Gold Silver Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोना ₹2,640 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ, जबकि चांदी के भाव में ₹5,200 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कमजोर वैश्विक संकेत, डॉलर में मजबूती और रुपये की मजबूती ने घरेलू बुलियन बाजार पर दबाव बनाया।
Highlights
- दिल्ली में सोने की कीमत ₹2,640 प्रति 10 ग्राम गिरी।
- चांदी के भाव में ₹5,200 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई।
- कमजोर ग्लोबल मार्केट और मजबूत रुपये से कीमतों पर दबाव।
- US फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले निवेशक सतर्क।
नई दिल्ली: सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। लगातार ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहे कीमती धातुओं में निवेशकों की बिकवाली और कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण दबाव बढ़ा।
ऑल इंडिया बुलियन एसोसिएशन के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव ₹2,640 प्रति 10 ग्राम गिरकर ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गया। इससे पहले सोमवार को सोना ₹1,49,640 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
वहीं, चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव ₹5,200 प्रति किलोग्राम टूटकर ₹2,24,800 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,30,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर कई कारणों का असर पड़ा है।
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी
वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। अमेरिका में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
फेड के फैसले से पहले बाजार में अनिश्चितता बढ़ी, जिसके कारण निवेशकों ने कीमती धातुओं में मुनाफावसूली की।
2. डॉलर की मजबूती का असर
सोने की कीमतों पर डॉलर इंडेक्स की मजबूती का सीधा असर पड़ता है। मंगलवार को डॉलर इंडेक्स एक महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग कमजोर हुई।
जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव आता है।
3. रुपये की मजबूती से घरेलू कीमतों में गिरावट
ट्रेडर्स के मुताबिक, भारतीय रुपये में मजबूती आने से आयातित सोने और चांदी की लागत कम हुई। भारत अपनी बड़ी मात्रा में बुलियन जरूरतों को आयात के जरिए पूरा करता है।
रुपये की मजबूती से घरेलू बाजार में इम्पोर्टेड बुलियन की लैंडेड कॉस्ट घट गई, जिसका असर कीमतों में गिरावट के रूप में दिखाई दिया।
एक्सपर्ट ने गिरावट पर क्या कहा?
Kotak Securities में कमोडिटी रिसर्च की असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट कायनात चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में फिर गिरावट आई है।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले से पहले डॉलर इंडेक्स 101.57 के एक महीने के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब $4,030 प्रति औंस और चांदी करीब $57 प्रति औंस के स्तर पर रही।
वहीं, HDFC Securities के रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा कि मंगलवार को सोने की कीमतें पिछले सत्र के ऊंचे स्तरों से नीचे आ गईं। उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले निवेशक सतर्क हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला।
- स्पॉट गोल्ड की कीमत $53.30 यानी 1.31% गिरकर $4,023.50 प्रति औंस रह गई।
- स्पॉट सिल्वर की कीमत करीब 2% गिरकर $57.24 प्रति औंस पर आ गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोने और चांदी में तेज गिरावट के बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तस्वीर अलग हो सकती है। महंगाई, वैश्विक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे फैक्टर अभी भी सोने के लिए सपोर्टिव बने हुए हैं।
हालांकि, छोटी अवधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को खरीदारी से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरों की दिशा पर नजर रखनी चाहिए।
(Disclaimer: सोना और चांदी की कीमतें बाजार की स्थिति, टैक्स और स्थानीय मांग के आधार पर बदल सकती हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।)


