NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    hdfc-bank-former-chairman-atanu-chakraborty-salary-resignation
    HDFC Bank के पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की इनकम का खुलासा, FY26 में मिले ₹1.07 करोड़
    12 जुलाई 2026
    kumar-mangalam-birla-rs-20000-crore-investment-odisha-alumina-refinery-expansion
    कुमार मंगलम बिड़ला का बड़ा दांव! ओडिशा में एल्यूमिना रिफाइनरी पर ₹20,000 करोड़ निवेश, 3 मिलियन टन होगी क्षमता
    12 जुलाई 2026
    hero-vida-vx2-plus-4-4kwh-electric-scooter-launched-price-range-features
    Hero Vida VX2 Plus 4.4kWh लॉन्च: 187Km की रेंज, 90Km/h टॉप स्पीड, जानें कीमत और फीचर्स
    12 जुलाई 2026
    gurugram-restaurant-party-rs-1-4-lakh-ac-water-leak-reddit-viral-post
    ₹1.4 लाख की पार्टी में AC से टपका पानी, बार-बार गई बिजली; कस्टमर की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल
    12 जुलाई 2026
    russia-oil-us-sanctions-bill-targeting-russian-oil-buyers-impact-on-india
    Russia Oil: रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका का नया प्लान, भारत के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
    11 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-price-today-11-july-2026-uae-record-crude-production-petrol-diesel-rate-india
    Petrol Diesel Price Today: UAE में रिकॉर्ड क्रूड प्रोडक्शन से नरम पड़ा तेल बाजार, जानिए आज पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
    11 जुलाई 2026
    gold-etf-investment-june-2026-amfi-data-sip-equity-mutual-fund-inflow
    ₹3,443 करोड़ की ताबड़तोड़ खरीदारी! सोना गिरते ही Gold ETF पर टूटा निवेशकों का भरोसा नहीं, बल्कि बढ़ा दांव; क्या अब फिर भागेंगे दाम?
    10 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-9-july-2026-crude-oil-jumps-us-iran-tension-city-wise-rates
    Petrol Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव से 7% उछला क्रूड ऑयल, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर; जानिए अपने शहर का रेट
    9 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-8-july-2026-crude-oil-rises-india-fuel-rates
    Petrol Diesel Price Today: ईरान-अमेरिका तनाव से चढ़ा क्रूड, जानिए 8 जुलाई 2026 के पेट्रोल-डीजल के नए रेट
    8 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-uae-opec-crude-oil-production-india-fuel-rates-7-july-2026
    Petrol Diesel Price: OPEC छोड़ने के बाद UAE ने बढ़ाया रिकॉर्ड क्रूड प्रोडक्शन, फिर भी नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
    7 जुलाई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    nse-ipo-global-investor-roadshow-october-listing-news
    NSE IPO News: 30 से ज्यादा ग्लोबल निवेशकों से मिलेगी एनएसई, अक्टूबर लिस्टिंग की तैयारी तेज
    12 जुलाई 2026
    fpi-investment-indian-stock-market-july-2026-foreign-investors-return-after-four-months
    FPI Investment: 4 महीने बाद विदेशी निवेशकों की दमदार वापसी, 5 दिन में भारतीय शेयर बाजार में लगाए ₹15,000 करोड़
    11 जुलाई 2026
    just-dial-q1-fy27-results-profit-rises-new-ceo-cfo-appointment
    Just Dial Q1 Results: ईशा अंबानी की कंपनी का मुनाफा बढ़ा, नए CEO और CFO की नियुक्ति
    11 जुलाई 2026
    ujjivan-small-finance-bank-share-price-investment-opportunity-july-2026
    Ujjivan Small Finance Bank Share: 22% चढ़ा शेयर, क्या अभी निवेश का सही मौका है?
    11 जुलाई 2026
    cochin-shipyard-share-price-investment-opportunity-after-10-percent-fall-ofs-order-book
    Cochin Shipyard Share Price: 6 महीनों में 10% टूटा शेयर, अब निवेश का सुनहरा मौका? मजबूत ऑर्डर बुक और आकर्षक वैल्यूएशन दे रहे संकेत
    11 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Gold Monetisation Scheme: क्या है गोल्ड मोनिटाइजेशन स्कीम, जिसे फिर लागू करने की मांग कर रहे देशभर के ज्वैलर्स?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Gold Monetisation Scheme: क्या है गोल्ड मोनिटाइजेशन स्कीम, जिसे फिर लागू करने की मांग कर रहे देशभर के ज्वैलर्स?

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/28 at 1:34 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
gold-monetisation-scheme-explained-jewellers-demand-relaunch
SHARE

भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि निवेश, परंपरा और भावनाओं से जुड़ी संपत्ति माना जाता है। शादी-ब्याह से लेकर त्योहारों तक भारतीय परिवार वर्षों से सोने में बचत करते आए हैं। यही वजह है कि देश में लाखों टन सोना घरों, मंदिरों और लॉकरों में निष्क्रिय पड़ा हुआ है। अब जब सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी को प्रभावी रूप से 15% तक बढ़ा दिया है, तब एक बार फिर गोल्ड मोनिटाइजेशन स्कीम (Gold Monetisation Scheme) चर्चा में आ गई है।

Contents
क्या है Gold Monetisation Scheme?कैसे काम करती है यह स्कीम?सरकार इस स्कीम को क्यों बढ़ावा देना चाहती है?स्कीम के बड़े फायदे1. निष्क्रिय सोने से कमाई2. सुरक्षा का फायदा3. लॉकर खर्च से राहत4. देश को आर्थिक फायदा5. ज्वैलरी इंडस्ट्री को फायदाफिर लोकप्रिय क्यों नहीं हो पाई यह स्कीम?स्कीम के नुकसान और जोखिम1. वही गहना वापस नहीं मिलता2. वजन कम हो सकता है3. ब्याज दरें आकर्षक नहीं4. समय से पहले निकासी के नियम जटिल5. प्रक्रिया आसान नहींज्वैलर्स अब क्या चाहते हैं?क्या आम लोगों को इस स्कीम में निवेश करना चाहिए?निष्कर्ष

दिल्ली सराफा बाजार के अध्यक्ष योगेश सिंघल समेत देशभर के कई ज्वैलर्स सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस स्कीम को नए और आसान मॉडल के साथ दोबारा मजबूत तरीके से लागू किया जाए। उनका तर्क है कि अगर घरों में पड़ा निष्क्रिय सोना बैंकिंग सिस्टम में आए तो देश का गोल्ड इंपोर्ट कम हो सकता है, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और करंट अकाउंट डेफिसिट पर भी दबाव घटेगा।

भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ता देशों में शामिल है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और सरकारी अनुमानों के मुताबिक भारतीय परिवारों और संस्थानों के पास करीब 25,000 टन सोना मौजूद है। इसके बावजूद घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत हर साल 700 टन से ज्यादा सोना आयात करता है। यही वजह है कि सरकार लंबे समय से लोगों को निष्क्रिय सोने को अर्थव्यवस्था में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करती रही है।

क्या है Gold Monetisation Scheme?

गोल्ड मोनिटाइजेशन स्कीम (GMS) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2015 में शुरू किया था। इस योजना का मकसद घरों, मंदिरों और संस्थानों में पड़े निष्क्रिय सोने को बैंकिंग सिस्टम में लाना था।

सरल भाषा में समझें तो इस स्कीम के तहत कोई भी भारतीय नागरिक अपने सोने के गहने, गोल्ड बार या कॉइन बैंक में जमा कर सकता है। बैंक उस सोने को स्वीकार करके ग्राहक को ब्याज देता है। मैच्योरिटी पूरी होने पर ग्राहक चाहे तो कैश ले सकता है या सोने के रूप में भुगतान ले सकता है।

सरकार का मानना था कि अगर लोग लॉकरों में रखा सोना बैंक में जमा करेंगे तो देश की इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी। इससे डॉलर की बचत होगी और अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।

कैसे काम करती है यह स्कीम?

गोल्ड मोनिटाइजेशन स्कीम के तहत सबसे पहले ग्राहक को किसी अधिकृत बैंक में गोल्ड डिपॉजिट अकाउंट खोलना होता है। इसके बाद ग्राहक अपना सोना बैंक द्वारा अधिकृत Collection and Purity Testing Centre (CPTC) में जमा करता है।

यहां सोने की शुद्धता की जांच होती है। जांच के बाद सोने को तौला जाता है, उसकी प्योरिटी तय की जाती है, ग्राहक की सहमति मिलने पर सोने को पिघलाकर बार में बदल दिया जाता है इसके बाद बैंक ग्राहक के खाते में उतनी मात्रा का गोल्ड जमा दर्ज कर देता है।

फिलहाल अधिकतर बैंक Short Term Bank Deposit (STBD) के तहत 1 से 3 साल की अवधि वाले विकल्प दे रहे हैं। मार्च 2025 से Medium Term और Long Term Deposit विकल्प बंद कर दिए गए हैं, जिसके बाद इस स्कीम की लोकप्रियता और कम हो गई।

सरकार इस स्कीम को क्यों बढ़ावा देना चाहती है?

भारत में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, लोग गोल्ड में निवेश बढ़ा देते हैं। लेकिन भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।

सोने का ज्यादा आयात होने से डॉलर की मांग बढ़ती है, करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ता है, रुपये पर दबाव पड़ता है, विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ सकता है हाल ही में सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर प्रभावी रूप से 15% कर दिया है। इसमें 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी, 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस शामिल है।

सरकार चाहती है कि लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराने सोने का इस्तेमाल बढ़ाएं। इसी वजह से गोल्ड मोनिटाइजेशन स्कीम को फिर से चर्चा में लाया जा रहा है।

स्कीम के बड़े फायदे

1. निष्क्रिय सोने से कमाई

आमतौर पर घर या लॉकर में रखा सोना कोई रिटर्न नहीं देता। लेकिन इस स्कीम में जमा सोने पर ब्याज मिलता है।

2. सुरक्षा का फायदा

घर में सोना रखने पर चोरी या नुकसान का खतरा रहता है। बैंक में जमा करने से सुरक्षा बढ़ जाती है।

3. लॉकर खर्च से राहत

बैंक लॉकर के सालाना चार्ज बच सकते हैं।

4. देश को आर्थिक फायदा

अगर इंपोर्ट कम होता है तो देश का विदेशी मुद्रा खर्च घट सकता है।

5. ज्वैलरी इंडस्ट्री को फायदा

बैंकिंग सिस्टम में उपलब्ध सोने का इस्तेमाल ज्वैलर्स और रिफाइनरी सेक्टर कर सकते हैं।

फिर लोकप्रिय क्यों नहीं हो पाई यह स्कीम?

हालांकि यह योजना सुनने में आकर्षक लगती है, लेकिन भारतीय परिवारों के लिए इससे जुड़ी सबसे बड़ी समस्या भावनात्मक है। भारत में गहने सिर्फ निवेश नहीं होते, बल्कि शादी की यादें, पारिवारिक विरासत, धार्मिक महत्व, भावनात्मक जुड़ाव भी रखते हैं।

जब सोना बैंक में जमा किया जाता है तो उसे पिघलाकर बार में बदल दिया जाता है। यानी ग्राहक को वही डिजाइन वाला गहना वापस नहीं मिलता। यही वजह है कि लोग अपने पारंपरिक गहने जमा करने से हिचकिचाते हैं।

स्कीम के नुकसान और जोखिम

1. वही गहना वापस नहीं मिलता

सबसे बड़ा डर यही है कि शादी या परिवार से जुड़े गहने हमेशा के लिए खत्म हो सकते हैं।

2. वजन कम हो सकता है

शुद्धता जांच के दौरान स्टोन, मीनाकारी या अन्य डिजाइन एलिमेंट हटाए जाते हैं, जिससे वजन कम हो सकता है।

3. ब्याज दरें आकर्षक नहीं

कई लोगों को लगता है कि गोल्ड की कीमत बढ़ने की तुलना में ब्याज काफी कम है।

4. समय से पहले निकासी के नियम जटिल

हर बैंक के नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

5. प्रक्रिया आसान नहीं

Purity Testing और दस्तावेजी प्रक्रिया आम लोगों को जटिल लगती है।

ज्वैलर्स अब क्या चाहते हैं?

दिल्ली और देशभर के कई ज्वैलर्स चाहते हैं कि सरकार इस स्कीम को नए मॉडल के साथ दोबारा मजबूत बनाए। इंडस्ट्री का कहना है कि प्रक्रिया आसान हो, छोटे शहरों में CPTC सेंटर बढ़ें, बेहतर ब्याज मिले, लोगों को टैक्स लाभ दिए जाएं, ज्वैलर्स, बैंक और रिफाइनरी को जोड़कर नया इकोसिस्टम बनाया जाए

उनका मानना है कि अगर सरकार सही तरीके से स्कीम को री-डिजाइन करे तो लाखों टन निष्क्रिय सोना अर्थव्यवस्था में वापस लाया जा सकता है।

क्या आम लोगों को इस स्कीम में निवेश करना चाहिए?

यह पूरी तरह व्यक्ति की जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपके पास पुराना गोल्ड पड़ा है जिसे आप इस्तेमाल नहीं करते सिर्फ निवेश के रूप में रखा है लॉकर खर्च ज्यादा है तो यह स्कीम उपयोगी हो सकती है। लेकिन अगर गहनों से भावनात्मक जुड़ाव है या पारिवारिक महत्व है, तो उन्हें जमा करना कई लोगों के लिए सही फैसला नहीं माना जाता।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश के नजरिए से यह स्कीम तभी ज्यादा सफल होगी जब सरकार इसे सरल, पारदर्शी और ज्यादा रिटर्न वाला बनाए।

निष्कर्ष

Gold Monetisation Scheme का उद्देश्य भारत के निष्क्रिय सोने को अर्थव्यवस्था में शामिल करना है ताकि गोल्ड इंपोर्ट कम हो और देश की विदेशी मुद्रा बच सके। हालांकि योजना का विचार मजबूत है, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव, जटिल प्रक्रिया और सीमित फायदे इसकी लोकप्रियता में बड़ी बाधा बने हुए हैं।

अब जब गोल्ड इंपोर्ट महंगा हो चुका है और सरकार आयात कम करने की कोशिश कर रही है, तब ज्वैलरी इंडस्ट्री चाहती है कि इस स्कीम को नए मॉडल और बेहतर सुविधाओं के साथ दोबारा प्रभावी बनाया जाए। आने वाले समय में सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है, इस पर पूरे गोल्ड मार्केट की नजर बनी हुई है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

HDFC Bank के पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की इनकम का खुलासा, FY26 में मिले ₹1.07 करोड़

कुमार मंगलम बिड़ला का बड़ा दांव! ओडिशा में एल्यूमिना रिफाइनरी पर ₹20,000 करोड़ निवेश, 3 मिलियन टन होगी क्षमता

Hero Vida VX2 Plus 4.4kWh लॉन्च: 187Km की रेंज, 90Km/h टॉप स्पीड, जानें कीमत और फीचर्स

₹1.4 लाख की पार्टी में AC से टपका पानी, बार-बार गई बिजली; कस्टमर की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल

Russia Oil: रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका का नया प्लान, भारत के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

TAGGED: Banking News, Business News Hindi, Gold Deposit Scheme, Gold Import Duty, gold investment, Gold Loan, gold market, Gold Monetisation Scheme, gold price news, Gold Scheme India, indian economy, jewellery industry, RBI
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article litchi-price-hike-india-second-largest-producer-export-low-why-costly भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लीची उत्पादक, फिर भी महंगी क्यों बिक रही लीची? जानिए उत्पादन, निर्यात और कीमत बढ़ने की असली वजह
Next Article hdfc-bank-45-crore-irregularities-report-share-price-fall HDFC Bank पर 45 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के आरोप, बैंक ने रिपोर्ट को बताया भ्रामक; शेयर 2% से ज्यादा टूटे

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Update: SBI Funds Management से लेकर Millworks Technologies तक, इन 7 IPO का लेटेस्ट GMP जानें
शेयर बाज़ार फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?