NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    nepal-record-electricity-export-india-bangladesh-2025
    नेपाल ने भारत और बांग्लादेश को बिजली बेचकर रचा रिकॉर्ड, बिजली निर्यात से 67% ज्यादा कमाई
    23 जुलाई 2026
    gulf-shipping-war-risk-insurance-premium-surges-impact-on-india-crude-oil-import
    खाड़ी मार्गों पर बढ़ा युद्ध का खतरा, जहाजों के बीमा प्रीमियम में 1,000% तक उछाल; भारत के कच्चे तेल आयात पर बढ़ सकता है असर
    23 जुलाई 2026
    trump-generic-medicines-200-percent-tariff-impact-on-indian-pharma-companies
    खुद के देशवासियों पर ही भारी पड़ेगा ट्रंप का जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ! इस तरह नुकसान से बच सकती हैं भारतीय कंपनियां
    23 जुलाई 2026
    edible-oil-import-bill-india-rs-1-75-lakh-crore-price-rise-reasons
    देश में ₹1.75 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है खाने के तेल का आयात बिल! सिर्फ 8 महीने में 20% बढ़े दाम, जानिए क्या हैं बड़ी वजहें
    23 जुलाई 2026
    aum-premium-natural-himalayan-alkaline-water-india
    भारत के वेलनेस ट्रेंड में हाइड्रेशन की नई सोच, AUM Premium ने पेश किया अलग नजरिया
    23 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-price-today-23-july-2026
    Petrol Diesel Price Today: होर्मुज संकट से 3% उछला कच्चा तेल, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें आज के नए रेट
    23 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-22-july-2026-brent-crude-oil-price-india
    Petrol Diesel Price Today: कच्चा तेल 91 डॉलर के पार, फिर भी 57वें दिन नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें आपके शहर का रेट
    22 जुलाई 2026
    21-july-2026-petrol-diesel-price-today
    Petrol Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, जानिए आपके शहर में आज पेट्रोल-डीजल का नया रेट
    21 जुलाई 2026
    crude-oil-price-brent-crosses-91-dollar-petrol-diesel-price-impact-india
    Crude Oil में महाउछाल! $90 के पार निकला ब्रेंट, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
    20 जुलाई 2026
    gold-silver-crude-oil-market-outlook-next-week-middle-east-tension-hindi
    गोल्ड से लेकर क्रूड ऑयल तक बड़ा अलर्ट! अगले सप्ताह मेटल मार्केट में आ सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव, जानिए किन स्तरों पर रहेगी नजर
    19 जुलाई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    bse-total-market-index-launched-india-stock-market-benchmark
    BSE Total Market Index: बीएसई ने लॉन्च किया ‘टोटल मार्केट इंडेक्स’, अब 1,000 से ज्यादा शेयरों के जरिए पूरे बाजार को ट्रैक करना होगा आसान
    23 जुलाई 2026
    google-alphabet-q2-results-record-112-billion-dollar-profit-google-cloud-spacex-anthropic
    Google ने रचा इतिहास! सिर्फ 3 महीनों में ₹1,08,14,97,00,00,000 का मुनाफा, ऐसा करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी Alphabet
    23 जुलाई 2026
    eternal-share-price-clsa-target-506-rupees-brokerages-bullish-after-q1-results
    Eternal Share Price: जून तिमाही के बाद ब्रोकरेज हुए बुलिश, CLSA ने दिया 506 रुपये का टारगेट; शेयर में 75% तक तेजी की उम्मीद
    23 जुलाई 2026
    vishal-mega-mart-share-price-q1-results-fy27-stock-falls-despite-26-percent-profit-growth
    Vishal Mega Mart Share Price: मुनाफा 26% बढ़ा, कमाई में भी डबल डिजिट ग्रोथ, फिर भी 4% टूटा शेयर; जानिए निवेशक क्यों हुए निराश
    23 जुलाई 2026
    pvr-inox-q1-results-profit-share-price-july-2026
    PVR Inox Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी PVR Inox, Q1 नतीजों के बाद शेयर में जोरदार रिकवरी; 7% तक उछला
    23 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग! एक झटके में करीब 4% उछले दाम; मध्य पूर्व में फिर तनाव बढ़ने का असर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग! एक झटके में करीब 4% उछले दाम; मध्य पूर्व में फिर तनाव बढ़ने का असर

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/28 at 6:52 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
crude-oil-price-jumps-4-percent-middle-east-tension-impact
SHARE

नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बार फिर उथल-पुथल मच गई है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष फिर से तेज होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम एक झटके में करीब 4 फीसदी तक बढ़ गए। इस तेजी ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और ईंधन की कीमतों पर पड़ता है।

Contents
कितने बढ़े कच्चे तेल के दाम?क्यों बढ़ रही हैं बाजार की चिंताएं?इजराइल-लेबनान संघर्ष ने बढ़ाई बेचैनीअमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर भी असरOPEC+ ने बढ़ाया उत्पादन, फिर भी नहीं घटी चिंताभारत पर क्या होगा असर?शेयर बाजार और रुपये पर भी पड़ सकता है दबावआगे क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मध्य पूर्व में हालात और बिगड़ते हैं या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच सकती हैं। ऐसे में भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

कितने बढ़े कच्चे तेल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 8 जून की सुबह करीब 8:30 बजे अमेरिकी क्रूड ऑयल (WTI) की कीमत 3.36 डॉलर यानी 3.72 फीसदी बढ़कर 92.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं ब्रेंट क्रूड का भाव 3.50 डॉलर यानी 3.76 फीसदी की तेजी के साथ 96.59 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया।

तेल बाजार में यह उछाल ऐसे समय आया है जब निवेशक पहले से ही मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए थे। संघर्ष बढ़ने की खबर आते ही ट्रेडर्स ने भविष्य में सप्लाई बाधित होने की आशंका को कीमतों में शामिल करना शुरू कर दिया।

क्यों बढ़ रही हैं बाजार की चिंताएं?

तेल बाजार की सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा संभालता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है।

ऊर्जा विश्लेषकों के मुताबिक यदि इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा आती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि बाजार में तनाव बढ़ते ही तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों को आशंका है कि क्षेत्रीय संघर्ष लंबा खिंच सकता है। इससे तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है।

इजराइल-लेबनान संघर्ष ने बढ़ाई बेचैनी

रविवार को इजराइल ने लेबनान के कुछ इलाकों में नए हमले किए। इन हमलों को लेकर क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया। इसके बाद ईरान समर्थित गुटों की प्रतिक्रिया ने बाजार की चिंता को और गहरा कर दिया।

बताया जा रहा है कि बेरुत में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद तेहरान ने इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं। इस घटनाक्रम ने निवेशकों को यह संकेत दिया कि स्थिति केवल सीमित संघर्ष तक नहीं रह सकती।

हालांकि अमेरिका लगातार तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान निकलता नहीं दिख रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर भी असर

ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की संभावनाओं को भी प्रभावित कर सकता है। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि क्षेत्रीय स्थिरता किसी भी व्यापक समझौते के लिए महत्वपूर्ण शर्त होगी।

यदि बातचीत आगे नहीं बढ़ती है तो ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत मिलने की संभावना भी कम हो सकती है। इससे वैश्विक बाजार में अतिरिक्त तेल आपूर्ति आने की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है।

OPEC+ ने बढ़ाया उत्पादन, फिर भी नहीं घटी चिंता

इस बीच तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC+ ने लगातार चौथी बार उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया है। संगठन ने संकेत दिया है कि बाजार को संतुलित रखने के लिए अतिरिक्त उत्पादन जारी रखा जाएगा।

हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उत्पादन बढ़ा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान जारी रहता है तो अतिरिक्त उत्पादन भी वैश्विक बाजार तक आसानी से नहीं पहुंच पाएगा।

कई OPEC+ सदस्य देश पहले से ही अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में वास्तविक आपूर्ति और घोषित उत्पादन क्षमता के बीच अंतर बना हुआ है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में किसी भी बड़ी तेजी का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

यदि ब्रेंट क्रूड लंबे समय तक 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है तो सरकार और तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन की संभावना भी बढ़ सकती है।

इसके अलावा तेल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों, उपभोक्ता वस्तुओं और औद्योगिक उत्पादन पर भी पड़ता है। इससे महंगाई दर बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है।

शेयर बाजार और रुपये पर भी पड़ सकता है दबाव

ऊंचे तेल दाम भारतीय शेयर बाजार के लिए भी चिंता का विषय हैं। तेल आयात बिल बढ़ने से चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव आ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं तो भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। कमजोर रुपया आयात को और महंगा बनाता है, जिससे महंगाई की समस्या और गंभीर हो सकती है।

इसी वजह से निवेशक अब केवल मध्य पूर्व की घटनाओं पर ही नहीं, बल्कि तेल बाजार की अगली चाल पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है?

कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह तेल बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि क्षेत्रीय तनाव कम होता है और समुद्री मार्ग सामान्य रूप से संचालित होते रहते हैं तो कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है। लेकिन यदि संघर्ष और बढ़ता है तो कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर की ओर बढ़ सकता है।

फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशकों का पूरा ध्यान मध्य पूर्व के घटनाक्रम, OPEC+ की नीतियों और वैश्विक तेल भंडार के आंकड़ों पर रहेगा।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जाए तो मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने एक बार फिर दुनिया को यह याद दिला दिया है कि ऊर्जा बाजार भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति कितना संवेदनशील है। आने वाले दिनों में तेल की कीमतों की दिशा काफी हद तक क्षेत्रीय हालात और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगी।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

नेपाल ने भारत और बांग्लादेश को बिजली बेचकर रचा रिकॉर्ड, बिजली निर्यात से 67% ज्यादा कमाई

खाड़ी मार्गों पर बढ़ा युद्ध का खतरा, जहाजों के बीमा प्रीमियम में 1,000% तक उछाल; भारत के कच्चे तेल आयात पर बढ़ सकता है असर

खुद के देशवासियों पर ही भारी पड़ेगा ट्रंप का जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ! इस तरह नुकसान से बच सकती हैं भारतीय कंपनियां

देश में ₹1.75 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है खाने के तेल का आयात बिल! सिर्फ 8 महीने में 20% बढ़े दाम, जानिए क्या हैं बड़ी वजहें

भारत के वेलनेस ट्रेंड में हाइड्रेशन की नई सोच, AUM Premium ने पेश किया अलग नजरिया

TAGGED: Brent Crude, Commodity Market, Crude Oil, energy market, Global economy, India Economy, Israel Lebanon Conflict, Middle East News, Oil Prices, OPEC+, Petrol Diesel Price
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article share-market-fall-sensex-slumps-800-points-amid-middle-east-tension Share Market Fall: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 800 अंक फिसला, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़
Next Article trump-generic-medicines-200-percent-tariff-impact-on-indian-pharma-companies गिरते बाजार में फार्मा शेयरों का जलवा! Dr Reddy, Sun Pharma समेत कई स्टॉक्स में तेजी, Gland Pharma पर एक्सपर्ट बुलिश

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: Indo-MIM से Poojaa Precision तक इन 8 IPO का ताजा GMP, किसमें मिल सकता है दमदार लिस्टिंग गेन?
शेयर बाज़ार फाइनेंस
aum-premium-natural-himalayan-alkaline-water-india
भारत के वेलनेस ट्रेंड में हाइड्रेशन की नई सोच, AUM Premium ने पेश किया अलग नजरिया
फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
wealth-leave-kuberzo-financial-wellbeing-employees-hindi
Wealth Leave: कर्मचारियों की आर्थिक भलाई को भी मिलनी चाहिए उतनी ही प्राथमिकता
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?