Gold Price Today: रक्षाबंधन के मौके पर घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सोने के भाव में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹3,300 गिरकर ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस कीमत में सभी टैक्स शामिल हैं। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोने का भाव ₹1,65,700 प्रति 10 ग्राम था।
सोने की कीमत में पिछले तीन कारोबारी दिनों से लगातार कमजोरी बनी हुई है। इस दौरान दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹4,700 यानी करीब 3% सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को सोने का भाव ₹1,67,100 प्रति 10 ग्राम था। हाल की तेज बढ़त के बाद बाजार में मुनाफावसूली बढ़ने को कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
चांदी भी ₹5,000 टूटी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। घरेलू बाजार में चांदी ₹5,000 टूटकर ₹2,45,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,50,500 प्रति किलोग्राम था।
इस तरह एक ही दिन में चांदी की कीमत में करीब 2% की गिरावट आई। कीमती धातुओं में यह कमजोरी ऐसे समय में आई है जब हाल के दिनों में सोने और चांदी दोनों में तेज तेजी देखने को मिली थी।
मजबूत डॉलर ने सोने पर बनाया दबाव
LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जितिन त्रिवेदी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर इंडेक्स 99.15 के स्तर से ऊपर पहुंच गया, जिससे डॉलर में कीमत वाले बुलियन पर दबाव बढ़ा।
इसके अलावा, हाल की तेजी के बाद निवेशकों और कारोबारियों की ओर से मुनाफावसूली भी जारी है। लगातार तीसरे दिन बिकवाली होने से घरेलू बाजार में सोने की कीमत में गिरावट और बढ़ गई।
आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग प्रभावित हो सकती है और कीमतों पर दबाव देखने को मिलता है।
कस्टम ड्यूटी में कटौती की खबरों का भी असर
घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर कस्टम ड्यूटी से जुड़ी खबरों का भी असर देखने को मिला। बाजार में ऐसी खबरें चल रही हैं कि बढ़ती तस्करी को देखते हुए सरकार सोने पर कस्टम ड्यूटी में कटौती कर सकती है।
Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, कस्टम ड्यूटी में संभावित कटौती की खबरों ने घरेलू सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों के बीच अंतर भी बढ़ा है।
हालांकि, कस्टम ड्यूटी में किसी बदलाव को लेकर अंतिम सरकारी फैसला आने तक इसे बाजार की खबर और संभावित नीति बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना कमजोर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत में हल्की कमजोरी रही। स्पॉट गोल्ड करीब $4,599.70 प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। निवेशकों का पूरा ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वार्श के जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाले भाषण पर है।
बाजार के लिए फेड चेयर का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अमेरिका की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा के संकेत मिल सकते हैं। ब्याज दरों और महंगाई पर फेड का रुख डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित कर सकता है।
Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, बाजार वार्श के भाषण पर खास नजर रख रहा है। महंगाई को लेकर उनका रुख महत्वपूर्ण होगा। ऊंची बॉन्ड यील्ड के बीच निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि फेड आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर किस दिशा में आगे बढ़ सकता है।
क्या फिर बढ़ सकता है सोने का भाव?
फिलहाल सोने पर डॉलर की मजबूती, ऊंची यील्ड और मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है। हालांकि, अगर फेड चेयर का बयान बाजार की उम्मीदों से नरम रहता है और इससे डॉलर में कमजोरी आती है, तो सोने को दोबारा सपोर्ट मिल सकता है।
दूसरी ओर, अगर फेड की ओर से महंगाई को लेकर सख्त रुख के संकेत मिलते हैं और अमेरिकी यील्ड ऊंची बनी रहती है, तो सोने और चांदी पर दबाव आगे भी जारी रह सकता है।
इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, फेड के संकेत और मुनाफावसूली बुलियन मार्केट की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर रहेंगे।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
सोने में तीन दिनों की गिरावट के बावजूद इसकी कीमत अभी भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है। ऐसे में केवल एक-दो कारोबारी सत्र की गिरावट देखकर बाजार की लंबी अवधि की दिशा तय करना उचित नहीं होगा।
सोने में निवेश करने वाले लोगों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ रुपये की चाल, अमेरिकी ब्याज दरों, बॉन्ड यील्ड और घरेलू आयात शुल्क से जुड़े बदलावों पर भी नजर रखनी चाहिए। वहीं, ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह गिरावट थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन स्थानीय बाजार में अंतिम कीमत मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागतों के कारण अलग हो सकती है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से है। यह किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। सोने या चांदी में निवेश अथवा खरीदारी से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखते हुए संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी वित्तीय उत्पाद या सेवा में निवेश की सिफारिश नहीं करता।


