |
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अभी भी एक मजबूत एसेट बना हुआ है। हालांकि रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कीमतें होने के कारण एकमुश्त निवेश की बजाय चरणबद्ध खरीदारी बेहतर रणनीति हो सकती है। जो निवेशक आने वाले शादी सीजन के लिए ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए भी कीमतों पर लगातार नजर रखना जरूरी है क्योंकि वैश्विक घटनाक्रम के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति महत्वपूर्ण रहेगी।
- पश्चिम एशिया की स्थिति कीमतों को प्रभावित करेगी।
- डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर बाजार की नजर रहेगी।
- भारत में त्योहार और शादी सीजन की मांग सोने को सहारा दे सकती है।
- औद्योगिक मांग के कारण चांदी में भी मजबूती बनी रह सकती है।
निष्कर्ष
30 मई 2026 को सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 5,000 रुपये और सोना 1,600 रुपये मजबूत हुआ। हालांकि MCX पर मुनाफावसूली देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, घरेलू मांग और केंद्रीय बैंकों की नीतियां आने वाले दिनों में सोना-चांदी की दिशा तय करेंगी।
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