Delhi Fake CBI Raid: दिल्ली के रोहिणी इलाके में बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ जैसी एक घटना सामने आई है। आरोप है कि 8 से 10 लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर कथित छापेमारी करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी की सूझबूझ के चलते उनका प्लान कामयाब नहीं हो सका। महिला ने घर में प्रवेश देने से पहले आरोपियों से पहचान-पत्र और वैध सर्च वारंट दिखाने को कहा। करीब 90 मिनट तक घर के बाहर खड़े रहने के बाद कथित फर्जी अधिकारी वहां से चले गए।
खुद को CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे लोग
शिकायत के मुताबिक, कुछ लोग कारोबारी के रोहिणी स्थित घर पर पहुंचे और खुद को CBI अधिकारी बताया। उस वक्त कारोबारी की पत्नी घर पर मौजूद थीं। टीम ने घर की तलाशी लेने की बात कही, लेकिन महिला ने बिना जरूरी दस्तावेज देखे उन्हें अंदर आने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
महिला ने उनसे उनकी पहचान साबित करने वाले दस्तावेज और सर्च वारंट दिखाने को कहा। आरोप है कि इसके बाद कथित अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाया और अंदर आने देने के लिए धमकाने की कोशिश की। हालांकि, महिला लगातार उनसे वैध कागजात दिखाने की मांग करती रहीं।
90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही टीम
शिकायत के अनुसार, कथित CBI टीम करीब 90 मिनट तक कारोबारी के घर के बाहर मौजूद रही। उनके इस व्यवहार से परिवार का शक और गहरा गया। इस दौरान आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए और उन्होंने कथित अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों ने भी टीम से पहचान-पत्र, सर्च वारंट और कथित रेड से संबंधित नोटिस दिखाने को कहा। बताया गया कि टीम ने दावा किया कि जरूरी दस्तावेज उनकी गाड़ी में रखे हैं। जब उनसे दस्तावेज लाकर दिखाने को कहा गया, तो वे कागजात लाने की बात कहकर वहां से चले गए।
इसके बाद वे दोबारा वापस नहीं लौटे।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
मामले की जांच में CCTV फुटेज भी अहम सबूत बन सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में लगे कैमरों में कथित टीम की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। पुलिस फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना में शामिल लोगों की संख्या और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
CCTV फुटेज से यह पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है कि घर के बाहर कितने लोग मौजूद थे और वे किस वाहन से वहां पहुंचे थे।
परिवार ने 112 पर कॉल कर पुलिस को दी सूचना
कथित टीम के चले जाने के बाद कारोबारी के परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया।
परिवार ने आरोप लगाया कि कथित अधिकारियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था। उनके पास ऐसे पहचान-पत्र भी होने का दावा किया गया, जिनसे वे खुद को CBI अधिकारी साबित करने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि इन चीजों का इस्तेमाल पूरी कार्रवाई को वास्तविक सरकारी छापेमारी जैसा दिखाने के लिए किया गया।
WhatsApp पर आया कथित फर्जी CBI नोटिस
मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। शिकायत के मुताबिक, कारोबारी की पत्नी के पिता को बाद में WhatsApp पर एक कथित नोटिस भेजा गया। परिवार का दावा है कि इस नोटिस पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर मौजूद थे।
हालांकि, बाद में यह WhatsApp मैसेज डिलीट कर दिया गया। परिवार ने पहले ही उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और उसे पुलिस को सौंप दिया। अब पुलिस इस नोटिस की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
परिवार का आरोप है कि पूरी योजना के पीछे मकसद कारोबारी के घर को CBI की अधिकृत कार्रवाई का हिस्सा दिखाकर दबाव बनाना था। हालांकि, महिला ने दस्तावेजों और पहचान का प्रमाण मांगा, जिससे कथित फर्जी टीम की योजना पर पानी फिर गया।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, कथित पहचान-पत्र, WhatsApp नोटिस और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस कथित फर्जी CBI रेड के पीछे कौन लोग थे और उनका वास्तविक मकसद क्या था।


