वैश्विक बाजार में सकारात्मक संकेतों और कमजोर डॉलर के चलते सोने की कीमतों में बुधवार को जोरदार उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 3,000 रुपये से ज्यादा चढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया। यह तेजी निवेशकों के बदलते रुख और वैश्विक परिस्थितियों का साफ संकेत देती है।
कितनी बढ़ी कीमत और क्या है मौजूदा स्तर
घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
- MCX पर जून डिलीवरी वाला सोना करीब ₹3,007 चढ़ा
- कीमत 2% बढ़कर ₹1,53,296 प्रति 10 ग्राम पहुंची
- यह हाल के हफ्तों का एक मजबूत स्तर माना जा रहा है
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी रही, जहां यह करीब 3% चढ़कर 4,800 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया।
कीमत बढ़ने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण
इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं, जो सीधे वैश्विक बाजार से जुड़े हुए हैं।
1. कमजोर डॉलर का असर
जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है, तो सोना निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बन जाता है। इससे मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।
2. भू-राजनीतिक तनाव में कमी
United States और Iran के बीच दो हफ्ते के संघर्षविराम से बाजार में राहत का माहौल बना है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और सोने में खरीदारी तेज हुई।
3. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
तेल की कीमतों में करीब 15% की गिरावट आई, जिससे वैश्विक आर्थिक दबाव कम हुआ और बाजार में सकारात्मक माहौल बना।
एक्सपर्ट्स की राय: यह रैली कितनी टिकाऊ
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने में आई तेजी फिलहाल “राहत रैली” (relief rally) हो सकती है।
Manav Modi के अनुसार:
कमजोर डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव में कमी ने सोने की कीमतों को सपोर्ट दिया है।
वहीं Jateen Trivedi का कहना है:
यह तेजी शॉर्ट कवरिंग और राहत की वजह से है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
पहले क्यों गिरे थे सोने के दाम
हाल के महीनों में सोने की कीमतों में गिरावट भी देखने को मिली थी।
- फरवरी 2026 में कीमत ₹1,65,659 प्रति 10 ग्राम तक पहुंची थी
- इसके बाद करीब 7.5% यानी ₹12,000 से ज्यादा की गिरावट आई
यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक तनाव और बाजार की अस्थिरता के कारण हुई थी।
वैश्विक स्तर पर क्या है ट्रेंड
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है।
- कीमत $4,800 प्रति औंस के ऊपर पहुंची
- करीब तीन हफ्तों के उच्च स्तर पर ट्रेड कर रही है
Renisha Chainani के अनुसार:
संघर्षविराम को बाजार ने तनाव कम होने के संकेत के रूप में लिया है, जिससे निवेशकों का रुख सकारात्मक हुआ है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व
इस पूरे घटनाक्रम में Strait of Hormuz की अहम भूमिका है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है।
इसके खुलने से:
- तेल सप्लाई सामान्य हो सकती है
- एशियाई देशों जैसे भारत, चीन और दक्षिण कोरिया को राहत मिलेगी
- वैश्विक बाजार में स्थिरता आएगी
आगे क्या हो सकता है: कीमतों का अनुमान
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है तो सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
- अगला टारगेट: $5,000 प्रति औंस
- भारतीय बाजार में संभावित स्तर: ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम
हालांकि, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि:
- संघर्षविराम कितने समय तक कायम रहता है
- वैश्विक बाजार में स्थिरता बनी रहती है या नहीं
निवेशकों के लिए क्या संकेत
सोने में आई यह तेजी निवेशकों के लिए एक अहम संकेत देती है।
- अनिश्चितता के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है
- कीमतों में उतार-चढ़ाव का फायदा ट्रेडर्स उठा सकते हैं
- लंबी अवधि के निवेशकों को सावधानी से कदम उठाना चाहिए
निष्कर्ष
सोने की कीमतों में आई यह तेजी वैश्विक घटनाओं और बाजार की धारणा का सीधा असर है। United States और Iran के बीच तनाव कम होने और डॉलर के कमजोर होने से बाजार को राहत मिली है।
हालांकि, यह तेजी कितनी टिकाऊ होगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल सोना एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गया है।
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