Gold Price Prediction: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। आमतौर पर वैश्विक तनाव, युद्ध या आर्थिक अनिश्चितता के समय सोना सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है और इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं, इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इसी बीच बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) के तकनीकी रणनीतिकारों ने सोने को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उनका मानना है कि गोल्ड चार्ट पर बने तकनीकी संकेत बताते हैं कि आने वाले हफ्तों में कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा ट्रेंड वर्ष 1980 और 2011 में आई बड़ी गिरावट जैसे पैटर्न की याद दिला रहा है।
अगस्त-सितंबर तक जारी रह सकती है कमजोरी
बैंक ऑफ अमेरिका के तकनीकी विश्लेषक पॉल सियाना के अनुसार, सोने की मौजूदा कमजोरी केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव नहीं है। उनका अनुमान है कि बाजार में गिरावट का यह दौर अगस्त और सितंबर 2026 तक जारी रह सकता है।
उनके मुताबिक, निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में नई खरीदारी करने के बजाय बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए।
सोने के चार्ट पर बना ‘डेथ क्रॉस’
विश्लेषकों की चिंता की सबसे बड़ी वजह गोल्ड चार्ट पर बना ‘डेथ क्रॉस’ (Death Cross) है।
यह तकनीकी संकेत तब बनता है जब 50-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA), 200-दिन के मूविंग एवरेज के नीचे चला जाता है। तकनीकी विश्लेषण में इसे लंबे समय की कमजोरी का संकेत माना जाता है।
बैंक ऑफ अमेरिका के अध्ययन के मुताबिक:
- 1975 के बाद जब-जब सोने में डेथ क्रॉस बना।
- लगभग 70% मामलों में अगले 40-50 दिनों के भीतर कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
- यही वजह है कि मौजूदा तकनीकी संरचना निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रही है।
ओवरबॉट होने के बाद आया करेक्शन
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कई महीनों से सोने में लगातार तेज तेजी देखने को मिली थी।
इस दौरान Relative Strength Index (RSI) लगभग 90 के स्तर तक पहुंच गया, जो बताता है कि बाजार में जरूरत से ज्यादा खरीदारी हो चुकी थी। तकनीकी भाषा में इसे Overbought Condition कहा जाता है।
जब किसी एसेट में अत्यधिक खरीदारी हो जाती है, तो अक्सर मुनाफावसूली शुरू होती है और कीमतों में करेक्शन देखने को मिलता है। फिलहाल सोने में भी इसी तरह का दबाव नजर आ रहा है।
4,000 डॉलर का अहम स्तर टूटना क्यों माना जा रहा बड़ा संकेत?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने के लिए 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर एक मजबूत तकनीकी सपोर्ट और पिवट लेवल माना जा रहा था।
इस स्तर के नीचे फिसलने के बाद तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में फिलहाल मंदी (Bearish Trend) का दबदबा बढ़ गया है।
यही कारण है कि कई ट्रेडर्स अब अगले सपोर्ट लेवल पर नजर बनाए हुए हैं।
कहां तक गिर सकता है सोना?
बैंक ऑफ अमेरिका के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार यदि मौजूदा कमजोरी जारी रहती है, तो सोने की कीमतें चरणबद्ध तरीके से नीचे आ सकती हैं।
संभावित लक्ष्य:
- पहला प्रमुख स्तर: 3,600 डॉलर प्रति औंस
- दूसरा प्रमुख स्तर: 3,315 डॉलर प्रति औंस
हालांकि यह केवल तकनीकी विश्लेषण पर आधारित अनुमान है। वास्तविक कीमतें वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स, केंद्रीय बैंकों की खरीद और भू-राजनीतिक घटनाओं से भी प्रभावित होंगी।
क्या 1980 और 2011 जैसा इतिहास दोहरा सकता है?
विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान चार्ट पैटर्न अतीत के दो बड़े करेक्शन की याद दिलाता है।
- 1980 में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने में लंबी गिरावट देखने को मिली थी।
- 2011 में भी ऐतिहासिक शिखर बनाने के बाद कई वर्षों तक कीमतें दबाव में रहीं।
हालांकि हर बाजार चक्र अलग होता है। इसलिए केवल ऐतिहासिक पैटर्न के आधार पर भविष्य तय नहीं माना जा सकता, लेकिन तकनीकी विश्लेषक इसे एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत जरूर मान रहे हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
यदि आप सोने में नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो फिलहाल बाजार की दिशा पर नजर रखना समझदारी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- जल्दबाजी में बड़ी खरीदारी से बचें।
- अगस्त और सितंबर के दौरान तकनीकी संकेतों पर नजर रखें।
- लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध निवेश (SIP या स्टैगर्ड बायिंग) की रणनीति अपना सकते हैं।
- किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और बाजार विश्लेषण के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता।


