नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह अपने अलग अंदाज और ट्रेडमार्क काले चश्मे के लिए काफी चर्चित हैं। अब उनका यह खास अंदाज संसद के अंदर भी नजर आ सकता है। नेपाल की संसद ने प्रधानमंत्री बालेन शाह को मेडिकल कारणों से सदन की कार्यवाही के दौरान काला चश्मा पहनने की अनुमति दे दी है। दरअसल, तेज रोशनी में परेशानी की शिकायत के बाद उनकी आंखों की जांच कराई गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में उन्हें जरूरत के अनुसार सनग्लास पहनने की सलाह दी गई है।
तेज रोशनी में परेशानी के बाद कराई आंखों की जांच
बालेन शाह ने हाल ही में तेज रोशनी में देखने में परेशानी की शिकायत की थी। इसके बाद काठमांडू स्थित बीरेंद्र मिलिट्री हॉस्पिटल में उनकी आंखों की जांच कराई गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, आंखों के डॉक्टर एसोसिएट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. सचित ढकाल ने उन्हें जरूरत के अनुसार सनग्लास पहनने की सलाह दी। डॉक्टर ने आवश्यकता पड़ने पर आई ड्रॉप्स इस्तेमाल करने की सलाह भी दी है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह फेडरल पार्लियामेंट सेक्रेटेरिएट को भेजी थी। इसके बाद संसद की ओर से उन्हें मेडिकल जरूरत के आधार पर चश्मा पहनने की अनुमति दी गई।
संसद के अंदर काला चश्मा पहन सकेंगे बालेन शाह
पार्लियामेंट सेक्रेटेरिएट के प्रवक्ता एकाराम गिरी के अनुसार, प्राप्त दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री को मेडिकल कारणों से चश्मे की जरूरत है। वहीं डिप्टी प्रवक्ता अनंत प्रसाद कोइराला ने भी कहा कि तेज रोशनी में जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री संसद के अंदर सनग्लास पहन सकते हैं।
इसका मतलब है कि संसद की कार्यवाही के दौरान बालेन शाह अपने ट्रेडमार्क काले चश्मे में नजर आ सकते हैं, लेकिन इसका आधार उनकी मेडिकल जरूरत होगी।
बालेन शाह का काला चश्मा बना पहचान
36 वर्षीय बालेन शाह का काला चश्मा उनकी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वह चुनावी कार्यक्रमों, सार्वजनिक आयोजनों और दूसरे सरकारी कार्यक्रमों में अक्सर काला चश्मा पहने दिखाई देते हैं।
उनके समर्थकों और आम लोगों के बीच भी उनका यह लुक काफी चर्चा में रहता है। यही वजह है कि संसद के अंदर सनग्लास पहनने का मुद्दा सामने आने के बाद इस पर भी खास ध्यान गया।
संसद में पहले उठ चुका है काले चश्मे का मुद्दा
नेपाल की संसद में काला चश्मा पहनने को लेकर विवाद इसी महीने सामने आया था। स्पीकर डोल प्रसाद आर्यल ने पार्टी व्हिप को निर्देश दिया था कि सांसद सदन के अंदर काले सनग्लास न पहनें।
बताया गया था कि संसद की कार्यवाही के दौरान काला चश्मा पहनने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, नियम में मेडिकल जरूरत वाले मामलों के लिए छूट की गुंजाइश रखी गई थी।
इसी प्रावधान के तहत बालेन शाह को मेडिकल कारणों से संसद के अंदर सनग्लास पहनने की अनुमति मिली है।
26 अगस्त को सांसदों के सवालों का जवाब देंगे बालेन शाह
बालेन शाह 26 अगस्त को नेपाल की संसद में सांसदों के सवालों का सीधे जवाब देंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली बार होगा जब वह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के इस तरह के सवाल-जवाब सत्र में शामिल होंगे।
इस सत्र के लिए 11 सांसदों ने सवाल दर्ज कराए हैं। प्रधानमंत्री की संसद में कम मौजूदगी को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं और स्पीकर की ओर से उन्हें सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
अब 26 अगस्त को जब बालेन शाह सांसदों के सवालों का जवाब देंगे, तब उनके जवाबों के साथ-साथ उनका ट्रेडमार्क काला चश्मा भी चर्चा का विषय बन सकता है।
मेडिकल जरूरत ने दिलाई छूट
कुल मिलाकर, बालेन शाह को संसद में काला चश्मा पहनने की अनुमति किसी विशेष व्यक्तिगत छूट के तौर पर नहीं, बल्कि मेडिकल सलाह के आधार पर मिली है। डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक तेज रोशनी से परेशानी होने पर उन्हें सनग्लास पहनने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में संसद की कार्यवाही के दौरान भी वह जरूरत पड़ने पर अपना ट्रेडमार्क काला चश्मा पहन सकेंगे।


