FSSAI Action on Food Companies: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की दो खाद्य कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान एक कंपनी के परिसर में पिस्ता में जिंदा कीड़े, काला फंगस और चूहे की बीट मिली, जबकि दूसरी यूनिट में फर्श पर रखकर खाद्य सामग्री तैयार करने, गंदे पानी और खराब स्वच्छता जैसी गंभीर कमियां सामने आईं।
देश में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की निगरानी लगातार सख्त हो रही है। इसी कड़ी में FSSAI ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की दो खाद्य कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। अधिकारियों की जांच में दोनों कंपनियों की उत्पादन और स्टोरेज यूनिट में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।
जिन कंपनियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें उत्तर प्रदेश की VKC Nuts Private Limited और महाराष्ट्र की Chheda Specialities Foods Pvt Ltd शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के आसपास गंदगी, फंगस, कीड़े और खराब स्वच्छता व्यवस्था जैसी कमियां सामने आईं। FSSAI के मुताबिक इस तरह की परिस्थितियां खाद्य पदार्थों को दूषित कर सकती हैं और उपभोक्ताओं की सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
VKC Nuts के स्टोरेज एरिया में पिस्ता में मिले जिंदा कीड़े
उत्तर प्रदेश स्थित VKC Nuts की यूनिट में FSSAI के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। जांच टीम को स्टोर किए गए पिस्ता में जिंदा कीड़े मिले। खाद्य पदार्थ में इस तरह के कीड़ों की मौजूदगी सीधे तौर पर स्टोरेज और हाइजीन व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
सिर्फ इतना ही नहीं, स्टोरेज एरिया की दीवारों और छत पर काफी मात्रा में काला फंगस भी पाया गया। खाद्य प्रसंस्करण या भंडारण वाले परिसर में फंगस की मौजूदगी खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा बढ़ा सकती है।
निरीक्षण के दौरान परिसर के कई हिस्सों में चूहे की बीट भी मिली। इससे यह संकेत मिला कि यूनिट में पेस्ट कंट्रोल और स्वच्छता व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। खाद्य पदार्थों के स्टोरेज क्षेत्र में कृंतकों की मौजूदगी विशेष रूप से गंभीर मानी जाती है, क्योंकि इनके संपर्क से खाद्य सामग्री दूषित होने का जोखिम रहता है।
मशीनों में जंग, खराब फर्श और मक्खियों की भी समस्या
FSSAI की जांच में सिर्फ खाद्य पदार्थों की स्थिति ही खराब नहीं मिली, बल्कि यूनिट की आधारभूत स्वच्छता व्यवस्था में भी कई कमियां सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान कुछ मशीनों पर जंग दिखाई दी। वहीं फर्श की स्थिति भी खराब पाई गई। खाद्य पदार्थों के आसपास मक्खियां भी देखी गईं, जो खुले खाद्य उत्पादों के लिए दूषण का संभावित स्रोत बन सकती हैं।
जांच टीम को खुले क्रेट के पास अंजीर के नजदीक एक जिंदा छिपकली भी दिखाई दी। यह स्थिति खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग और परिसर में पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इसके अलावा कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। एक कर्मचारी पट्टी बंधे हाथ से अंजीर की छंटाई करता हुआ पाया गया। वहीं एक अन्य कर्मचारी जरूरी चश्मे के बिना ड्राई फ्रूट्स संभाल रहा था।
VKC Nuts को मिला सिर्फ 38% अनुपालन स्कोर
FSSAI की जांच में VKC Nuts की यूनिट को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन के मामले में सिर्फ 38 प्रतिशत का स्कोर मिला।
जांच में सामने आई कमियों को देखते हुए कंपनी के लाइसेंस को आंशिक रूप से तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। FSSAI की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य पदार्थों के उत्पादन और स्टोरेज में निर्धारित सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन किया जाए।
किसी खाद्य कंपनी के लिए केवल उत्पादन क्षमता या उत्पाद की गुणवत्ता ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि कच्चे माल की खरीद से लेकर स्टोरेज, प्रोसेसिंग, कर्मचारियों की हाइजीन और पैकेजिंग तक पूरी प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।
Chheda Specialities Foods में भी मिली गंभीर लापरवाही
महाराष्ट्र की Chheda Specialities Foods Pvt Ltd की यूनिट में भी FSSAI की टीम को खाद्य सुरक्षा नियमों से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिलीं।
निरीक्षण के दौरान कर्मचारी बेसन का आटा बिना दस्ताने के हाथों से मिला रहे थे। इसके अलावा केले को ऐसे फर्श पर छीला जा रहा था, जहां उसके पास सड़ता हुआ कचरा मौजूद था।
खाद्य सामग्री को गंदे या दूषित क्षेत्र में सीधे फर्श के संपर्क में रखना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर समस्या हो सकती है। इससे खाद्य पदार्थ में बैक्टीरिया और अन्य दूषित तत्वों के पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
तेल के टैंकों के आसपास मिला फंगस
FSSAI की जांच में Chheda Specialities Foods के परिसर में खाद्य तेल के टैंकों के आसपास भी फंगस पाया गया।
प्रोसेसिंग एरिया में गंदा पानी जमा था। इसके अलावा कीड़ों को अंदर आने से रोकने के लिए लगाई गई जाली टूटी हुई मिली। ऐसी स्थिति में बाहरी कीड़े और अन्य दूषित तत्व उत्पादन क्षेत्र में आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
जांच के दौरान परिसर में मरी हुई मक्खियां भी मिलीं। साथ ही कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
कच्चे माल को गीले और धूल भरे फर्श पर रखा हुआ पाया गया। खाद्य पदार्थों के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को साफ और सुरक्षित परिस्थितियों में स्टोर करना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Chheda Specialities Foods का अनुपालन स्कोर 42%
FSSAI की जांच में महाराष्ट्र की इस यूनिट को भी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में काफी कम स्कोर मिला। कंपनी का कंप्लायंस स्कोर 42 प्रतिशत रहा।
जांच में सामने आई कमियों को देखते हुए कंपनी के लाइसेंस को सस्पेंड किया गया है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना कंपनी की जिम्मेदारी है और गंभीर कमियों की स्थिति में नियामक कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी असुरक्षित पाए गए थे कुछ सैंपल
Chheda Specialities Foods से लिए गए कुछ खाद्य नमूनों को पहले की जांच में भी असुरक्षित या गलत लेबल वाला घोषित किया जा चुका है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी चल रही है।
इस पुराने मामले और मौजूदा निरीक्षण में सामने आई कमियों को देखते हुए कंपनी पर नियामकीय दबाव और बढ़ गया है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में केवल उत्पाद का सैंपल पास होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पादन और स्टोरेज की पूरी प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन भी जरूरी होता है।
क्यों महत्वपूर्ण है FSSAI की यह कार्रवाई?
FSSAI देश में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता के लिए प्रमुख नियामक संस्था है। बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों के लिए निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना इसका महत्वपूर्ण दायित्व है।
खाद्य पदार्थों में कीड़े, फंगस या अन्य गंदगी मिलने की स्थिति में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो सकती है। खासतौर पर लंबे समय तक खराब स्टोरेज, नमी, गंदगी या पेस्ट की मौजूदगी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
यही वजह है कि खाद्य उत्पादन इकाइयों में स्वच्छता, पेस्ट कंट्रोल, साफ पानी, सुरक्षित स्टोरेज, कर्मचारियों की व्यक्तिगत हाइजीन और मशीनरी की साफ-सफाई जैसे मानकों पर लगातार निगरानी जरूरी होती है।
लाइसेंस सस्पेंड होने का क्या मतलब है?
किसी खाद्य कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड होना सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है। इसका सीधा संबंध खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन से होता है।
इस कार्रवाई के जरिए नियामक कंपनी को यह संकेत देता है कि जब तक गंभीर कमियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
Chheda Specialities Foods का लाइसेंस तब तक सस्पेंड रहने की बात कही गई है, जब तक कंपनी आवश्यक सुधार लागू करके खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन साबित नहीं करती। वहीं VKC Nuts के मामले में आंशिक लाइसेंस निलंबन अगले आदेश तक जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है सबक?
FSSAI की इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं के लिए भी यह संदेश निकलता है कि पैक्ड या प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल ब्रांड नाम या कीमत पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेजिंग की स्थिति, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन की जानकारी और लेबल को देखना जरूरी है। यदि पैकेट फूला हुआ, क्षतिग्रस्त या संदिग्ध स्थिति में दिखाई दे तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।
किसी खाद्य उत्पाद में कीड़े, फंगस, बदबू या अन्य असामान्यता दिखाई देने पर उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और संबंधित शिकायत को उचित नियामकीय चैनल पर दर्ज किया जा सकता है।
FSSAI की कार्रवाई से कंपनियों को कड़ा संदेश
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की इन दो कंपनियों पर हुई कार्रवाई यह बताती है कि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर नियामक अब सख्त रुख अपना रहा है।
VKC Nuts में पिस्ता में जिंदा कीड़े, फंगस, चूहे की बीट, मक्खियां और अन्य स्वच्छता संबंधी कमियां मिलीं, जबकि Chheda Specialities Foods में खाद्य सामग्री की गलत तरीके से हैंडलिंग, गंदा पानी, फंगस, मरी हुई मक्खियां और खराब कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं सामने आईं।
दोनों कंपनियों को कम अनुपालन स्कोर मिलने के बाद लाइसेंस सस्पेंड करने का फैसला खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब कंपनियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार करने होंगे और यह साबित करना होगा कि उनकी उत्पादन एवं स्टोरेज व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध आधिकारिक/रिपोर्टेड जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। लाइसेंस निलंबन नियामकीय कार्रवाई है; इसे संबंधित कंपनियों के उत्पादों के हर बैच या हर उत्पाद के असुरक्षित होने के सामान्य निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


