अक्षय तृतीया से ठीक पहले सोना और चांदी के बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 18 अप्रैल 2026 को जहां एक तरफ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) पर सोना-चांदी में मजबूती दर्ज की गई, वहीं दिल्ली समेत देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में कीमतों में गिरावट देखने को मिली। यह विरोधाभासी रुझान निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए दिलचस्प और थोड़ा उलझाने वाला बन गया है।
त्योहारी सीजन—खासतौर पर अक्षय तृतीया—से पहले कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है, जो सोने में निवेश या खरीदारी की योजना बना रहे हैं। लेकिन क्या यह सही समय है खरीदारी का? और आगे कीमतों का रुख कैसा रहेगा? आइए विस्तार से समझते हैं।
MCX पर सोना-चांदी में तेजी, लेकिन बाजार में गिरावट क्यों?
शुक्रवार देर रात तक MCX पर सोने की कीमत में करीब 1,648 रुपये की तेजी दर्ज की गई और जून डिलीवरी वाला सोना 1,54,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 10,354 रुपये की बढ़त के साथ 2,58,982 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
दिलचस्प बात यह रही कि दिन के दौरान सोना 1,55,500 रुपये और चांदी 2,61,750 रुपये तक भी पहुंची, लेकिन बाद में इनमें गिरावट भी आई। इस तरह पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा।
इसके विपरीत, दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। 99.9% शुद्धता वाला सोना करीब 1,600 रुपये गिरकर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया, जबकि चांदी 5,700 रुपये टूटकर 2,53,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
यह अंतर इसलिए देखने को मिला क्योंकि MCX फ्यूचर्स मार्केट है, जहां कीमतें भविष्य की उम्मीदों के आधार पर तय होती हैं, जबकि सर्राफा बाजार में तत्काल मांग और सप्लाई का असर ज्यादा होता है।
अक्षय तृतीया से पहले कीमतों में गिरावट: क्या है मौका?
इस साल 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पड़ रही है, जो हिंदू धर्म में सोना खरीदने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। ऐसे में त्योहार से ठीक पहले कीमतों में नरमी आना खरीदारों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों के ट्रेंड को देखें तो अक्षय तृतीया के आसपास सोने की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। लेकिन इस बार वैश्विक परिस्थितियों के चलते कीमतें दबाव में हैं, जिससे खरीदारी का मौका बन सकता है।
कीमतों में गिरावट के पीछे ये 3 बड़े कारण
सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय कारण काम कर रहे हैं।
पहला बड़ा कारण है पश्चिम एशिया में तनाव कम होना। इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और उन्होंने सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की ओर कम रुख किया है।
दूसरा कारण है अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता। Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना है, जिससे वैश्विक तनाव कम हो सकता है।
तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण है Strait of Hormuz का खुलना। इस जलमार्ग के खुलने से तेल सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता आई है।
आज आपके शहर में सोने का भाव (18 अप्रैल 2026)

गुडरिटर्न्स के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: 24K – ₹1,54,350 | 22K – ₹1,41,500 | 18K – ₹1,15,800
- मुंबई: 24K – ₹1,54,200 | 22K – ₹1,41,350 | 18K – ₹1,15,650
- कोलकाता: 24K – ₹1,54,200 | 22K – ₹1,41,350 | 18K – ₹1,15,650
- चेन्नई: 24K – ₹1,55,020 | 22K – ₹1,42,100 | 18K – ₹1,18,600
- लखनऊ: 24K – ₹1,54,350 | 22K – ₹1,41,500 | 18K – ₹1,15,800
- जयपुर: 24K – ₹1,54,350 | 22K – ₹1,41,500 | 18K – ₹1,15,800
यह कीमतें टैक्स और मेकिंग चार्ज से पहले की हैं, इसलिए वास्तविक खरीद कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख क्या कहता है?
#Gold and #Silver Closing #Rates for 17/04/2026
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— IBJA (@IBJA1919) April 17, 2026 विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हाजिर सोना करीब 4,786 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि चांदी 79 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बीच फंसा हुआ है। अगर वैश्विक तनाव पूरी तरह कम होता है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोना 4,900 डॉलर तक जा सकता है।
वहीं, अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है और ब्याज दरें कम नहीं होती हैं, तो सोने में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
मौजूदा समय में बाजार काफी अनिश्चित है। ऐसे में विशेषज्ञ एकमुश्त निवेश करने के बजाय “Buy on Dips” रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। यानी कीमत गिरने पर धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।
सोना और चांदी पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, खासकर तब जब बाजार में अस्थिरता हो। इसलिए इन्हें पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाए रखना समझदारी हो सकती है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
अगर आप अक्षय तृतीया के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि कीमतों में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्तर आकर्षक हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वालों को सतर्क रहना होगा।
निष्कर्ष: मौका भी, जोखिम भी
18 अप्रैल 2026 का बाजार साफ तौर पर यह संकेत दे रहा है कि सोना-चांदी फिलहाल एक ट्रांजिशन फेज में हैं। एक तरफ वैश्विक तनाव कम होने से कीमतों पर दबाव है, वहीं दूसरी तरफ त्योहारों की मांग कीमतों को सहारा दे सकती है।
ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समय सोच-समझकर फैसला लेने का है। अगर आप सही रणनीति अपनाते हैं, तो यह गिरावट आपके लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है।
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