Gift Nifty Indicator: भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का कारोबारी सत्र कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। GIFT Nifty में गिरावट के बीच एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई बिकवाली ने भी घरेलू बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। ऐसे में मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की आशंका है।
हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हालिया ऊंचाई से आई नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी ने बाजार को कुछ राहत जरूर दी है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों और इसके ग्लोबल मार्केट पर पड़ने वाले असर पर है।
GIFT Nifty दे रहा है कमजोर शुरुआत का संकेत
मंगलवार सुबह करीब 7:50 बजे GIFT Nifty 57 अंक यानी 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 24,154 के आसपास कारोबार कर रहा था। GIFT Nifty में यह कमजोरी संकेत देती है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है।
इससे पहले सोमवार को भी घरेलू बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 171.72 अंक यानी 0.22 फीसदी गिरकर 77,369.11 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 32.95 अंक यानी 0.14 फीसदी की गिरावट के साथ 24,219.05 पर बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तरों से बाजार ने कुछ रिकवरी जरूर दिखाई।
अब मंगलवार को निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि शुरुआती कमजोरी के बाद निफ्टी 24,100-24,000 के सपोर्ट जोन को बचा पाता है या नहीं।
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव
मंगलवार को ज्यादातर प्रमुख एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली। निवेशक अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ उठाए गए आर्थिक कदमों का आकलन कर रहे हैं। इसके साथ ही सप्ताह के अंत में आने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के नतीजों को लेकर भी बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI इंडेक्स करीब 0.5 फीसदी नीचे रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स भी लगभग 0.9 फीसदी गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें करीब 2.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में बहुत ज्यादा हलचल नहीं रही। नैस्डैक फ्यूचर्स करीब 0.08 फीसदी नीचे था, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स लगभग सपाट रहा। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी मामूली 0.05 फीसदी की गिरावट देखी गई।
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार के शुरुआती कारोबार पर भी पड़ सकता है, खासकर तब जब घरेलू बाजार पहले से ही महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है।
अमेरिकी टेक शेयरों की कमजोरी ने बढ़ाई चिंता
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। इसका असर नैस्डैक और S&P 500 पर पड़ा। नैस्डैक कंपोजिट 0.76 फीसदी गिरकर 25,980.19 के स्तर पर बंद हुआ। S&P 500 में भी 0.28 फीसदी की गिरावट रही और यह 7,652.86 पर बंद हुआ।
हालांकि, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने बाजार के बाकी प्रमुख इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। डॉव 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 53,417.16 पर बंद हुआ।
अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी भारतीय IT और टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए भी सेंटीमेंट पर असर डाल सकती है। ऐसे में मंगलवार को निफ्टी IT समेत हाई-वैल्यूएशन वाले टेक शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेज गिरावट के बाद मंगलवार को ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 0.1 फीसदी गिरकर 92.16 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। वहीं, US WTI क्रूड करीब 85.02 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय शेयर बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
हालांकि, इस समय कच्चे तेल के बाजार में भू-राजनीतिक घटनाक्रम एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद निवेशक यह देख रहे हैं कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर कितना असर पड़ता है।
अमेरिका-ईरान तनाव पर बाजार की नजर
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को ईरान पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाना है। अमेरिकी प्रशासन ने अन्य देशों को भी तेहरान के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर चेतावनी दी है।
बाजार के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि इन प्रतिबंधों से ईरान के तेल निर्यात और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, तेल की कीमतों में इस खबर के बाद कोई बड़ा उछाल नहीं आया है। यदि क्रूड लंबे समय तक ऊंचे स्तरों पर नहीं जाता है तो भारतीय बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।
FII और DII की खरीदारी से घरेलू बाजार को सहारा
ग्लोबल बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत बनी हुई है।
24 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII नेट बायर रहे और उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में करीब 1,181 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने करीब 2,493 करोड़ रुपये का निवेश किया।
खास बात यह है कि DII ने लगातार 10वें कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी। घरेलू संस्थागत निवेशकों की यह लगातार खरीदारी बाजार में किसी भी तेज गिरावट को सीमित करने में मदद कर सकती है।
ऐसे में बाजार में एक तरफ ग्लोबल संकेतों का दबाव है, तो दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है। यही वजह है कि मंगलवार के कारोबार में शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार में रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सेंसेक्स के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
Choice Equity Broking के टेक्निकल रिसर्च VP सचिन गुप्ता के मुताबिक सेंसेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट जोन 76,800 से 76,970 के बीच है। वहीं, 77,800 से 78,000 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन के रूप में काम कर सकता है।
उनके अनुसार, सेंसेक्स फिलहाल 76,800 से 78,000 के बड़े ट्रेडिंग रेंज में रह सकता है। यदि इंडेक्स 76,800 के नीचे लगातार टिकता है तो बाजार में कमजोरी बढ़ सकती है। इसके विपरीत, 77,800-78,000 के ऊपर मजबूत रिकवरी शॉर्ट टर्म सेंटीमेंट में सुधार का संकेत दे सकती है।
इसलिए ट्रेडर्स के लिए इन दोनों जोन पर नजर रखना अहम होगा।
निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण
HDFC Securities के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक, सोमवार को एशियाई बाजारों में कमजोरी के बीच निफ्टी 50 में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और इंडेक्स करीब 32 अंक नीचे बंद हुआ।
उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को निफ्टी के 24,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट से रिकवरी के बाद बाजार पिछले कुछ सत्रों में ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया है। इससे शॉर्ट टर्म में थोड़ी कमजोरी देखने को मिल रही है।
निफ्टी के लिए फिलहाल 24,100 से 24,000 का जोन महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस क्षेत्र में आता है और यहां खरीदारी दिखाई देती है तो बाजार में दोबारा रिकवरी हो सकती है।
वहीं, 24,300 का स्तर निफ्टी के लिए अहम बाधा बना हुआ है। यदि निफ्टी लगातार 24,300 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो शॉर्ट टर्म ट्रेंड में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।
आज बाजार में क्या रणनीति रखें?
मंगलवार के लिए बाजार की तस्वीर फिलहाल मिश्रित नजर आ रही है। GIFT Nifty कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में गिरावट और अमेरिकी टेक शेयरों की कमजोरी बाजार पर दबाव डाल सकती है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक पहलू हैं।
ऐसे में शुरुआती गिरावट को देखकर जल्दबाजी में ट्रेड लेने के बजाय निफ्टी के 24,000-24,100 सपोर्ट जोन और 24,300 रेजिस्टेंस पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। बाजार यदि सपोर्ट के ऊपर टिकता है तो रिकवरी की गुंजाइश बनी रह सकती है, जबकि 24,000 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है, लेकिन दिन का रुख केवल GIFT Nifty से तय नहीं होगा। ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ FII-DII फ्लो, क्रूड ऑयल और अहम तकनीकी स्तर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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