सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक फाइनेंशियल जर्नी इन दिनों चर्चा में है। 37 वर्षीय मैनेजमेंट कंसल्टेंट ने दावा किया है कि उन्होंने सिर्फ तीन साल में अपनी नेटवर्थ को करीब ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹7.5 करोड़ तक पहुंचा दिया। उन्होंने अपनी नौकरी, सैलरी ग्रोथ, निवेश और मिडिल ईस्ट में काम करने के अनुभव के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक भारतीय प्रोफेशनल की फाइनेंशियल जर्नी काफी चर्चा में है। 37 वर्षीय इस शख्स ने बताया कि कैसे सही करियर फैसले, हाई इनकम वाली नौकरियां और अनुशासित निवेश के जरिए उन्होंने अपनी संपत्ति को तेजी से बढ़ाया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में 22 साल की उम्र से लेकर 37 साल तक के करियर सफर, सैलरी ग्रोथ और निवेश रणनीति का पूरा ब्यौरा शेयर किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
22 साल की उम्र में शुरू हुई 10 लाख रुपये पैकेज वाली नौकरी
From ₹1 Cr at 34 to ₹7.5 Cr at 37: My Middle East Consulting Journey
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Indian_flex इस शख्स ने बताया कि उन्होंने भारत के एक टियर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई की और इसके बाद एमबीए किया। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्हें ग्रेजुएट ट्रेनी के तौर पर पहली नौकरी मिली, जिसमें उनका सालाना पैकेज करीब 10 लाख रुपये था।
एमबीए करने के बाद उन्होंने एक बड़ी मैनेजमेंट कंसल्टिंग कंपनी जॉइन की। यहां उनकी शुरुआती सैलरी करीब 25 लाख रुपये सालाना थी।
करियर स्विच से बढ़ी कमाई
29 साल की उम्र में उन्होंने कंसल्टिंग सेक्टर छोड़कर इंडस्ट्री में जाने का फैसला किया। इस बदलाव के बाद उनकी सालाना कमाई बढ़कर करीब 40 लाख रुपये हो गई।
अगले कुछ सालों में प्रमोशन और अनुभव के साथ उनकी सैलरी लगातार बढ़ती गई और करीब 5 साल के अंदर यह 65 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गई।
इस दौरान उन्होंने ईपीएफ, गोल्ड, इक्विटी और रियल एस्टेट में निवेश करते हुए करीब 1 करोड़ रुपये का नेटवर्थ तैयार कर लिया था।
मिडिल ईस्ट की नौकरी बनी बड़ा टर्निंग पॉइंट
34 साल की उम्र में उनके करियर में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने दोबारा कंसल्टिंग सेक्टर में वापसी की और मिडिल ईस्ट में नौकरी शुरू की।
उनके अनुसार, वहां उन्हें करीब 4 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 3.5 करोड़ रुपये सालाना का टैक्स-फ्री पैकेज मिला। खाड़ी देशों में इनकम टैक्स नहीं होने की वजह से उनकी सेविंग क्षमता काफी बढ़ गई।
ढाई साल में बचाए 6.5 करोड़ रुपये
37 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने दावा किया कि मिडिल ईस्ट में काम करते हुए पिछले ढाई साल में उन्होंने करीब 6.5 करोड़ रुपये बचाए।
पुराने निवेश और नई बचत को जोड़ने के बाद उनकी कुल नेटवर्थ करीब 7.5 करोड़ रुपये हो गई।
मुंबई में तीन फ्लैट और 700 ग्राम सोना
उन्होंने अपने एसेट पोर्टफोलियो की जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास मुंबई में तीन फ्लैट हैं और इन सभी प्रॉपर्टीज का लोन पूरा चुका दिया गया है।
इसके अलावा उनके पास:
- करीब 700 ग्राम सोना (फिजिकल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड)
- करीब 30 लाख रुपये का इक्विटी निवेश (शेयर और म्यूचुअल फंड)
मौजूद है।
उन्होंने बताया कि अब उनका मुख्य फोकस अपने इक्विटी पोर्टफोलियो को और बड़ा करने पर है।
अमीर बनने के लिए बताए ये सबक
अपनी कहानी से उन्होंने संकेत दिया कि सिर्फ बचत ही नहीं बल्कि इनकम बढ़ाना, सही समय पर करियर फैसले लेना और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना भी संपत्ति बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर शेयर की गई ऐसी व्यक्तिगत कहानियों को प्रेरणा के तौर पर देखना चाहिए। हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, जोखिम क्षमता और परिस्थितियां अलग होती हैं।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए गए यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और न ही यह किसी निवेश सलाह के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।


