Gold Price: भारत में सोना सिर्फ आभूषण या निवेश का जरिया नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी ताकत बन सकता है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) की एक रिपोर्ट में भारत के विशाल गोल्ड होल्डिंग को लेकर बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय परिवारों और संस्थानों के पास करीब 4 लाख करोड़ डॉलर मूल्य का सोना मौजूद है। जेफरीज का मानना है कि सोने की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आगे चलकर खपत, गोल्ड लोन और व्यापक अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।
इस बीच शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल में प्रस्तावित भाषण से पहले सतर्क नजर आए। बाजार में मुनाफावसूली का दबाव भी दिखाई दिया।
MCX पर सोने-चांदी में गिरावट
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे के आसपास MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना लगभग 716 रुपये यानी 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 1,58,282 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था।
इसी तरह सितंबर फ्यूचर्स वाली चांदी करीब 101 रुपये यानी 0.04 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 2,40,550 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव रहा। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स का दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट करीब 0.40 फीसदी गिरकर 4,627.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगे की ब्याज दर नीति को लेकर मिलने वाले संकेतों पर है।
जेफरीज ने सोने को बताया भारत की बड़ी ताकत
सोने को लेकर जेफरीज की रिपोर्ट ने भारतीय अर्थव्यवस्था में इसके महत्व को रेखांकित किया है। ब्रोकरेज के अनुसार, भारत में सोने को लेकर लोगों का भरोसा आज भी मजबूत है और देश के पास मौजूद विशाल गोल्ड स्टॉक भविष्य में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास करीब 4 लाख करोड़ डॉलर मूल्य का सोना है। यह देश के कुल इक्विटी निवेश की तुलना में करीब चार गुना बताया गया है। यही वजह है कि जेफरीज भारत के गोल्ड स्टॉक को एक बड़ी आर्थिक ताकत के रूप में देख रहा है।
सोने की कीमत बढ़ने से GDP पर भी असर
जेफरीज के अनुसार, भारत में सोने की कीमतों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होने पर GDP में करीब 0.80 फीसदी का उछाल देखने को मिल सकता है।
इसके पीछे कई वजहें हैं। सोने की कीमत बढ़ने पर परिवारों के पास मौजूद गोल्ड की वैल्यू बढ़ती है। इसके अलावा गोल्ड लोन के जरिए इस संपत्ति को आर्थिक गतिविधियों में इस्तेमाल करने की संभावना भी बढ़ती है।
आज बड़ी संख्या में लोग घर में रखे सोने को बेचने के बजाय उसके बदले गोल्ड लोन ले रहे हैं। इससे सोना एक निष्क्रिय संपत्ति के बजाय वित्तीय जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बन रहा है। जेफरीज का मानना है कि गोल्ड लोन से मिलने वाली रकम खपत और दूसरी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है।
गोल्ड की तेजी से किन कंपनियों को फायदा?
जेफरीज के मुताबिक अगर सोने की कीमतों में तेजी बनी रहती है तो इससे ज्वैलरी और गोल्ड-लेंडिंग से जुड़ी कंपनियों को फायदा मिल सकता है।
ब्रोकरेज के गोल्ड थीम में मणप्पुरम फाइनेंस को शामिल किया गया है। वहीं सिल्वर थीम में हिंदुस्तान जिंक को जगह दी गई है।
इसके अलावा जेफरीज के मॉडल पोर्टफोलियो में कंजम्पशन थीम के तहत मीशो और केमिकल थीम के तहत नवीन फ्लोरीन शामिल हैं। दूसरी ओर, ब्रोकरेज ने अपने मॉडल पोर्टफोलियो से जिंदल स्टेनलेस और अंबुजा सीमेंट को बाहर किया है।
Titan से Muthoot Finance तक को मिल सकता है फायदा
जेफरीज की राय के मुताबिक सोने की कीमतों में लगातार तेजी का फायदा कई कंपनियों को मिल सकता है। इनमें Titan, Kalyan Jewellers, MCX, IIFL Finance और Muthoot Finance जैसे नाम शामिल हैं।
ज्वैलरी कंपनियों के लिए महंगा सोना हमेशा सीधा फायदा नहीं होता, क्योंकि इससे मांग पर दबाव भी पड़ सकता है। हालांकि, मजबूत गोल्ड वैल्यूएशन, गोल्ड लोन और संबंधित वित्तीय गतिविधियों के कारण अलग-अलग कंपनियों पर इसका असर अलग हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
जेफरीज की रिपोर्ट यह बताती है कि भारत में सोना केवल एक पारंपरिक निवेश विकल्प नहीं है। देश के पास मौजूद विशाल गोल्ड स्टॉक को अगर वित्तीय प्रणाली के जरिए अधिक उत्पादक तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे खपत और आर्थिक गतिविधियों को सहारा मिल सकता है।
हालांकि, किसी भी रिपोर्ट या ब्रोकरेज की राय को निवेश की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध बाजार जानकारी और ब्रोकरेज रिपोर्ट में दिए गए विचारों पर आधारित है। इसमें व्यक्त निवेश संबंधी विचार संबंधित विशेषज्ञ/ब्रोकरेज के हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश करने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


