Gold Loan Growth 2026: भारत में सोने के बदले कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय परिवारों ने महंगे होते सोने का इस्तेमाल फंड जुटाने के लिए बड़े पैमाने पर किया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 तक गोल्ड लोन में 105 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सोने की कीमतों में आई तेज उछाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच लोगों ने अपने घरों में रखे सोने को बैंकिंग सिस्टम के जरिए पैसे में बदलना शुरू कर दिया है। हालांकि, RBI ने गोल्ड लोन के तेजी से बढ़ते बाजार को लेकर कई बार सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मई 2026 तक 5.1 लाख करोड़ रुपये पहुंचा गोल्ड लोन
RBI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 तक बैंकों द्वारा सोने के गहनों के बदले दिए गए कर्ज का बकाया बढ़कर करीब 5.1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पिछले कुछ समय में गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में आई तेजी ने बैंकिंग सेक्टर का ध्यान भी आकर्षित किया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच सोने की कीमतों में तेज वृद्धि ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया। जब सोने का बाजार मूल्य बढ़ता है तो ग्राहकों को उसी मात्रा के सोने पर ज्यादा लोन मिल जाता है। यही वजह है कि कई परिवारों और छोटे कारोबारियों ने गोल्ड लोन को आसान फंडिंग विकल्प के रूप में अपनाया है।
RBI की चेतावनी के बावजूद क्यों बढ़ रहा गोल्ड लोन?
भारतीय रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन में तेज वृद्धि को लेकर बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि सोने की कीमतों में अचानक गिरावट आने पर कर्ज देने वालों और लेने वालों दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में भी गोल्ड लोन में बढ़ोतरी और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर लंबे समय तक सोने की कीमतों में गिरावट आती है तो गिरवी रखे गए सोने की वैल्यू कम हो सकती है और डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है।
सोने की कीमत बढ़ी तो बढ़ा लोन लेने का आकर्षण
पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली है। मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच सोने के प्राइस इंडेक्स में करीब 144 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
इस तेजी का असर गोल्ड लोन पर भी दिखा है। इसी अवधि में गोल्ड लोन की स्वीकृत राशि में 200 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
बैंकों का कहना है कि सोने की बढ़ी कीमतों ने ग्राहकों की उधार लेने की क्षमता बढ़ा दी है। पहले जिस मात्रा के सोने पर सीमित रकम मिलती थी, अब उसी पर ज्यादा राशि का कर्ज उपलब्ध हो रहा है।
गोल्ड लोन की औसत रकम भी हुई दोगुनी
RBI के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में गोल्ड लोन की औसत टिकट साइज बढ़कर करीब 1.96 लाख रुपये हो गई है। यह पिछले कुछ वर्षों में लगभग दोगुनी हो चुकी है।
वित्त वर्ष 2022-23 में गोल्ड लोन की औसत राशि करीब 98,000 रुपये थी। इससे पता चलता है कि अब गोल्ड लोन सिर्फ छोटे खर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोग इसका इस्तेमाल बड़े वित्तीय जरूरतों के लिए भी कर रहे हैं।
छोटे कारोबारियों के बीच भी बढ़ी मांग
बैंक अधिकारियों के मुताबिक, गोल्ड लोन का इस्तेमाल अब केवल घरेलू जरूरतों के लिए नहीं हो रहा है। छोटे और मझोले कारोबारी भी व्यापार बढ़ाने, कार्यशील पूंजी जुटाने और अचानक आई आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए सोने के बदले कर्ज ले रहे हैं।
केनरा बैंक के एमडी एवं सीईओ ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि पहले दक्षिण भारत में सोना गिरवी रखकर पैसा जुटाने की परंपरा ज्यादा प्रचलित थी, लेकिन अब यह पूरे देश में तेजी से फैल रही है।
उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग के लिए गोल्ड लोन किसी आपात स्थिति में जल्दी पैसा जुटाने का आसान माध्यम बन गया है। केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में सोना गिरवी रखकर करीब 2.59 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 30 फीसदी अधिक है।
गोल्ड लोन ने सूदखोरों से बचाया
बैंकों का मानना है कि गोल्ड लोन की बढ़ती लोकप्रियता का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि इससे कई लोगों को ऊंचे ब्याज दर वाले अनौपचारिक कर्जदाताओं से बचने में मदद मिली है।
पहले ग्रामीण और छोटे शहरों में लोग अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर निजी साहूकारों से महंगे ब्याज पर कर्ज लेते थे। अब बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) गोल्ड लोन के जरिए एक औपचारिक विकल्प उपलब्ध करा रही हैं।
लेकिन बढ़ते गोल्ड लोन में जोखिम भी मौजूद
हालांकि, गोल्ड लोन की बढ़ती मांग के साथ जोखिम भी बढ़ रहे हैं। अगर भविष्य में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आती है तो बैंक को अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को केवल सोने की बढ़ी कीमत देखकर ज्यादा कर्ज नहीं लेना चाहिए। गोल्ड लोन लेने से पहले ब्याज दर, भुगतान क्षमता और समय पर किस्त चुकाने की योजना जरूर बनानी चाहिए।
निष्कर्ष
भारत में गोल्ड लोन अब तेजी से लोकप्रिय वित्तीय विकल्प बन चुका है। महंगे सोने और आसान उपलब्धता ने इसे बढ़ावा दिया है। हालांकि, RBI की चेतावनी को देखते हुए बैंकों और ग्राहकों दोनों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सोने की कीमतों में तेजी से फायदा मिल सकता है, लेकिन बाजार में गिरावट आने पर कर्ज का बोझ बढ़ने का खतरा भी बना रहता है।


